विशेष / क्लासमेट के पास नहीं थे अच्छे जूते, बेटी के कहने पर मां ने 1500 जूते छात्रों में बांटे |

Dainik Bhaskar

Aug 08, 2019, 01:25 PM

आर्कन्सस (अमेरिका). पेशे से वकील 37 साल की कैरी जर्निगन अपने तीन बच्चों के साथ पेलेस स्टोर से छुटि्टयों पर जाने के लिए शॉपिंग कर रही थी। तभी उनकी 9 साल की बेटी हार्पर अवेंजर थीम पर आधारित एक जोड़ी जूते उठा लाई। उसने मां कैरी से इसे खरीदने के लिए कहा।

मां ने कहा, यह जो जूते तुम लाई हो, वह लड़कों के लिए हैं। इस पर बेटी ने बताया, "उसकी कक्षा में एक लड़का है, जिसे अवेंजर थीम बहुत पसंद हैं, लेकिन उसके जूते बहुत खराब और छोटे होने लगे हैं। वह नए जूते खरीद नहीं सकता है।" फिर बेटी ने पूछा, "क्या आप उसके लिए जूते खरीदेंगी।"

बेटी की हमदर्दी ने कैरी को कुछ बड़ा करने का आइडिया दिया

बेटी की बात सुनकर मां ने जाना, उनकी बेटी का दिल बहुत बड़ा है। जरूरतमंदों के लिए उसकी हमदर्दी ने कैरी को कुछ बड़ा करने का आइडिया दिया। बेटी का उत्साह बढ़ाने के लिए कैरी ने पेलेस स्टोर के क्लर्क से जूतों के पूरे स्टोर को एक साथ खरीदने के बारे में पूछा, लेकिन तब तक स्टोर के बंद होने का समय हो गया था। क्लर्क ने कहा, स्टोर बंद हो रहा है, आप अपना नंबर दे दें। हम बाद में बात करेंगे।

अगले दिन कैरी के पास के पेलेस के जिला प्रबंधक का फोन आया। उसने कहा, हमारे पर अवेंजर्स थीम के नए जूतों की हाल ही में बड़ी सप्लाई आई है। आप बताएं कितने जोड़ी जूते खरीदने हैं। 200 या फिर 300। कैरी ने 1500 जोड़ी जूतों का ऑर्डर दिया। डिस्काउंट के साथ इसका बिल करीब 14 लाख 85 हजार (21000 डॉलर) रुपए का बना।

कुछ ही घंटों में पेलेस स्टोर से 1500 जोड़ी जूते कैरी के घर आ गए। इतनी संख्या में जूतों के डिब्बों से कैरी के घर का एक कमरा दुकान के तरह भर गया। अब इन जूतों को जरूरतमंद बच्चों में बांटा जा रहा। इसी से जुड़ा एक कार्यक्रम अल्मा मिडल स्कूल की जिम में 10 अगस्त को होगा। स्कूल के बच्चों को जूते वितरित के कार्यक्रम में कैरी जेरिजन्स भी पहुंचेगी।

तय है ये बच्चे दयालु जरूर बनेंगे

कैरी जर्निगन ने मीडिया को बताया, अगर आप उन बच्चों से पूछते हैं कि बड़े होने पर वे क्या बनना चाहते हैं, तो वे दयालु ही कहते। इसलिए, मुझे परवाह नहीं है कि वे जीवन में क्या करेंगे, लेकिन यह तय है कि वे अच्छा इंसान बनकर दिखाएंगे।

मीडिया में खबर आने के बाद कई लोगों ने गो फंड के जरिए कैरी को हजारों डॉलर दान में दिए। कैरी ने बताया, एक व्यक्ति जिसको वह जानती भी नहीं थी वह आकर उनके हाथ में 70 हजार (1000 डॉलर) रुपए देकर चला गया।