Virat Kohli / साउथ अफ्रीका से हार नहीं, ये है विराट कोहली के कप्तानी छोड़ने की असली वजह? दादा से अनबन की भी चर्चा

Zoom News : Jan 17, 2022, 03:36 PM
विराट कोहली ने साउथ अफ्रीका से टेस्ट सीरीज हारने के एक दिन बाद ही टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान पद से इस्तीफा दे दिया। साउथ अफ्रीका ने केपटाउन टेस्ट में भारत को 7 विकेट से मात देते हुए टेस्ट सीरीज पर 2-1 से कब्जा जमा लिया।

धोनी के इस्तीफे के बाद विराट 2015 में टीम इंडिया के टेस्ट कप्तान बने थे। उनका इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब महज एक महीने पहले ही BCCI ने उन्हें वनडे की कप्तानी से भी हटा दिया था। इससे पहले पिछले साल सितंबर में कोहली ने टी-20 की कप्तानी छोड़ने का ऐलान करते हुए सबको चौंका दिया था। कोहली के इस फैसले ने फैंस और क्रिकेट जानकारों दोनों को हैरान किया है।

चलिए जानते हैं कि क्या है विराट कोहली के अचानक टेस्ट कप्तानी छोड़ने की वजह? क्या BCCI से विवाद और रोहित से अनबन है कारण? कैसा रहा कप्तान के तौर पर कोहली का रिकॉर्ड?

क्या कोहली vs गांगुली विवाद है इसकी वजह?

विराट के टेस्ट कप्तानी पद से हटने के अगले दिन ट्विटर पर ‘दादा’, यानी सौरव गांगुली टॉप पर ट्रेंड करते रहे। कुछ फैंस कोहली के कप्तानी छोड़ने के लिए सौरव गांगुली को जिम्मेदार मान रहे थे, तो वहीं कई फैंस गांगुली की इस बात के लिए तारीफ कर रहे थे कि उन्होंने कोहली की कथित तानाशाही पर लगाम लगाई।

माना जा रहा है कि इस पूरे विवाद में कहीं न कहीं कोहली vs दादा का मुद्दा शामिल रहा है। इसकी बानगी पिछले साल दिसंबर में तब दिखी थी जब गांगुली की अगुआई वाली BCCI ने कोहली से वनडे कमान छीनकर रोहित शर्मा को दे दी थी।

वनडे कप्तानी से हटाए जाने से आहत थे विराट?

कुछ जानकारों का मानना है कि जिस अंदाज में BCCI ने उनसे वनडे की कमान छीनी, उससे विराट निश्चित तौर पर आहत थे। इस फैसले को लेकर कोहली और BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली के बीच सार्वजनिक तौर पर मतभेद नजर आए थे।

गांगुली ने कहा था कि उन्होंने कोहली से टी-20 कप्तानी न छोड़ने की अपील की थी, लेकिन वह नहीं माने। ऐसे में BCCI के पास उन्हें वनडे कप्तानी से हटाने के अलावा कोई विकल्प ही नहीं था, क्योंकि वह वनडे और टी-20 के लिए अलग कप्तान नहीं रखना चाहते थे।

बाद में कोहली ने ये कहकर सबको चौंका दिया था कि BCCI ने उनसे कप्तानी को लेकर कोई चर्चा ही नहीं की थी और वनडे कप्तानी से हटाने की जानकारी उन्हें साउथ अफ्रीका दौरे के लिए टेस्ट टीम में चुने जाने की मीटिंग से केवल 90 मिनट पहले दी गई थी।

कोहली के कप्तानी छोड़ने को गांगुली ने बताया निजी फैसला

कोहली के टेस्ट कप्तानी छोड़ने के फैसले पर गांगुली ने इसे उनका निजी फैसला बताते हुए कहा कि BCCI इसका सम्मान करता है। साथ ही BCCI ने कोहली को सबसे सफल भारतीय कप्तान बताते हुए उनके योगदान के लिए शुक्रिया अदा किया।

भारत की 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम में शामिल रहे मदन लाल का कहना है कि वे कोहली की टेस्ट कप्तानी छोड़ने के फैसले से हैरान हैं। उनका मानना है कि विराट वनडे कप्तानी से हटाए जाने को लेकर बहुत नाराज थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोहली टेस्ट कप्तानी छोड़ने का मन पहले ही बना चुके थे और अगर भारत साउथ अफ्रीका से सीरीज जीत भी जाता तो भी कोहली कप्तानी छोड़ देते।

क्या सच में हुई थी कोहली और गांगुली की मीटिंग?

