पश्चिम बंगाल / ममता पर पीएम ने साधा निशाना, कहा- मैं ईश्वर से प्रार्थना करूंगा कि ऐसे लोगों को सद्बुद्धि दें

Dainik Jagran : Jan 12, 2020, 04:31 PM
कोलकाता | पश्चिम बंगाल की सरकार किसान सम्मान निधि और आयुष्मान भारत जैसी योजनाएं लागू नहीं होने देती, जिस कारण लोग योजना के लाभ से वंचित रह जाते हैं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करूंगा कि ऐसे लोगों को सद्बुद्धि दें। पीएम मोदी ने यह बात रविवार को कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के 150 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कही। 

बता दें कि ममता बनर्जी इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं। माना जा रहा था कि वह पीएम मोदी के साथ इस दौरान मंच साझा करेंगी, लेकिन वह कार्यक्रम में नहीं पहुंचीं। प्रधानमंत्री, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ और केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया के साथ निमंत्रण कार्ड में ममता बनर्जी का नाम शामिल था। 

जानता हूं  बंगाल की जनता का मिजाज, अब नहीं चलता सिंडिकेट राज

पीएम ने इशारों में सिंडिकेट की ओर इशारा करते हुए कहा कि मैं बंगाल की जनता का मिजाज भली भांति जानता हूं अब अधिक समय तक लोगों को योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रखा जा सकता क्योंकि सिंधी केट राज खत्म हो गया है। किसान सम्मान निधि हो या फिर गैस पर सब्सिडी, सबका लाभ सीधे लोगों को खाते में मिलता है। 

कोलकाता पोर्ट का नाम बदलकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट करने का ऐलान

इससे पहले उन्होंने कोलकाता पोर्ट का नाम बदलकर श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट करने का ऐलान किया। पीएम मोदी ने इस दौरान कहा 'पश्चिम बंगाल की, देश की इसी भावना को नमन करते हुए मैं कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट का नाम, भारत के औद्योगीकरण के प्रणेता, बंगाल के विकास का सपना लेकर जीने वाले और एक देश, एक विधान के लिए बलिदान देने वाले डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर करने की घोषणा करता हूं।' 

कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के 150 साल पूरा होने पर पीएम मोदी ने कहा, 'पश्चिम बंगाल के विकास के लिए केंद्र सरकार की तरफ से हर संभव कोशिश की जा रही है। विशेष तौर पर गरीबों, दलितों, वंचितों, शोषितों और पिछड़ों के विकास के लिए समर्पित भाव से प्रयास किए जा रहे हैं। जैसे ही पश्चिम बंगाल राज्य सरकार आयुष्मान भारत योजना, पीएम किसान सम्मान निधि के लिए स्वीकृति देगी, यहां के लोगों को इन योजनाओं का भी लाभ मिलने लगेगा।'

ट्रस्ट के दो सबसे पुराने पेंशनर्स को सम्मानित किया

पीएम मोदी ने कहा कि आज का ये दिन कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के लिए, इससे जुड़े लोगों के लिए, यहां काम कर चुके साथियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण अवसर है। भारत में पोर्ट डेवलपमेंट को नई ऊर्जा देने का इससे बड़ा कोई अवसर नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए दुर्भाग्य रहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी और बाबासाहेब अंबेडकर के सरकार से हटने के बाद, उनके सुझावों पर वैसा अमल नहीं किया गया, जैसा किया जाना चाहिए था। इस दौरान ट्रस्ट के दो सबसे पुराने पेंशनर्स को उन्होंने सम्मानित किया।

डॉक्टर मुखर्जी ने देश में औद्योगीकरण की नींव रखी थी- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा,'बंगाल के सपूत, डॉक्टर मुखर्जी ने देश में औद्योगीकरण की नींव रखी थी। चितरंजन लोकोमोटिव फैक्ट्री, हिन्दुस्तान एयरक्राफ्ट फैक्ट्री, सिंदरी फर्टिलाइज़र कारखाना और दामोदर वैली कॉर्पोरेशन, ऐसे अनेक बड़ी परियोजनाओं के विकास में डॉक्टर मुखर्जी का बहुत योगदान रहा है।आज के इस अवसर पर, मैं बाबा साहेब आंबेडकर को भी याद करता हूं, उन्हें नमन करता हूं। डॉक्टर मुखर्जी और बाबा साहेब, दोनों ने स्वतंत्रता के बाद के भारत के लिए नई नीतियां दी थीं, नया विजन दिया था।'

