दुनिया / सऊदी अरब से पाकिस्तान को मिलने जा रहा है बड़ा झटका, आर्थिक मदद होगी बंद

News18 : Sep 02, 2020, 04:38 PM
Delhi: पाकिस्तान भले ही कुछ भी दावे कर रहा हो लेकिन सऊदी अरब से उसके रिश्ते लगातार खराब होते जा रहे हैं। सऊदी अरब पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए अब अपनी दशकों पुरानी कूटनीति में भी बदलाव करने की तैयारी में है। प्रिंस सलमान की अगुआई वाली सऊदी सरकार अब चेकबुक डिप्लोमैसी खत्म करने वाली है। इसका मतलब ये है कि अब सऊदी से पाकिस्तान को आर्थिक मदद मिलना बंद हो जाएगा।  पाकिस्तान के मंत्रियों की बयानबाजी का खामियाजा अब पाकिस्तान समेत कई देशों को उठाना पड़ेगा। सऊदी अरब अब तक दुश्मन का दुश्मन दोस्त और उसको आर्थिक मदद की नीति पर चलता आया है। महामारी से आई मंदी ने उसे इसमें बदलाव पर मजबूर कर दिया है।

खलीज टाइम्स के मुताबिक सऊदी अरब की डिप्लोमैसी या कहें विदेश नीति तेजी से बदल रही है। इसमें कहा गया है कि सऊदी सरकार और प्रिंस सलमान अब मुस्लिम वर्ल्ड में पावरहाउस बने रहने के लिए खजाना खाली नहीं करेंगे। फंड देकर सऊदी बना रहा था दोस्त: रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी अरब की तेल आधारित अर्थव्यवस्था संकट में है और इसका असर अब उसकी विदेश नीति पर भी नज़र आएगा। सऊदी लगातार भारत से नजदीकियां बढ़ा रहा है और तेल के आलावा अन्य बिजनेस के मौजे भी ढूंढ रहा है। मिडिल-ईस्ट मामलों की एक्सपर्ट यास्मिन फारुख के मुताबिक- महामारी के दौरान ऑयल डिमांड कम हुई। इतना ही नहीं ईरान, तुर्की और कतर जैसे देश उसे आंखें दिखाने लगे।

सऊदी ने बीते दशकों में लगातार जॉर्डन, मिस्र, फिलिस्तीन और पाकिस्तान जैसे देशों को लाखों पेट्रो डॉलर लिए। इसके बावजूद भी ये देश खस्ता हालत में हैं और सऊदी के किसी काम के नहीं हैं।  एक्पर्ट यास्मिन ने आगे कहा- महामारी और तेल के गिरते भाव ने सऊदी अरब को डिप्लोमैसी में बदलाव के लिए मजबूर कर दिया। प्रिंस सलमान बड़े बदलाव कर रहे हैं और अब ये देश सिर्फ एक एटीएम नहीं रहेगा। सऊदी लेखक खालिद अल सुलेमान ने कहा- लेबनान को फिर खड़ा करने के लिए सऊदी अरब ने लाखों डॉलर दिए। लेकिन, उसने हिजबुल्लाह का साथ नहीं मिला। यह संगठन सऊदी के दुश्मन ईरान से मिल गया है।

पाकिस्तान के लिए बड़ा झटका: सऊदी अरब की पत्रकार अल शिहाबी के मुताबिक पाकिस्तान ने सऊदी अरब से अलग-अलग वक्त पर लाखों डॉलर लिए। बेहद नर्म शर्तों पर ऑयल इम्पोर्ट जारी रहने दिया। जब कश्मीर पर सऊदी ने उसका साथ नहीं दिया तो वो पाकिस्तान ने। दूसरा मुस्लिम संगठन बनाने की बात कहने लगा। इसी के बाद सऊदी ने पाकिस्तान से 3 अरब डॉलर का कर्ज चुकाने को कह दिया है। इसके आलावा ऑयल क्रेडिट फेसेलिटी भी खत्म कर दी है। शिहाबी ने बताया कि अब यमन के हूती विद्रोही सऊदी के लिए खतरा बन गए हैं। पाकिस्तान, मिस्र और ईरान इन्हें समर्थन दे रहे हैं। सऊदी यह सहन नहीं कर सकता। 2015 में इजिप्ट के राष्ट्रपति ने सऊदी का मजाक उड़ाया था।

सऊदी को यह अहसास हो चुका है कि मुस्लिम जगत अब बदल चुका है और उसके दबदबे को चुनौती मिल रही है। शिहाबी ने बताया कि अब यमन के हूती विद्रोही सऊदी के लिए खतरा बन गए हैं। पाकिस्तान, मिस्र और ईरान इन्हें समर्थन दे रहे हैं। सऊदी यह सहन नहीं कर सकता। 2015 में इजिप्ट के राष्ट्रपति ने सऊदी का मजाक उड़ाया था। सऊदी को यह अहसास हो चुका है कि मुस्लिम जगत अब बदल चुका है और उसके दबदबे को चुनौती मिल रही है।

शिहाबी ने बताया कि अब यमन के हूती विद्रोही सऊदी के लिए खतरा बन गए हैं। पाकिस्तान, मिस्र और ईरान इन्हें समर्थन दे रहे हैं। सऊदी यह सहन नहीं कर सकता। 2015 में इजिप्ट के राष्ट्रपति ने सऊदी का मजाक उड़ाया था। सऊदी को यह अहसास हो चुका है कि मुस्लिम जगत अब बदल चुका है और उसके दबदबे को चुनौती मिल रही है।

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