विश्व / कांग्रेस की सरकार ने कहा था कि आरएसएस के कैंपों में आतंक की ट्रेनिंग दी जाती है: इमरान खान

NavBharat Times : Sep 28, 2019, 07:07 AM

UNGA | संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के भाषण में की अगुवाई वाले यूपीए सरकार के गृहमंत्री के जिक्र से देश में '' पर फिर से बवाल मच सकत है। इमरान ने अपने भाषण में का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार के गृह मंत्री ने कहा था कि आरएसएस के कैंपों में आतंक की ट्रेनिंग दी जाती है। इमरान के इस भाषण के बाद बीजेपी एक बार फिर से कांग्रेस द्वारा हिंदुओं को बदनाम किए जाने का मुद्दा उठा सकती है।

सुशील कुमार शिंदे के बयान का यूएन में जिक्र

इमरान ने यूएन में अपने भाषण के दौरान कहा, 'पिछली कांग्रेस सरकार के गृहमंत्री ने कहा था कि आरएसएस के कैंपों में आतंकी बनने की ट्रेनिंग दी जाती है।' आपको बता दें कि साल 2013 में तत्कालीन गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा था कि उनके पास इस बात की रिपोर्ट है कि बीजेपी और संघ के ट्रेनिंग कैंप में हिंदू आतंकवाद की ट्रेनिंग दी जाती है। हालांकि कुछ ही घंटे बाद ही शिंदे अपनी बात से पलट गए थे। इसके बाद शिंदे सफाई देते हुए कह दिया कि उन्होंने हिंदू आतंकवाद नहीं बल्कि भगवा आतंकवाद कहा था।

फिर गरमा सकता है 'हिंदू आतंकवाद' का मुद्दा

इमरान के बयान के बाद माना जा रहा है कि देश में एक बार फिर हिंदू आतंकवाद को लेकर आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति शुरू हो सकती है। उस दौरान भी बीजेपी ने तत्कालीन गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे को बर्खास्त किए जाने की मांग की थी। बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने आरोप लगाया था कि 'हिन्दू आतंकवाद' संबंधी शिंदे के बयान ने पाकिस्तान और आतंकवादियों को अपना हित साधने का मौका दिया है।

पाकिस्तान ने राहुल के बयान का भी किया था जिक्र

इससे पहले भारत पर कथित मानवाधिकार हनन के आरोप लगा रहे पाकिस्तान ने 115 पेज का दस्तावेज तैयार किया था। यूएनएचआरसी में पाकिस्तान की ओर से पेश किए गए दस्तावेज में राहुल गांधी के बयान का जिक्र किया गया था। पाकिस्तान के दस्तावेज में राहुल गांधी के उस बयान को शामिल किया गया था जो उन्होंने आर्टिकल 370 समाप्त किए जाने के 20 दिन बाद दिया था। तब राहुल गांधी ने कहा था, 'कश्मीर के लोगों की स्वतंत्रता और उनके संवैधानिक अधिकारों को समाप्त किए आज 20 दिन हो चुके हैं। विपक्षी नेता और मीडिया सत्ता के क्रूर स्वरूप को देख रहे हैं और जम्मू-कश्मीर के नागरिकों पर बर्बरता से बल प्रयोग किया जा रहा।'