स्वास्थ्य / कीमोथेरेपी के कारण बालों के झड़ने से निजात दिलाएगा कैंसर का नया उपचार

Zoom News : Sep 14, 2019, 11:17 AM

कैंसर के इलाज के लिए कीमोथेरेपी सबसे ज्यादा प्रचलित ट्रीटमेंट है। मगर कीमोथेरेपी का एक नुकसान ये है कि मरीज के शरीर के बाल झड़ जाते हैं। आमतौर पर हम बालों के बिना अपने शरीर की कल्पना करने से भी डरते हैं। कीमोथेरेपी ट्रीटमेंट के दौरान मरीज के सिर ही नहीं, बल्कि शरीर के सारे बाल जैसे- रोएं, पलकें, भौहें आदि सभी झड़ जाते हैं। कैंसर के कुछ मरीज इस बात को लेकर चिंतित भी होते हैं और डिप्रेशन का शिकार हो जाते हैं कि बिना बालों के वो कैसे दिखेंगे। मगर हाल में वैज्ञानिकों के एक समूह ने एक ऐसा तरीका खोजा है, जिसमें कीमोथेरेपी ट्रीटमेंट के बाद भी मरीज के बाल नहीं झड़ेंगे।

कैंसर के नए इलाज में नहीं झड़ेंगे बाल

ये रिसर्च 'EMBO Molecular Medicine' नाम के जर्नल में छापा गया है। इस रिसर्च में बताया गया है कि कैंसर के इलाज के दौरान जो दवाएं मरीजों को दी जाती हैं, उनसे बाल स्थायी रूप से झड़ जाते हैं। लेकिन इस Hair Loss को रोका जा सकता है। इसके लिए रिसर्च टीम में कुछ नए तरह की दवाएं बताई हैं, जो कैंसर के इलाज के दौरान होने वाले सेल डिवीजन को रोक देती हैं, जिसके कारण मरीज के बालों पर इन दवाओं को कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। इसके लिए खास अवरोधकों (Inhibitors) का इस्तेमाल किया जाएगा, जिन्हें CDK4/6 नाम दिया गया है। इन नए ट्रीटमेंट के तरीके को 'टारगेटेड ट्रीटमेंट' (Targeted Treatment of Cancer) कहा गया है।

क्यों झड़ते हैं कीमोथेरेपी के दौरान बाल?

कीमोथेरेपी द्वारा कैंसर के इलाज के दौरान मरीज को दवाएं दी जाती हैं, बालों के झड़ने का कारण वही दवाएं हैं। दरअसल कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जो व्यक्ति के शरीर के किसी खास हिस्से में कोशिकाओं (Cells) को प्रभावित करती है। कैंसर हो जाने पर प्रभावित सेल्स तेजी से बंटती जाती हैं और फैलती जाती हैं और धीरे-धीरे शरीर के स्वस्थ सेल्स को भी अपना शिकार बनाने लगती हैं। कीमोथेरेपी के दौरान दी जाने वाली Cytostatic drugs ऐसी दवाएं हैं, जो कैंसर सेल्स को बंटने से रोकती हैं और उन्हें नष्ट करती हैं। लेकिन इन दवाओं का असर उन स्वस्थ कोशिकाओं पर भी पड़ता है, जो तेजी से बंटते हैं। इनमें ही Hair Follicles भी शामिल हैं, जिनके कारण हमारे बाल बढ़ते हैं। कीमोथेरेपी की दवाएं इन Hair Follicles को नष्ट कर देती हैं, जिससे मरीज के शरीर के सारे बाल झड़ जाते हैं।

कैंसर के इस इलाज से कम होगी मरीजों की तकलीफ

शोधकर्ताओं ने बताया कि कीमोथेरेपी दवाओं के प्रयोग से बालों के झड़ने का डर मरीजों में अक्सर देखा जाता है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीज पहले ही तनाव और चिंता में होते हैं। ऐसे में हमेशा के लिए बालों को खोने का डर उन्हें और ज्यादा चिंतित कर देता है। जिसके कारण कई बार मरीज डिप्रेशन में चले जाते हैं। मगर इस इन नई दवाओं की खोज से न सिर्फ मरीजों का इलाज आसान होगा बल्कि उनकी चिंता भी कम होगी। कैंसर के इलाज के बाद मरीज सामाजिक जिंदगी में आसानी से घुल-मिल पाएंगे और पहले जैसी जिंदगी जी सकेंगे।

SUBSCRIBE TO OUR NEWSLETTER