फरक्का में नेविगेशनल लॉक को तैयार करने का प्रयास

पीएम मोदी ने कहा, 'गुजरात के लोथल पोर्ट से लेकर कोलकाता पोर्ट तक देखें, तो भारत की लंबी कोस्ट लाइन से पूरी दुनिया में व्यापार-कारोबार होता था और सभ्यता, संस्कृति का प्रसार भी होता था। इस वर्ष हल्दिया में मल्टीमॉडल टर्मिनल और फरक्का में नेविगेशनल लॉक को तैयार करने का प्रयास है। साल 2021 तक गंगा में बड़े जहाज़ भी चल सकें, इसके लिए भी ज़रूरी गहराई बनाने का काम प्रगति पर है।

समारोह का हिस्सा बनना सौभाग्य की बात

कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट की 150 वीं वर्षगांठ समारोह के उद्घाटन पर पीएम मोदी ने कहा, 'मां गंगा के सानिध्य में, गंगासागर के निकट, देश की जलशक्ति के इस ऐतिहासिक प्रतीक पर, इस समारोह का हिस्सा बनना सौभाग्य की बात है।'

नागरिकता संशोधन कानून पर भ्रम को दूर करने का प्रयास 

इससे पहले पीएम मोदी ने आज रविवार को स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर हावड़ा के बेलूर मठ में दर्शन - पूजन किए। मौके पर उन्होंने देश के युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने युवाओं को देश के प्रति कर्तव्य बोध कराते हुए नागरिकता संशोधन कानून पर भ्रम को दूर करने का प्रयास भी किया। उन्होंने इस दौरान विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि राजनीतिक खेल खेलने वाले जानबूझकर इसे समझने से इन्कार कर रहे हैं। सीएए को लेकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। अफवाहों से युवाओं को गुमराह किया जा रहा है। युवा नागरिकता कानून को समझ सकते हैं, लेकिन जो लोग इस पर राजनीति करना चाहते हैं वे नहीं समझेंगे। 

पीएम मोदी ने कहा, 'मैं फिर से दोहराता हूं, नागरिकता कानून किसी की नागरिकता को रद करने के लिए नहीं है, बल्कि नागरिकता देने के लिए है। हमने वही किया जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं देश के अन्य बड़े नेता कहते थे। हमने गांधी जी के सपनों को साकार किया। किसी भी धर्म के व्यक्ति भारत के संविधान को मानने वाला प्रक्रिया के तहत भारत की नागरिकता ले सकता है। कुछ लोग इस पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ युवा इस भ्रम के शिकार भी हुए हैं। ऐसे हर युवा को समझाना, उन्हें संतुष्ट करना हम सब का दायित्व है।' 

सीएए नागरिकता छीनने का नहीं बल्कि नागरिकता देने का कानून - पीएम मोदी

पीएम मोदी ने इस दौरान कहा, 'नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) किसी की नागरिकता छीनने का नहीं बल्कि नागरिकता देने का कानून है। इस कानून में एक संशोधन कर भारत की नागरिकता लेने की सहूलित बढ़ा दी गई है।पड़ोसी देशों में धर्म के नाम पर जुल्म सहने वाले शरणार्थियों को नागरिकता देने के लिए यह कानून बनाया गया है।'

पाकिस्तान को आड़े हाथ लिया

पीएम मोदी ने पाकिस्तान को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि दुनिया को पता है कि पाकिस्तान में किस तरह से मानवाधिकार का हनन हुआ। देश के आजाद होने के 70 साल तक वहां अल्पसंख्यकों को पर जुल्म किया गया।  इसके खिलाफ जागरूक होना और जागरूकता फैलाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने सिंगल यूज्ड प्लास्टिक के खिलाफ अभियान चलाने एवं जल बचाने की जरूरत बताई। 

नए भारत का संकल्प युवा करेंगे पूरा- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, 'युवा जोश, युवा ऊर्जा ही 21वीं सदी के इस दशक में भारत को बदलने का आधार है। नए भारत का संकल्प, आपके द्वारा ही पूरा किया जाना है। ये युवा सोच ही है जो कहती है कि समस्याओं को टालो नहीं, उनसे टकराओ, उन्हें सुलझाओ।'

बेलूर मठ आना किसी तीर्थयात्रा से कम नहीं- पीएम मोदी

इससे पहले पीएम मोदी ने कहा कि बेलूर मठ आना किसी तीर्थयात्रा से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि बेलूर मठ में रातभर गुजारना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने बेलूर मठ प्रशासन और पश्चिम बंगाल सरकार को धन्यवाद कहा। उन्होंने राज्य सरकार के प्रति आभार जताया कि इतने प्रोटोकॉल, सिक्योरिटी के बावजूद उनके बेलूर मठ में विश्राम की व्यवस्था की गई।

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