विश्व / पाकिस्तान से भागी एक लड़की, अमेरिका जाकर बोली- वहाँ महिलाओं पर हो रहे अत्याचार

AMAR UJALA : Sep 20, 2019, 03:04 PM

वाशिंगटन. पाकिस्तान में महिलाओं पर किस तरह के अत्याचार होते हैं इसके आए दिन उदाहरण सामने आते रहते हैं। इसी बीच पाकिस्तान से एक युवती भागकर अमेरिका पहुंच गई है। उसे पाकिस्तानी अधिकारियों ने छुपकर जीने पर मजबूर कर दिया था। वह अगस्त में भागकर अमेरिका पहुंच गई और उसने अमेरिका से राजनीतिक शरण देने को कहा है। इस युवती का नाम गुलालाई इस्माइल है।

इस्माइल को पाकिस्तानी अधिकारियों ने इसलिए निशाने पर लिया है क्योंकि उन्होंने देश की सेना द्वारा किए जाने वाले अत्याचारों को उजागर किया था। उनपर पाकिस्तान ने राजद्रोह का आरोप लगाया गया था जिसके बाद वह भागकर अमेरिका आ गईं। रिपोर्ट के अनुसार वह वर्तमान में अपनी बहन के साथ ब्रूकलिन में रह रही हैं। उन्होंने अभी तक यह नहीं बताया है कि वह कैसे पाकिस्तान से भागकर आईं क्योंकि उनका कहना है कि उन्होंने किसी भी हवाई अड्डे से उड़ान नहीं भरी है।

इस्माइल ने कहा, 'मैं आपको इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दूंगी। मेरी देश से भागने की कहानी बहुत से लोगों की जान को खतरे में डाल सकती है।' वहीं कोई भी राजनेता इसपर टिप्पणी ककरने से बच रहा है। न्यूयॉर्क में इस्माइल ने कुछ प्रमुख मानवाधिकार रक्षकों और कांग्रेस नेताओं के कर्मचारियों से मिलना शुरू कर दिया है। पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि उसके पीछे सुरक्षा अधिकारी थे लेकिन उसका पता नहीं लगाया जा सका। 

इमरान खान से मांगी थी सुरक्षा

इस्माइस ने पाकिस्तानी सेना द्वारा यौन शोषण की घटनाओं को उजागर करने की कोशिश की थी। देश की महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाने की वजह से उनपर देशद्रोह का आरोप लगाया गया। महिला कार्यकर्ताओं के एक समूह ने प्रधानमंत्री इमरान खान को पत्र लिखकर इस्माइल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की थी। उन्होंने अपने ऊपर लगे देशद्रोह के मामले को गलत बताया है।

सेना के खिलाफ आवाज उठाने पर बनाया निशाना

गुलालाई ने कहा कि उन्हें केवल इसलिए निशाना बनाया गया है क्योंकि उन्होंने पाकिस्तानी सेना की जबरदस्ती के खिलाफ आवाज उठाई है। गुलालाई के पाकिस्तान से भागकर अमेरिका जाने की खबर ऐसे समय पर सामने आई है जब पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में होने वाले कथित मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर अतंरराष्ट्रीय समुदाय का साथ पाने की भरपूर कोशिश कर रहा है लेकिन उसे हर जगह से निराशा ही मिली है। 

पाकिस्तान ने किया है ब्लैकलिस्ट

न्यूयॉर्क के डेमोक्रेट सीनेटर चार्ल्स शूमर ने गुलालई के शरण देने वाले अनुरोध का समर्थन करते हुए कहा कि वह इसके लिए कुछ भी करेंगे। ये साफ है कि उनका जीवन खतरे में पड़ जाएगा। पश्तून तहफ्फुज आंदोलन (पीटीएम) की कार्यकर्ता गुलालाई पर आतंकवाद निरोधी कानूनों के तहत देशद्रोह के आरोप लगाए गए हैं। 27 मई को राज्य विरोधी भाषण देने के मामले में इमरान सरकार ने उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया था।