इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल में आने वाले समय में कई बड़े और क्रांतिकारी बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इन बदलावों में न केवल मैचों की संख्या में बढ़ोतरी शामिल है, बल्कि पूरे टूर्नामेंट को दो अलग-अलग चरणों में आयोजित करने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस नई व्यवस्था को पूरी तरह से लागू करने में अभी कुछ समय लग सकता है, लेकिन बीसीसीआई और आईपीएल की गवर्निंग काउंसिल इस दिशा में कदम बढ़ा चुकी है। वर्तमान में आईपीएल का आयोजन मार्च के अंत से शुरू होकर मई तक चलता है, लेकिन भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इस कार्यक्रम में बदलाव की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
मैचों की संख्या 74 से बढ़कर 94 होने की संभावना
आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे लोकप्रिय क्रिकेट लीग है। इसकी सफलता को देखते हुए दुनिया के अन्य देशों में भी इसी तरह की लीग शुरू हुई हैं और आईपीएल की महत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी ने इसके लिए एक अलग से विंडो निर्धारित की है। जब आईपीएल का आयोजन होता है, तब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कैलेंडर में बहुत कम मैच रखे जाते हैं। वर्तमान में आईपीएल के एक सीजन में कुल 74 मैच खेले जाते हैं। आने वाले दिनों में इन मैचों की संख्या को बढ़ाकर 94 करने की योजना पर पहले से ही चर्चा चल रही है। लेकिन इतने बड़े स्तर पर मैचों का आयोजन एक ही स्ट्रेच में करना आसान नहीं होगा, विशेषकर तब जब अप्रैल और मई के महीनों में भारत के अधिकांश हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ती है।
दो चरणों में आईपीएल का आयोजन
अप्रैल और मई की भीषण गर्मी और उमस के कारण खिलाड़ियों को इंजरी यानी चोट लगने की समस्या भी बढ़ जाती है। इसी समस्या का समाधान निकालने के लिए आईपीएल को दो फेज में बांटने पर विचार किया जा रहा है। आईपीएल के चेयरमैन अरुण कुमार धूमल ने स्पोर्ट स्टार के साथ एक विशेष बातचीत में इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि यदि आईसीसी के फ्यूचर टूर प्रोग्राम और ब्रॉडकास्टर्स के साथ बातचीत सही दिशा में आगे बढ़ती है, तो आईपीएल के एक सीजन को दो हिस्सों में विभाजित किया जा सकता है और इस योजना के तहत पहला फेज फरवरी के आखिर से लेकर अप्रैल तक आयोजित किया जा सकता है, जबकि दूसरा फेज सितंबर से लेकर अक्टूबर तक खेला जा सकता है।
सितंबर अक्टूबर के फेज से होने वाले फायदे
सितंबर और अक्टूबर के समय को दूसरे फेज के लिए चुनने के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं। इस दौरान भारत में मौसम काफी सुखद हो जाता है क्योंकि मानसून विदा हो चुका होता है और हल्की ठंड की शुरुआत हो रही होती है। इसके अलावा, अक्टूबर का महीना भारत में त्योहारों का सीजन होता है। इस दौरान देश की बड़ी-बड़ी कंपनियां विज्ञापनों पर भारी खर्च करती हैं। त्योहारों के इस मौसम में आईपीएल के मैचों का आयोजन होने से ब्रॉडकास्टर्स और आईपीएल को जबरदस्त वित्तीय लाभ मिलने की संभावना है। बीसीसीआई इस प्रस्ताव पर बहुत गंभीरता से विचार कर रहा है।
कब से लागू हो सकता है यह नया नियम
आईपीएल को दो फेज में कराने की यह योजना अभी शुरुआती स्तर पर है। इसे अमलीजामा पहनाने के लिए आईसीसी और अन्य क्रिकेट बोर्ड्स के साथ तालमेल बिठाना होगा और अगर साल 2027 के बाद अगले चक्र के लिए आईपीएल को उपयुक्त विंडो मिल जाती है, तो यह बदलाव हकीकत बन सकता है। इसका अर्थ यह है कि साल 2028 या 2029 से क्रिकेट प्रेमियों को साल में दो बार आईपीएल का रोमांच देखने को मिल सकता है। फिलहाल 74 मैचों के साथ मौजूदा फॉर्मेट जारी रहेगा, लेकिन 94 मैचों के लक्ष्य को पूरा करने के लिए दो फेज वाली यह रणनीति सबसे कारगर मानी जा रही है।