बिजनेस / Bank Merger: 10 को मिलाकर बनेंगे 4 बैंक, किस बैंक के ग्राहक पर क्या और कैसे पड़ेगा असर

Dainik Jagran : Sep 08, 2019, 04:59 PM

बिजनेस डेस्क। पिछले दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बैंकों के मर्जर का एलान किया। वित्त मंत्री की घोषणा के मुताबिक, 10 बैंकों को मिलाकर चार बैंक बनाए जाएंगे। इन बैंकों को 55,250 करोड़ रुपये दिये जाएंगे। इसमें से अकेले पंजाब नेशनल बैंक को 16,000 करोड़ रुपये मिलेंगे। पंजाब नेशनल बैंक, ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक का एक में विलय होगा। पंजाब नेशनल बैंक एंकर बैंक होगा। इसी तरह यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, आंध्रा बैंक और कॉर्पोरेशन बैंक मिलकर एक बैंक का गठन होगा, जो देश का पांचवां सबसे बड़ा पीएसयू बैंक होगा। जिसका बिजनेस 14.59 लाख करोड़ होगा।

इंडियन बैंक का विलय इलाहाबाद बैंक के साथ किया जाएगा और इस तरह यह देश का सातवां सबसे बड़ा पीएसयू बैंक बन जाएगा। इसका बिजनेस 8.08 लाख करोड़ होगा। केनरा बैंक और सिंडिकेट बैंक का भी विलय किया जाएगा, जो देश का चौथा सबसे बड़ा पीएसयू बैंक होगा। इसका बिजनेस 15.20 लाख करोड़ होगा। इससे पहले विजया बैंक और देना बैंक का बैंक ऑफ बड़ौदा में विलय हो चुका है। बैंकों के विलय से ग्राहकों पर सीधे तौर से इसका असर होगा। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ऐसी उम्मीद की जा रही है कि बैंकों के विलय को इस वित्त वर्ष के अंत तक निपटा लिया जाएगा।

अगर आप भी विलय होने वाले बैंकों के ग्राहक हैं तो आप पर इसका क्या असर होगा

अकाउंट नंबर और नया कस्टमर आईडी मिलने की संभावना

आपको एक नया खाता नंबर और कस्टमर आईडी मिल सकती है। आपके लिए यह देखना जरूरी होगा कि आपका ईमेल पता/ और मोबाइल नंबर आपके बैंक के साथ अपडेट है ताकि आपके खाता संख्या में बदलाव की सूचना आप तक पहुंच सके। आपके सभी खातों को एक सिंगल कस्टमर आईडी में टैग किया जाएगा। अगर आपका खाता ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया में है तो आपको इसके जगह पर एक अकाउंट नंबर दिया जाएगा।

ऑटो-क्रेडिट/ डेबिट के लिए खाते की डिटेल

हो सकता है कि आपने विभिन्न ट्रांजेक्शन के लिए अपना बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड दिया हो। इन ट्रांजेक्शन में ईसीएस के जरिए डिविडेंड का ऑटो क्रेडिट, सैलरी का ऑटो क्रेडिट, बिल/चार्ज इत्यादि के लिए ऑटो डेबिट शामिल है। एंकर बैंक के फाइनेंशियल सिस्टम के साथ दूसरे बैंकों का पूरी तरह विलय हो जाने पर ऐसी चीजों के लिए अपने बैंक अकाउंट के ब्योरे को बलदने की जरूरत पड़ सकती है। जिन ग्राहकों को नया अकाउंट नंबर या आईएफएससी कोड दिया जाएगा, उन्हें विभिन्न थर्ड पार्टी एंटिटी के साथ इन ब्योरों को अपडेट करना होगा।

ब्रांच और एटीएम पर क्या होगा असर

विलय के बाद बना बैंक किसी इलाके में दो ब्रांच होने पर उनमें से एक को बंद कर सकता है। इसलिए जरूरी है कि अपने ब्रांच से जुड़े नए आईएफएससी कोड और एमआईसीआर कोड के बारे में पता लगाएं।

डेबिट/क्रेडिटकार्ड

एंकर बैंक में विलय हो रहे बैंकों के जारी क्रेडिट/डेबिट कार्ड को बदलना पड़ सकता है। मान लीजिये आप ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक के ग्राहक हैं या इनमें से किसी एक के ग्राहक हैं और इन बैंकों का मर्जर एंकर बैंक PNB में हो रहा है तो आपको बैंक पुराने कार्डों की जगह नए कार्ड जारी कर सकता है।