नई दिल्ली / चीन सीमा के पास अक्टूबर में थल सेना और वायुसेना के 5 हजार जवान युद्धाभ्यास करेंगे

AMAR UJALA : Sep 11, 2019, 03:51 PM

नई दिल्ली. भारतीय सेना की माउंटेन स्ट्राइक कॉर्प्स के पांच हजार से अधिक जवान अक्टूबर में अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा के निकट युद्धाभ्यास करेंगे। देश के पूर्वी मोर्चे पर युद्ध जैसी स्थितियों का अभ्यास करने के लिए इन सैनिकों की तैनाती होगी। 17 माउंटेन स्ट्राइक कॉर्प्स का हाल ही में गठन किया गया है। पहली बार चीन सीमा के निकट इस तरह का युद्धाभ्यास होगा। इसकी तैयारी पूर्वी कमांड पिछले पांच-छह महीने से कर रही थी।

सेना सूत्रों ने न्यूज एजेंसी को बताया, “युद्धाभ्यास में तेजपुर के 4 कॉर्प्स के जवानों को शामिल किया जाएगा। 17 माउंटेन कॉर्प्स के करीब 2500 जवानों को भारतीय वायु सेना के द्वारा एयरलिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए वायुसेना के नवीनतम ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सी-17, सी-130जे सुपर हरक्युलस और एएन-32 का इस्तेमाल होगा।

इन जवानों को पश्चिम बंगाल के बागडोगरा से अरुणाचल प्रदेश के युद्ध क्षेत्र में भेजा जाएगा। 17 माउंटेन स्ट्राइक कॉर्प्स के जवानों को 59 माउंटेन डिवीजन से लाया जाएगा और उन्हें टैंक, युद्ध के वाहन और लाइट हाउविट्ज़र मशीनों से लैस किया जाएगा।

आईबीजी दुश्मन को ध्वस्त करने में ज्यादा सक्षम

सूत्रों ने बताया कि चीन से लगे पहाड़ी क्षेत्रों में युद्ध के समय 17 माउंटेन स्ट्राइक कॉर्प्स को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स (आईबीजी) में बदला जा सकेगा। इसके लिए सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत की नवीनीकरण की प्रक्रियाओं को अपनाया जा रहा है। एक बार जब यह आईबीजी में बदल जाएगा, तब यह दुश्मन के ठिकानों को ज्यादा प्रभावी तरीके से निशाना बनाने और उन्हें ध्वस्त करने की क्षमता हासिल कर लेगा।

आईबीजी ब्रिगेड का नेतृत्व करेगा

आईबीजी का आकार एक डिवीजन से छोटा होगा और यह इंफैंट्री, टैंक रेजीमेंट्स, तोपें, इंजीनियर्स और सिग्नल्स आदि को एकजुट कर पाएगा। यह युद्ध में दुश्मन मोर्चे को ध्वस्त करने में ब्रिगेड का नेतृत्व कर पाएगा। आईबीजी की पहली टुकड़ी 9 कॉर्प्स से तैयार की जाएगी। यह अभी पंजाब में पाकिस्तान सीमा पर तैनात है। दो अन्य आईबीजी को 17 माउंटेन स्ट्राइक कॉर्प्स और 33 कॉर्प्स से तैयार किया जाएगा। ये वर्तमान में पूर्वोत्तर में चीनी सीमा पर युद्ध के लिए तैनात हैं।