लाइफस्टाइल / करोड़ी समाज के लोग न थाने जाते हैं, न कचहरी; साल में एक बार महापंचायत में अमानवीय फैसले लेते हैं

Dainik Bhaskar

Jul 22, 2019, 11:24 AM

समस्तीपुर (बिहार).  समस्तीपुर से सटे शंभूपट्‌टी गाछी में करोड़ी समाज के लोगों की पांच दिवसीय महापंचायत रविवार से शुरू हुई। इसमें समाज के सभी लोग अपने सभी विवाद निपटाते हैं। ये लोग न थाने जाते हैं और न कचहरी। रविवार को हत्या और घरेलू विवाद से जुड़े चार केस में सुनवाई की गई। इनमें खंभे से बांधने, उल्टा कर खंभे से लटकाने और महिलाओं के सिर के बाल कटाने तक की सजा दी गई। साथ में लाखों में आर्थिक जुर्माना भी लगाया गया। 

हालांकि, करोड़ी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमल करोड़ी ने बताया, "वे कानून की इज्जत करते हैं। पंचायत में मानवाधिकार का हनन नहीं होता है। समाज के लोग आपस में बैठक कर समाज में सामने आने वाले मामलों को अपने स्तर पर समाधान खोज लेते हैं।" वे दावा करते हैं कि करोड़ियों के समाज में यह पंचायत मुगल काल से चली आ रही है। पहले जंगल में पंचायत लगती थी। अब प्रत्येक साल अलग-अलग जिलों में महापंचायत लगती है। इस पंचायत में स्थानीय पंचायत से स्थानांतरित होकर मामला पहुंचता है। 

चार मामलों की सुनवाई हुई 

मधुबनी के वसंत करोड़ी और रिंकू कुमार पर हत्या का आरोप था। बहस के बाद वसंत और रिंकु को दोषी माना गया। फैसला लिया गया कि वसंत के मुंह पर कालिख लगाई जाए। सिर पर बेल बांधा और उसे न्याय के खंभे के सहारे धूप में बांध कर लटका दिया। रिंकू के चेहरे पर भी कालिख पोत कर बाल काट दिए। पंचों ने दोनों पर 1.51 लाख रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया।

मधुबनी के ही बिरजू करोड़ी द्वारा अपनी सास कुपनी देवी से शादी करने का मामला सामने आया। इन्हें भी सामाजिक मर्यादा का दोषी पाया गया। बिरजू को धूप में खंभे से बांध कर लटका दिया। वहीं, कुपनी देवी के के बाल काट दिए और पंचायत में घुमाया। दोनों पर चार लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। 

तीसरा केस समस्तीपुर जिले के हसनपुर के दुधपुरा गांव के लालू करोड़ी और उसकी मां सोमनी देवी का था। मां-बेटे पर वेश्यावृति कराने के आरोप पर मुकदमा चला। दोषी पाने पर इन्हें भी इसी तरह की सजा दी गई। 

चंपारण के निठ्‌ठू धामन पर भाई की हत्या का आरोप था। उसके भी चेहरे पर कालिख पोत कर धूप में खंभे से बांध कर लटकाया गया। वहीं, पंचों ने 51 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।