Ind vs Aus / भारत की पहले बैटिंग, पंत-शार्दुल की जगह मनीष-सैनी टीम में शामिल

AajTak : Jan 17, 2020, 01:10 PM

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला राजकोट में खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीत लिया है ओर पहले बॉलिग करने का निर्णय लिया है, मुंबई में खेले गए पहले वनडे में मिली 10 विकेट से हार के बाद भारतीय टीम के लिए चुनौतियां बढ़ गई हैं। ऑस्ट्रेलिया ने वानखेड़े में जिस तरह का प्रदर्शन किया था उसने एक तरह से मेजबान टीम की कई कमियों को उजागर किया था। और अब विराट कोहली की कप्तानी वाली भारतीय टीम दूसरे वनडे में चुनौतीपूर्ण वापसी की कोशिश में होगी। 

पहले मैच के बाद कोहली ने भी माना था कि यह ऑस्ट्रेलियाई टीम बेहद मजबूत है और इसके खिलाफ वापसी करना कठिन चुनौती होगा। सौराष्ट्र क्रिकेट संघ स्टेडियम में भारतीय टीम इस चुनौती को कैसे पार करती है यह देखना बेहद दिलचस्प होने वाला है। 

राजकोट में टीम इंडिया का रिकॉर्ड

वनडे इंटरनेशनल की बात करें, तो मेजबान भारत का राजकोट के सौराष्ट्र क्रिकेट संघ (SCA) स्टेडियम में रिकॉर्ड बेहद खराब है। इस स्टेडियम में अब तक दो वनडे मुकाबले खेले जा चुके हैं और भारत को दोनों मौकों पर पराजय झेलनी पड़ी है। । 

भारत ने 11 जनवरी 2013 को एससीए स्टेडियम पर इंग्लैंड के खिलाफ पहला वनडे खेला था जिसमें उसे नौ रन से पराजय झेलनी पड़ी थी। उसके बाद 18 अक्टूबर 2015 को दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ इसी मैदान पर टीम इंडिया 18 रनों से हारी। 

भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में पहला मैच हार चुकी है। ऑस्ट्रेलियाई टीम ने यहां भारत के खिलाफ 10 अक्टूबर 2013 को एक टी-20 मैच खेला, जिसमें उसे शिकस्त मिली। ऑस्ट्रेलिया ने इस मैदान पर पहला मैच सात अक्टूबर 1986 को खेला, जिसमें उसने सात विकेट से जीत दर्ज की। 

कोहली का कहना कि यह ऑस्ट्रेलियाई टीम बेहद मजबूत है इस बात को पूरा क्रिकेट जगत वानखेड़े स्टेडियम में देख चुका है। ऑस्ट्रेलिया ने न तो भारत को बड़ा स्कोर खड़ा करने दिया और इससे भी बुरा उसे एक भी विकेट नहीं लेने दिया। जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी जैसे गेंदबाजों के रहते डेविड वॉर्नर और एरॉन फिंच की सलामी जोड़ी आसानी से रन बनाती रही और भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसाती रही। 

राजकोट में कोहली के सामने हालांकि सबसे बड़ी चुनौती बल्लेबाजी क्रम है। सही मायनों में देखा जाए तो यह नई परेशानी नहीं है। विश्व कप के पहले ही भारत के मध्य क्रम और निचले क्रम की कलई कई बार खुलती रही है। मुंबई वनडे उस संख्या में इजाफा था, जिसने बता दिया था कि भारतीय मध्य क्रम और निचले क्रम में शीर्ष गेंदबाजों से निपटने का दम अभी तक नहीं आया है।

इसके अलावा शीर्ष क्रम में बल्लेबाजों के स्थानों को लेकर भी माथापच्ची होनी है। रोहित शर्मा, शिखर धवन और केएल राहुल के रूप में तीन सलामी बल्लेबाजों के रहते हुए कौन कहां खेलेगा यह सिरदर्द बना है। मुंबई में रोहित और धवन ने ओपनिंग की थी तो राहुल नंबर-3 खेले थे।कोहली को इस कारण चौथे नंबर पर आना पड़ा था। 

कोहली के इस नंबर पर आने की कई पूर्व खिलाड़ियों ने आलोचना की थी और यह तक कहा था कि कोहली को नंबर-3 पर ही खेलना चाहिए। राजकोट में बहुत मुमकिन है कि कोहली अपने पुराने स्थान पर खेलें। अब देखना यह है कि सलामी बल्लेबाजी कौन करता है। संभावना है कि रोहित और धवन सलामी जोड़ी के रूप में रहेंगे और राहुल नंबर-4 पर खेलें।

केएल राहुल का खेलना तय है। इसका एक कारण यह है कि उन्हें दूसरे मैच में बतौर स्पेशलिस्ट विकेटकीपर के तौर पर खिलाया जाएगा, क्योंकि ऋषभ पंत चोट के कारण दूसरे मैच में नहीं खेलेंगे। पहले मैच में उन्हें सिर में चोट लगी थी और इसी कारण वह पहले मैच में फील्डिंग करने नहीं उतरे थे। वानखेड़े में भी राहुल ने विकेटकीपिंग की थी। अब देखना होगा कि पंत के स्थान पर टीम में कौन आता है। 

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