इंडिया / महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पर खींचतान के बीच आरएसएस चीफ मोहन भागवत से मिले देवेन्द्र फडणवीस

Live Hindustan : Nov 06, 2019, 07:18 AM

मुंबई | महाराष्ट्र में सरकार के गठन को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच गतिरोध 11 दिन बाद भी खत्म नहीं हुआ है। दोनों दलों के बीच मुख्यमंत्री पद के लिए खींचतान बढ़ गई है।

इधर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार की शाम को नागपुर पहुंचकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत से भी मुलाकात की। सूत्र बताते हैं कि इस दौरान उन्होंने राज्य में सरकार के गठन को लेकर चर्चा की। हालांकि, इस बातचीत की आधिकारिक तौर पर जानकारी नहीं दी गई है।

मंगलवार को राज्य भाजपा की कोर कमेटी की बैठक के बाद पार्टी के नेता चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि उन्हें शिवसेना के प्रस्ताव का इंतजार है। मगर, मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई समझौता नहीं होगा। वहीं, शिवसेना नेता संजय राउत ने फिर कहा कि मुख्यमंत्री तो उनकी पार्टी का ही होगा।

महाराष्ट्र में मौजूदा सरकार का कार्यकाल 8 नवंबर को खत्म हो जाएगा। इससे पहले नई सरकार का गठन जरूरी है। मगर, गठबंधन में चुनाव लड़ने वाली भाजपा और शिवसेना के बीच सरकार बनाने के लिए अब तक सहमति नहीं बन पाई है। भाजपा को चुनाव में 105 सीटें हासिल हुई हैं, इसलिए सबसे बड़े दल के नाते मुख्यमंत्री पद वह अपने पास रखना चाहती है।

वहीं, शिवसेना को 56 सीटें मिली हैं, मगर उसका दावा है कि लोकसभा चुनाव के समय हुए गठबंधन के दौरान राज्य में बराबर की साझेदारी पर सहमति बनी थी। इसी फार्मूले के आधार पर वह ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद की मांग पर अड़ी है।

भाजपा ने लिखित आश्वासन की मांग नकारी

मंगलवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आवास पर हुई राज्य भाजपा की कोर कमेटी की बैठक के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि उन्हें शिवसेना के प्रस्ताव का इंतजार है। इसके बाद शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि वह भाजपा के साथ बातचीत से पहले लिखित आश्वासन चाहते हैं, जिसमें ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनाने की बात हो। इस पर भाजपा नेता गिरीश महाजन ने कहा कि मुख्यमंत्री पद साझा करने का लिखित आश्वासन देने का सवाल ही पैदा नहीं होता।

जल्द मिलेगी अच्छी खबर

इस बीच, भाजपा के नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि सरकार बनाने के संबंध में अच्छी खबर जल्द मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र भाजपा की पहली कोशिश शिवसेना के साथ गठबंधन सरकार बनाने की है। ऐसा न होने पर वह सबसे बड़े दल के नाते सरकार बनाने की तैयारी में भी है। दोनों ही स्थितियों में मुख्यमंत्री उसका ही होगा।

गडकरी निकाल सकते हैं समाधान

भाजपा के सहयोगी आरपीआई (ए) के प्रमुख व केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी महाराष्ट्र में मौजूदा स्थिति का समाधान तलाश सकते हैं। क्योंकि, सभी पार्टी के लोग उनका सम्मान करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद की अपनी मांग पर शिवसेना को हठी नहीं होना चाहिए। इस पद पर भाजपा का वाजिब हक है।