लाइफस्टाइल / अर्थव्यवस्था में सुस्ती का संकेत दे रही लिपस्टिक की बढ़ती बिक्री

NavBharat Times : Aug 29, 2019, 01:43 PM

मुंबई. भारत में लिपस्टिक की खूब बिक्री हो रही है। लैक्मे और लॉरिआल जैसे ब्रैंड्स के लिपस्टिक की बिक्री दोहरे अंकों की गति से बढ़ी है। बेशक, कॉस्मैटिक इंडस्ट्री के लिए यह खुशी की बात है, लेकिन क्या यह अर्थव्यवस्था में मंदी का संकेत भी है? 'लिपस्टिक इंडेक्स' के मुताबिक यह सुस्ती की ओर ही इशारा कर रहा है। इस फॉर्म्युले के मुताबिक मंदी में लिपस्टिक की बिक्री बढ़ जाती है। ऐसा माना जाता है कि मंदी के दौरान महिलाएं कपड़ों और अन्य महंगे फैशन की बजाय लिपस्टिक पर अधिक खर्च करती हैं। 

'लिपस्टिक इंडेक्स' का प्रयोग सबसे पहले 'एस्टी लॉडर' के पूर्व चेयरमैन लियोनार्ड लॉडर ने वर्ष 2000 की आर्थिक मंदी के दौरान कंपनी की कॉस्मेटिक बिक्री में हुई वृद्धि को समझाने के लिए किया था। भारत में, उपभोक्ता इस समय गाड़ी या टिकाऊ उपभोग की वस्तुओं की खरीद को टाल रहे हैं, लेकिन लिपस्टिक जैसी छोटी विलासिता के सामान खरीद रहे हैं।

लैक्मे ऑनर HUL की वाइस प्रेजिडेंट (स्किन केयर ऐंड कलर्स) प्रभा नरसिम्हन ने कहा, 'कलर कॉस्मेटिक सुस्ती से अछूत है, इसके पीछे एक कारण यह भी है कि कंज्यूमर यूसेज अभी भी कम है। जैसे-जैसे महिलाएं ब्रैंड्स के प्रति जागरूक हो रही हैं, वे अपग्रेड होना चाहती हैं। कई ब्रैंड्स कुछ अधिक कीमत पर प्रीमियम प्रॉडक्ट्स उपलब्ध करा रहे हैं।' 

कॉस्मेटिक्स की डिमांड बढ़ने की वजह से ब्रैंड्स हर लॉन्च में 15-25 शेड्स उतार रहे हैं। एक दशक पहले तक यह कुछ शेड्स तक अटका था। नरसिम्हन ने कहा, 'यदि हम उपभोक्ताओं के पूरे समूह को देखें तो प्रशंसक उपभोक्ता हर कलेक्शन में से 5-7 लिपस्टिक लेते हैं, जबकि कुछ उपभोक्ता ऐसे भी हैं जो साल में 1-2 लिपस्टिक ही लेते हैं।' 

लॉरिआल की 35-40% बिक्री कलर कॉस्मेटिक्स में होती है। कंपी के डायरेक्टर (कंज्यूमर प्रॉडक्ट्स डिविजन) असीम कौशिक ने कहा कि कलर कॉस्मेटिक की बिक्री 'ऊंचे दोहरे अंकों' में बढ़ रही है। कौशिक ने कहा, 'एक महिला के ड्रॉर में आप लिपस्टिक और पाउडर जरूर पाएंगे।' टॉप ब्यूटी रिटेलर नयका के मुताबिक कंज्यूमर मेकअप पर लगातार खर्च कर रहे हैं। नयका के चीफ बिजनस ऑफिसर निहिर पारिख ने कहा, 'हमारे लिए बिजनस पहले की तरह चल रहा है। 6-12 महीनों में ग्रोथ में कोई बदलाव नहीं होगा।' नयका की वृद्धि 2018-19 में 115% रही। 

बिक्री में वृद्धि के ये भी हैं कारण 

-लो बेस की वजह से कलर कॉस्मेटिक में वृद्धि के लिए पर्याप्त जगह। 

-उपभोक्ता के पास छोटे खर्च के लिए पैसे हैं। 

-फैशन अवेयरनेस बढ़ रही है, ऑनलाइन 'हाउ टू विडियोज' से भी मदद। 

-ई-कॉमर्स की वजह से टियर-2, 3 शहरों में भी उपलब्धता हुई है।