इंडिया / भारत आने से पहले जागा चीन का पाकिस्तान 'प्रेम', दिल्ली ने भी दिया 'दो टूक' जवाब

Live Hindustan : Oct 10, 2019, 07:22 AM

नई दिल्ली | चीन ने बुधवार को एक बार फिर दोहराया कि भारत-पाक को मिलकर कश्मीर मुद्दे का हल निकालना चाहिए। हालांकि उसने यह भी कहा कि वह पाकिस्तान के मूल हितों से जुड़े मामलों में उसका समर्थन जारी रखेगा। पाक प्रधानमंत्री इमरान खान से हुई मुलाकात में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि वह कश्मीर के हालात पर नजर रख रहे हैं। क्षेत्र में क्या सही है और क्या गलत, यह स्पष्ट हो चुका है। दोनों देशों को शांतिपूर्ण बातचीत के जरिये कश्मीर मुद्दा सुलझाना चाहिए।

जिनपिंग ने चीन और पाकिस्तान की दोस्ती को चट्टान जितना मजबूत और अटूट करार दिया। उन्होंने इमरान को भरोसा दिलाते हुए कहा, इससे फर्क नहीं पड़ता कि क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्थितियों में क्या बदलाव आ रहे हैं। हम चीन-पाक के साझा भविष्य को नए युग में ले जाने के लिए मिलकर काम करते रहेंगे। हमारे रिश्तों में हमेशा उत्साह बरकरार रहेगा।

सरकारी टीवी चैनल सीजीटीएन के अनुसार इमरान से मुलाकात में जिनपिंग ने कहा कि चीन जब परेशानी में था, तब पाकिस्तान ने उसकी निस्वार्थ मदद की। अब चीन विकसित हो गया है। ऐसे में वह वास्तव में पाकिस्तान की मदद करना चाहता है। 

हमारे आंतरिक मुद्दों पर टिप्पणी से बचें अन्य देश

वहीं दूसरी ओर, भारत ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की चेन्नई यात्रा से पहले कश्मीर पर अपना रुख दो टूक लहजे में स्पष्ट कर दिया है। जिनपिंग और पाक प्रधानमंत्री इमरान खान के कश्मीर पर चर्चा करने की खबरों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारत ने बुधवार (9 अक्टूबर) को कहा कि बीजिंग इस मुद्दे पर नई दिल्ली के रुख से अच्छी तरह से वाकिफ है। बेहतर होगा कि अन्य देश हमारे आंतरिक मामलों पर टिप्पणी न करें।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा, ‘हमने जिनपिंग-इमरान की मुलाकात की खबर देखी है। इसमें कश्मीर पर उनके बीच हुई चर्चा का भी जिक्र है। रवीश कुमार ने कहा कि चीन हमारे रुख से अच्छी तरह से अवगत है। भारत के आंतरिक मामलों पर अन्य देश टिप्पणी न करें।’