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, कोहली के टी20 कप्तानी छोड़ने से पहले उनकी BCCI अध्यक्ष सौरव गांगुली, सेक्रेटरी जय शाह, पांचों चयनकर्ताओं के साथ एक मीटिंग हुई थी। उस बैठक में रोहित शर्मा भी मौजूद थे।

कोहली ने बाद में जब ये कहा कि उनके टी20 कप्तानी छोड़ने के फैसले को सभी ने स्वीकार किया था, तो उनका इशारा इसी मीटिंग की ओर था। ये वही मीटिंग थी, जिसके संदर्भ में गांगुली ने बाद में कहा था कि उन्होंने कोहली से टी20 कप्तानी न छोड़ने की अपील की थी।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, कोहली ने इस बैठक में वनडे में केएल राहुल को उपकप्तान बनाए जाने और रोहित को केवल टी20 कप्तान बनाए जाने की वकालत की थी, लेकिन इस सलाह को BCCI ने तुरंत खारिज कर दिया, क्योंकि इसका मतलब रोहित को हकदार होने के बावजूद उनका वनडे कप्तानी से चूकना होता।

इस सारी कवायद में कोहली को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि BCCI उनसे वनडे कप्तानी छीन सकता है, लेकिन आखिरकार ऐसा ही हुआ। कोहली जैसे कद के खिलाड़ी के लिए इसे पचा पाना मुश्किल था।

कैसे हुई गांगुली और कोहली के मतभेद की शुरुआत?

इस पूरे मामले में कोहली और गांगुली के बीच साफ तौर पर कम्युनिकेशन गैप नजर आया। कोहली और दादा के बीच अनबन की शुरुआत 2016 से होती है, जब गांगुली की मर्जी से रवि शास्त्री के बजाय अनिल कुंबले टीम इंडिया के कोच बने, लेकिन एक साल बाद ही कुंबले ने कोहली से मतभेद की वजह से इस्तीफा दे दिया।

2017 में एक बार फिर कोच का मुद्दा चर्चा में रहा, लेकिन इस बार गांगुली के न चाहने पर भी कोहली की मर्जी चली और रवि शास्त्री टीम इंडिया के कोच बने। शास्त्री और गांगुली के बीच संबंध कभी भी अच्छे नहीं रहे, ऐसे में ये नियुक्ति दादा को रास नहीं आई।

अब जब गांगुली के हाथ में BCCI की कमान आई और रवि शास्त्री का कार्यकाल खत्म हुआ तो दादा और कोहली के बीच कप्तानी के मुद्दे को लेकर मतभेद उभर आए।

कोहली ने टी-20 कप्तानी छोड़ी, दादा ने उन्हें वनडे की कप्तानी से हटाया और अब कोहली ने खुद टेस्ट कप्तानी को अलविदा कह दिया।

रोहित से मतभेद की खबरें भी आती रहीं

कोहली और रोहित के बीच मतभेद की खबरें पिछले कई सालों से आती रही हैं, लेकिन ये खाई पिछले साल दिसंबर में तब और चौड़ी होती दिखी जब कोहली ने वनडे कप्तानी रोहित शर्मा के हाथों गंवा दी।

हालांकि, ये पहली बार नहीं था जब रोहित-कोहली विवाद सुर्खियों में रहा। कई मीडिया रिपोर्ट्स में तो यहां तक दावा किया गया था कि 2019 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की हार की प्रमुख वजहों में कोहली-रोहित के बीच अनबन भी शामिल थी।

उस समय कथित तौर पर टीम इंडिया रोहित और कोहली खेमे में बंटकर खेली थी और उसका सफर सेमीफाइनल में ही खत्म हो गया था।

हालांकि, साउथ अफ्रीका दौरे पर रवाना होने से पहले रोहित से कथित अनबन की खबरों को भी कोहली ने खारिज करते हुए कहा था, ''मेरे और रोहित के बीच कोई समस्या नहीं है। मैं पिछले दो-ढाई साल से इसे लेकर सफाई दे रहा हूं और मैं अब थक चुका हूं।''

विवाद नहीं बैटिंग की वजह से कोहली ने छोड़ी कप्तानी?

