एजुकेशन / परीक्षा में स्मार्टवॉच और आईफोन इस्तेमाल को लेकर पायलट पर लगा आजीवन प्रतिबंध

Zoom News : Sep 05, 2019, 10:18 AM

विमानन क्षेत्र के नियामक नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने मुम्बई के एक पायलट के परीक्षा में मोबाइल फोन और स्मार्ट घड़ी जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिये नकल करते पाये जाने पर उसके इस परीक्षा में बैठने पर आजीवन रोक लगा दी। यह बात एक आधिकारिक आदेश में कहा गया है।

भारतीय वाणिज्यिक पायलट का लाइसेंस (सीपीएल) हासिल करने के लिये इस परीक्षा में पास करना जरूरी होता है।

डीजीसीए ने मंगलवार को एक अलग आदेश में गुंटूर के एक पायलट के परीक्षा में बैठने पर दो वर्ष की रोक लगा दी। उक्त पायलट के पास गत 24 जुलाई को परीक्षा के दौरान एक मोबाइल फोन मिला था।

नियामक ने मुम्बई के पायलट महबूब समदानी मोहम्मद मुमताज खान को जारी आदेश में कहा, ‘‘परीक्षा के दौरान आपने अनुचित साधनों का इस्तेमाल किया और आपके पास दो मोबाइल फोन, एक स्मार्ट घड़ी और एक कनेक्टिंग डिवाइस मिला था।’’

खान के पास विदेशी वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस है और वह मुम्बई में गत 26 जुलाई को सीपीएलसीजी के तहत ‘एयर रेग्यूलेशन’ का पेपर दे रहे थे।

भारतीय सीपीएल प्राप्त करने के लिए, विदेशी सीपीएल रखने वाले पायलट के लिए यह आवश्यक है कि वह डीजीसीए द्वारा अनुमोदित सीपीएलसीजी श्रेणी की परीक्षा उत्तीर्ण करे। सीपीएलसीजी श्रेणी के तहत, पायलट को एयर नेविगेशन कम्पोजिट पेपर और एक एयर रेगुलेशन पेपर की परीक्षा में बैठना पड़ता है।

नियमों के अनुसार, पायलट के पास इन परीक्षाओं के दौरान कोई इलेक्ट्रॉनिक सामान जैसे मोबाइल फोन या स्मार्ट वॉच नहीं होना चाहिए।

गुंटूर के पायलट सी एस नागेश्वर राव पर डीजीसीए ने अपने आदेश में कहा, ‘‘परीक्षा के दौरान आपके पास मोबाइल फोन मिला था।’’

राव के पास एक विदेशी सीपीएल था और वह 24 जुलाई को सीपीएलसीजी श्रेणी के तहत एयर नेविगेशन कंपोजिट का पेपर दे रहे थे।