इंडिया / पीएम मोदी- शी जिनपिंग वार्ता: सुरक्षा के अभेद्य किले में तब्दील हुआ मामल्लपुरम

Live Hindustan : Oct 10, 2019, 07:40 PM

चेन्नई | तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई के नजदीक तटीय शहर मामल्लपुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच 11 और 12 अक्तूबर को दूसरी अनौपचारिक शिखर वार्ता होने जा रही है। इसके लिए पूरे शहर को अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है। साथ ही, इलाके का सौंदर्यीकरण और अन्य तैयारियां अंतिम चरण में है। 

कश्मीर के मुद्दे पर संबंधों में आई असहजता के बीच प्रधानमंत्री मोदी और जिनपिंग आतंकवाद से निपटने समेत विभिन्न क्षेत्रों में संबंध मजबूत करने के लिए तमिलनाडु के तटीय शहर मामल्लपुरम में शिखर वार्ता करेंगे। पुलिस ने बुधवार को बताया कि शहर के पास तटरक्षक जहाज ने लंगर डाल दिया है।

तमिलनाडु के विभिन्न हिस्सों से आए 5000 से अधिक पुलिसकर्मियों की यहां तैनाती की गई है। मोदी और शी के बीच पहली अनौपचारिक शिखर वार्ता चीन के वुहान में 2018 में हुई थी। उसके कुछ महीने पहले ही डोकाला में दोनों देशों की सेनाओं के बीच 73 दिनों तक गतिरोध रहा था।

कड़ी सुरक्षा

5000 से अधिक पुलिसकर्मियों की यहां तैनाती की गई है सुरक्षा के लिए

दो शीर्ष नेताओं की सुरक्षा के मद्देनजर दर्जनों अस्थायी पुलिस चौकियां बनी हैं है

800 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं 24 घंटे सड़कों और अन्य रास्तों की निगरानी को

तटरक्षक बल का एक पोत लंगर डाले हुए है जबकि दूसरा गश्त कर रहा है 

तटीय शिव मंदिर के नजदीक तट पर अवरोधक हैं यहीं पर मोदी-शी आएंगे

एसपीजी की निगरानी

स्थानीय मछुआरों को भी गुरुवार से समुद्र से दूर रहने को कहा गया है

सादे कपड़ों में पुलिस के जवान आसपास के इलाकों की निगरानी कर रहे हैं

एसपीजी और बम निरोधक दस्ते भी स्मारक सहित विभिन्न इलाकों की निगरानी कर रहे हैं

दो दर्जन के करीब खोजी श्वान को तैनात किया गया है इलाके में

तमिल, हिंदी और चीनी भाषा में स्वागत संदेश

शहर में जगह-जगह दोनों नेताओं की तस्वीर वाले बैनर लगाए गए हैं। उनपर तमिल, हिंदी और चीनी भाषा में स्वागत संदेश लिखे हुए हैं।  

व्यापार संबंधों पर विस्तार से होगी बात

सूत्रों ने कहा कि दक्षिण भारत के इस प्राचीन तटीय शहर में यह शिखर वार्ता चीन के अमेरिका के साथ कारोबारी संबंधों में बढ़ती दरार की पृष्ठभूमि में होगी। दोनों नेता व्यापार और कारोबारी संबंधों के विस्तार के तरीकों पर बात कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार बातचीत में राजनीतिक संबंधों, व्यापार तथा करीब 3500 किलोमीटर लंबी चीन-भारत सीमा पर अमन चैन बनाये रखने पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा। सूत्रों ने बताया कि बातचीत का प्रमुख पहलू यह होगा कि दोनों देश अपने मतभेदों पर ध्यान देने में प्रगति कैसे करेंगे और संबंधों में उतार-चढ़ाव का फेर कैसे समाप्त होगा।