भले ही ज्यादातर एक्सपर्ट को लगता है कि कोहली ने किसी मतभेद या विवाद से आहत होकर कप्तानी छोड़ी है, लेकिन एक वजह वजह उनकी बैटिंग भी है। पिछले दो सालों में कोहली की फॉर्म में गिरावट आई है।

उनको आखिरी शतक लगाए भी 26 महीने से ज्यादा हो चुके हैं। माना जा रहा है कि कप्तानी को अलविदा कहकर कोहली अब अपना पूरा ध्यान बैटिंग पर लगाना चाहते हैं। टी20 कप्तानी छोड़ने की वजह भी कोहली ने टेस्ट और 2023 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए बैटिंग पर ध्यान केंद्रित करने को बताया था।

आइए एक नजर डालते हैं कि पिछले दो सालों में कैसे कोहली के प्रदर्शन में गिरावट आई है:

  • इंटरनेशनल क्रिकेट में 70 शतक ठोकने वाला बल्लेबाज पिछले दो सालों में एक भी शतक नहीं लगा पाया है।
  • कोहली ने इंटरनेशनल क्रिकेट में आखिरी शतक 23 नवंबर 2019 को बांग्लादेश के खिलाफ 136 रन के स्कोर के साथ बनाया था।
  • अपने आखिरी शतक के बाद से कोहली ने पिछली 27 टेस्ट पारियों में 28.14 के औसत से 760 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 6 अर्धशतक लगाए हैं, लेकिन एक भी शतक नहीं लगाया।
  • इस दौरान कोहली ने 15 वनडे पारियों में करीब 47 के औसत से 705 रन बनाए हैं। उन्होंने वनडे में 8 अर्धशतक लगाए हैं, लेकिन एक भी शतक नहीं लगा पाए हैं।
  • वहीं विराट ने 20 टी-20 पारियों में 38.80 के औसत से 777 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 7 अर्धशतक लगाए हैं।
  • पिछले दो सालों के दौरान टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों ही फॉर्मेट में कोहली का औसत उनके ओवरऑल करियर से काफी कम रहा है।
  • कोहली ने अपने इंटरनेशनल करियर में 99 टेस्ट में 27 शतक/28 अर्धशतकों के साथ 50.39 के औसत से 7962 रन बनाए हैं। उन्होंने 254 वनडे में 43 शतक, 62 अर्धशतकों के साथ 59.07 के औसत से 12169 रन बनाए हैं।
  • विराट ने 95 टी-20 में 3227 रन बनाए हैं, जिनमें 29 अर्धशतक शामिल हैं, जबकि उनका औसत 52.04 रहा है।
भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान रहे विराट कोहली

विराट कोहली की टेस्ट कप्तानी में टीम इंडिया ने नई ऊंचाइयां हासिल कीं और न केवल देश बल्कि विदेशों में भी जबर्दस्त कामयाबी हासिल की।

वह देश के सबसे सफल और दुनिया के चौथे सबसे कामयाब टेस्ट कप्तान हैं। कप्तान के तौर पर कोहली की कामयाबी का ग्राफ एमएस धोनी और सौरव गांगुली से भी ऊंचा रहा है।

कोहली सात साल (2015-2022) भारत के टेस्ट कप्तान रहे। विराट कोहली ने 68 टेस्ट मैचों में भारत की कप्तानी की, जिनमें से टीम इंडिया ने 40 टेस्ट में जीत हासिल की, जबकि 17 में उसे हार मिली, 11 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे।

विदेशी धरती पर भी लहराया कामयाबी का परचम

  • खास बात ये है कि कोहली की कप्तानी में भारत ने विदेशी धरती पर 36 में से 16 टेस्ट मैच जीते। कोहली सबसे ज्यादा टेस्ट जीतने के मामले में दुनिया में चौथे नंबर पर हैं। उनसे ज्यादा टेस्ट केवल ग्रीम स्मिथ, रिकी पोंटिंग और स्टीव वॉ ने ही जीते हैं।
  • विराट ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने वाले भारत ही नहीं एशिया के पहले कप्तान हैं। वह साउथ अफ्रीका के सेंचुरियन मैदान में जीत दर्ज करने वाले दुनिया के तीसरे और एशिया के पहले कप्तान हैं।
  • कोहली की कप्तानी में भारत ने 2015 में श्रीलंका, 2016 में वेस्टइंडीज, 2017 में श्रीलंका, 2018-19 में ऑस्ट्रेलिया और 2019 में वेस्टइंडीज की धरती पर टेस्ट सीरीज जीती।
  • कोहल की कप्तानी में टीम इंडिया 42 महीने (अक्टूबर 2016 से मार्च 2020) तक ICC टेस्ट रैंकिंग में टॉप पर रही।
  • विराट कोहली टेस्ट कप्तान के तौर पर सात डबल सेंचुरी बनाने वाले दुनिया के एकमात्र खिलाड़ी हैं, वहीं टेस्ट कप्तान के तौर पर उनके 20 शतक ग्रीम स्मिथ (28) के बाद सर्वाधिक हैं।

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