Bihar Elections / सोनिया गांधी का बड़ा बयान- बिहार सरकार अहंकार में डूब चुकी है और अपने रास्ते से भटक गई

Zoom News : Oct 27, 2020, 10:50 AM
Bihar Elections: कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर एक वीडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने बिहार और केंद्र की सरकारों को 'बंदी सरकार' करार दिया है। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि बिहार सरकार अहंकार में डूब चुकी है और अपने रास्ते से भटक गई है। कांग्रेस अध्यक्षा ने कहा कि एनडीए सरकार की ना तो उनकी करनी अच्छी है और ना ही कथनी।

सोनिया गांधी ने आरोप लगाया कि मज़दूर आज मजबूर है। किसान आज परेशान है। नौजवान आज निराश है। अर्थव्यवस्था की नाज़ुक स्थिति लोगों के जीवन पर भारी पड़ रही है। धरती के बेटों पर आज गंभीर संकट है। दलितों और महादलितों को बेहाली की कगार पर लाकर छोड़ दिया गया है। समाज के पिछड़े वर्ग भी इसी बदहाली के शिकार हैं।

सोनियां गाधी ने कहा कि बिहार की जनता की आवाज कांग्रेस महागठबंधन के साथ है। उन्होंने इसे आज के बिहार की पुकार बताया है। आपको बता दें कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों बिहार विधानसभा चुनाव के लिए रैली कर रहे हैं। कल भी उनकी दो रैली आयोजित होने जा रही है।

सोनिया गांधी ने अपने संदेश में दिल्ली और बिहार की सरकार कों ‘बंदी सरकार’ करार दिया है। उन्होंने कहा, 'नोटबंदी, तालाबंदी, व्यापारबंदी, आर्थिकबंदी, खेत-खलिहान बंदी, रोटी-रोजगार बंदी। इसीलिए, बंदी सरकार के खिलाफ अगली नस्ल और अगली फसल के लिए एक नए बिहार के निर्माण के लिए, बिहार की जनता तैयार है। अब बदलाव की बयार है। क्योंकि बदलाव जोश है, ऊर्जा है, नई सोच है और शक्ति है। अब नई इबारत लिखने का समय आ गया है।'

कांग्रेस अध्यक्षा ने आगे कहा,  'बिहार के हाथों में गुण है, हुनर है, ताकत है, निर्माण की शक्ति है, लेकिन बेरोजगारी, पलायन, महंगाई, भुखमरी ने उनकी आंखों में आंसू और पैरों में छाले दे दिए हैं। जो शब्द कहे नहीं जा सकते, उसे आंसुओं से कहना पड़ता है। भय, डर, खौफ, अपराध के आधार पर नीति और सरकारें खड़ी नहीं की जा सकतीं।'

सोनिया गांधी ने कहा, 'बिहार भारत का आईना है, एक आशा है। भारत का विश्वास है, जोश है - जुनून है। बिहार भारत की शान भी है और अभिमान भी। बिहार के किसान, युवा, मजदूर, भाई और बहनें सिर्फ बिहार में नही बल्कि पूरे भारत और दुनिया के कोने कोने में हैं। आज वही बिहार अपने गांव, कस्बे, शहरों, खेतों और खलिहानों में अपनी शान और भविष्य के लिए नए बदलाव को तैयार है। इसीलिए तो मैंने कहा कि बदलाव की बयार है। वोट की स्याही वाली उंगली अब सवाल लेकर खड़ी है। सवाल बेरोज़गारी का है। सवाल खेती बचाने का है। सवाल रोटी और रोजगार का है। सवाल शिक्षा और सेहत का है। सवाल उद्योग-धंधे का है। सवाल बेलगाम अपराध पर रोक लगाने का है। सवाल तानाशाही शासन पर है। इसलिये आज वक्त है - अंधेरे से उजाले की ओर, झूठ से सच की ओर, वर्तमान से भविष्य की ओर बढ़ने का।'

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