इंडिया / मजूमदार शॉ ने पुछा ई सिगरेट बैन की घोषणा स्वास्थ्य मंत्रालय को छोड़ वित्त मंत्रालय ने क्यों की?

Dainik Jagran : Sep 19, 2019, 04:44 PM

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा ई-सिगरेट पर पाबंदी की घोषणा पर शीर्ष महिला उद्योगपतियों में शुमार किरण मजूमदार शॉ ने सवाल उठाया है। शॉ ने कहा कि ई-सिगरेट पर पाबंदी की घोषणा स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से की जानी चाहिए थी। वित्त मंत्री ने शॉ के इस ट्वीट का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने इस मुद्दे पर मंत्रिसमूह की चेयरमैन होने के नाते ई-सिगरेट पर बैन का ऐलान किया।सीतारमण ने कहा कि वित्त मंत्री के रूप में वह इकोनॉमी में नयी जान डालने की दिशा में काम कर रही हैं और इसको लेकर किये जाने वाले उपायों पर समय-समय पर अपनी बात रख रही हैं।

शॉ ने ट्वीट कर कहा है, ''वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ई-सिगरेट को बैन कर दिया है। क्या इसकी घोषणा स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से नहीं की जानी चाहिए थी?....''

सीतारमण ने ट्विटर पर ही दिया जवाब

वित्त मंत्री ने शॉ के ट्वीट पर जवाब देते हुए कहा, ''किरण जी, कुछ चीजें हैं। कैबिनेट के फैसलों के बारे में जानकारी देने के लिए प्रेस कांफ्रेंस की गयी थी। मैंने शुरुआत में ही कहा था कि इस मुद्दे पर मंत्रिसमूह की अध्यक्ष होने के नाते मैं वहां थी। डॉक्टर हर्षवर्धन एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के लिए देश से बाहर हैं।''

सीतारमण ने कहा कि उनके साथ सूचना-प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर भी थे। इसके अलावा अधिक विवरण देने के लिए स्वास्थ्य सचिव भी वहां मौजूद थीं। वित्त मंत्री ने शॉ से कहा कि ये सभी प्रोटोकॉल का हिस्सा है, जिसका पालन सरकार की ओर से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया जाता है।  

उल्लेखनीय है कि केंद्रीय कैबिनेट ने ई-सिगरेट पर बैन से जुड़े अध्यादेश को बुधवार को अपनी मंजूरी दे दी। इसके साथ ही देश में ई-सिगरेट के प्रोडक्शन, मैन्यफैक्चरिंग, इम्पोर्ट/एक्सपोर्ट, ट्रांसपोर्ट, सेल, डिस्ट्रीब्यूसन, स्टोरेज और एडवरटाइजिंग पर प्रतिबंध लग गया है। ई-हुक्का को प्रतिबंधित कर दिया गया है। 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि ई-सिगरेट लोगों और खासकर युवाओं के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। इसलिए केंद्रीय कैबिनेट ने ई-सिगरेट और संबंधित उत्पादों को बैन करने का फैसला किया है। सीतारमण इस मुद्दे पर ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स की अगुवाई कर रही थीं।