विश्व / पाकिस्तान में हिंदू मेडिकल छात्रा का हत्या से पहले किया था बलात्कार : पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट

AMAR UJALA : Nov 07, 2019, 03:00 PM

वर्ल्ड डेस्क | पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदू डेंटल कॉलेज के छात्रावास के अपने कमरे रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाई गई हिंदू छात्रा की असल में हत्या की गई थी। साथ ही हत्या से पहले छात्रा से बलात्कार किया गया था। छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।

बता दें कि गत 16 सितंबर को सिंध प्रांत के बीबी आसिफा डेंटल कॉलेज में अंतिम वर्ष की छात्रा अपने कमरे में मृत पाई गई थी। उसे उसकी सहेलियों ने सबसे पहले देखा था। वह गर्दन में रस्सी से फंदा लगाकर पंखे से लटकी मिली थी।

चंडका मेडिकल कॉलेज अस्पताल (सीएमसीएच) की महिला मेडिको-लीगल ऑफिसर (डब्ल्यूएमएलओ) डॉ. अमृता ने बुधवार को जारी छात्रा की अंतिम पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बताया है कि लड़की की हत्या करने से पहले उसका यौन शोषण किया गया था।

शव परीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, छात्रा की मौत दम घुटने से हुई थी। शव परीक्षण के दौरान गर्दन पर मिले निशानों से इस बात का खुलासा हुआ। डॉ. अमृता ने कहा कि इस तरह के निशान या तो गला घोंटने या फांसी देने पर बनते हैं और इनका परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के माध्यम से पता लगाया जा सकता है।

एक डीएनए परीक्षण में मृतका के कपड़ों पर पुरुष के वीर्य के अवशेष मिले हैं। इसके अलावा छात्रा के गुप्तांग की जांच में भी बलात्कार किए जाने की बात रिपोर्ट में कही गई है। बता दें कि इससे पहले आई शव परीक्षण रिपोर्ट में इसे आत्महत्या का मामला बताया गया था, जिस पर कई मेडिको-लीगल विशेषज्ञों ने सवाल भी उठाए थे।

कराची में स्वास्थ्य विभाग के मेडिको-लीगल सेक्शन के विशेषज्ञों और अधिकारियों ने भी माना है कि पहले की ऑटोप्सी रिपोर्ट में कई खामियां थीं और कई तथ्यों को ध्यान में नहीं रखा गया।

उन्होंने कहा कि छात्रा के गले पर बना निशान दुपट्टे से गला घोंटे जाने के कारण नहीं बना था। विशेषज्ञों ने कहा था कि पोस्टमार्टम के निष्कर्ष आत्महत्या दिखाते हैं, लेकिन गले पर निशान कुछ और ही घटना के बारे में दर्शाते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि यह भी संदिग्ध था कि पांच फीट ऊंची लड़की खुद को छत के पंखे से लटकाने में कैसे कामयाब रही, जो कि करीब 15 फीट की ऊंचाई पर था। इससे पहले, लरकाना शहीद मोहतरमा बेनजीर भुट्टो मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति अनीला अत्ता उर रहमान ने दावा किया था कि 25 वर्षीय छात्रा ने आत्महत्या की है।

हालांकि, कराची के डॉव मेडिकल कॉलेज में चिकित्सा सलाहकार के तौर पर कार्यरत छात्रा के भाई ने कहा था कि छात्रा के गले के निशाने बताते हैं कि उसने आत्महत्या नहीं की है।

बता दें छात्रा की मौत से आक्रोशि लोगों और उसके परिवार वालों ने निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर काफी बड़ा विरोध प्रदर्शन भी किया था। इसके बाद सिंध प्रांत के उच्च न्यायालय ने 18 सितंबर को मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे।

लरकाना जिला और सत्र न्यायाधीश की देखरेख में मामले की जांच की जा रही है। पाकिस्तान की कुल आबादी में से करीब दो फीसदी हिंदू समुदाय के लोग हैं, जो मुख्य रूप से सिंध प्रांत में बसे हुए हैं। यहां से समय—समय पर जबरन धर्म परिवर्तन की खबरें सामने आती रहती हैं।