जयपुर / जयपुर के मेल्स सबसे ज्यादा खर्च करते हैं फेयरनेस क्रीम पर

Dainik Bhaskar : Aug 03, 2019, 12:08 PM

जयपुर. कहने को किसी भी फंक्शन के लिए तैयार होने में पुरुषों से ज्यादा समय महिलाओं को लगता है। अपने चारों ओर ही देखिए, या तो महिलाओं के लिए बन रहे फैशनेबल प्रोडक्ट्स के एडवरटाइजमेंट हैं या उन्हें ही सुन्दर दिखाने के ढेर सारे तरीके। लेकिन इन सब धारणाओं के बावजूद मेंस ग्रुमिंग में दिल्ली के बाद सबसे ज्यादा अगर एक्सपेंडिचर किसी शहर में हो रहा है तो वो जयपुर में। जानकर हैरानी हुई होगी! कैशकरो की लेटेस्ट रिसर्च में सामने आया कि मेंस ग्रुमिंग में दिल्ली एनसीआर के बाद सबसे खर्चीला गुलाबी शहर है। जहां फेयरनेस क्रीम, बियर्ड ऑइल, बियर्ड शैम्पू, जेल, ग्रुमिंग किट जैसे प्रोडक्ट्स सबसे ज़्यादा खरीदे जाते हैं।

ग्रुमिंग पर हर महीने 2 हजार खर्च 

जयपुर में 18 से 25 साल की उम्र के 46 फीसदी मेल्स हर महीने करीब 2 हजार का खर्चा ग्रुमिंग पर करते हैं। इसी ग्रुप का 48 परसेंट फेयरनेस क्रीम का शौकीन है। कैशकरो की को-फाउंडर स्वाति भार्गव ने बताया कि हालांकि यह डेटा बहुत हैरान करने वाला है लेकिन यह नॉन कॉस्मोपॉलिटन सिटीज के नेचर को दर्शाता है। जहां मेंस ग्रुमिंग का मार्किट मुंबई दिल्ली से भी ज़्यादा सक्रिय है। वहीं यूके के ब्रांड टोनी एंड गाए के जयपुर मैनेजर अनिल ने बताया कि हर महीने 8 से 10 कस्टमर्स हेयर ट्रीटमेंट व स्किन केयर में फेशियल के लिए आते हैं। जिसे उनकी स्किन के मुताबिक कस्टमाइज किया जाता है। स्किन व हेयर केयर के एक सिटिंग की कीमत 5 हज़ार से शुरू होकर 12 हज़ार तक जाती है।

80 परसेंट शॉपिंग होती है ऑनलाइन 

वैसे तो जयपुर में कई इंटरनेशनल ब्रांड्स के आउटलेट्स आ चुके हैं लेकिन फिर भी कुल शॉपर्स में से 80 परसेंट ऑनलाइन शॉपिंग को प्राथमिकता देते हैं। जिसकी वजह उन्होंने समय की कमी और आनॅलाइन मिलने वाली रेंज को बताया। वहीं सर्वे में यह भी सामने आया कि पिछले पांच सालों में सोशल मीडिया व सैलरी पैकेज की बढ़ोतरी के चलते 75 फीसदी पुरुष पहले से ज़्यादा अब ग्रुमिंग पर हर महीने खर्चा करते हैं। इसपर एफ सेलून के ओनर दुष्यंत बील ने बताया कि जयपुर में बियर्ड व हेयर केयर का चलन पहले से बढ़ा है। जिसमें भी सिस्टीन ट्रीटमेंट के लिए हर महीने 4 से 5 कस्टमर्स आते हैं। साथ ही नो शेव कैंपेन के क्रेज में बियर्ड स्पा भी पसंद किया जाता है।

इंडिया में फ़िलहाल मेल ग्रुमिंग इंडस्ट्री की वैल्यू 16 करोड़ 800 तक पहुंच चुकी है। लेकिन एसोचैम के अनुसार यह आगे आने वाले तीन सालों में 45 फीसदी बढ़ कर 35 करोड़ तक जा सकता है।