इंडिया / रक्षा, मोदी- तीनों सेनाओं को प्रभावी नेतृत्व देने के लिए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की व्यवस्था शुरू होगी

Dainik Bhaskar

Aug 15, 2019, 10:32 AM

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देश की रक्षा और सेनाओं के लिए बड़ा ऐलान किया। गुरुवार को लालकिले पर छठी बार तिरंगा फहराने के बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) का नया पद बनेगा। इससे थलसेना, वायुसेना और नौसेना सभी को एक जैसा प्रभावी नेतृत्व मिलेगा। सैन्य सेवाओं में रिफॉर्म्स का हमारा सपना पूरा होगा। 1999 में करगिल जंग के बाद पहली बार एक समिति ने सीडीएस की सिफारिश की थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘समय रहते रिफॉर्म्स की बहुत आवश्यकता होती है। सैन्य संसाधनों के रिफॉर्म्स पर काफी चर्चा हुई है। अनेक रिपोर्ट्स आई हैं। सभी रिपोर्ट्स एक ही समस्या को उजागर करती रही हैं। हमारी सेनाओं का जल-थल-नभ, तीनोंं में ही कॉर्डिनेशन है। किसी भी भारतीय को इसमें गर्व है। लेकिन आज जैसे दुनिया बदल रही है। आज जिस तरह तकनीक व्यवस्थाएं बन रही हैं। भारत को इसमें नहीं रुकना चाहिए। हमारी सेनाओं को एक साथ आगे बढ़ना होगा। जल-थल-नभ में एक आगे चले, दूसरा दो कदम पीछे हो, ऐसा नहीं चल सकता। सबको साथ चलना होगा। आज मैं एक महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा करना चाहता हूं। आज हमने निर्णय किया है कि हम चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की व्यवस्था करेंगे। इस पद के गठन के बाद तीनों सेनाओं को एक प्रभावी नेतृत्व मिलेगा। सामरिक दृष्टि से भारत के लिए सीडीएस अहम होगा।''

आडवाणी की अध्यक्षता में समिति ने सीडीएस की सिफारिश की थी

करगिल जंग में तीनों सेनाओं के बीच कॉर्डिनेश की जरूरत महसूस की गई थी। इसके बाद समीक्षा के लिए लालकृष्ण आडवाणी की अध्यक्षता में मंत्रियों की एक समिति बनी थी। इसकी रिपोर्ट में तीनों सेनाओं के संयुक्त मुख्यालय और सीडीएस पद के लिए सिफारिश की गई, लेकिन राजनीतिक इच्छा शक्ति के अभाव में इस पर फैसला करीब 20 साल तक अटका रहा। पहली मोदी सरकार में दो साल रक्षामंत्री रहे मनोहर पर्रिकर ने मजबूती से सीडीएस पद का समर्थन किया था।