बॉलीवुड / राजस्थानी फिल्म ‘म्हारो गोविन्द‘ के गीतों की लांचिंग

Zoom News

Aug 12, 2019, 11:50 AM

जयपुर में कला, साहित्य एवं संस्कृति मंत्री डॉ. बी. डी. कल्ला ने कहा है कि राजस्थानी सीधे दिल में उतरने वाली भाषा है। प्रदेश की लोक संस्कृति, संगीत और वाद्य यंत्रों को महत्व देते हुए फिल्में बनाई जाए तो वे जनमानस पर गहरा असर छोड़ेगी। 

डॉ. कल्ला जयपुर में राजस्थानी फिल्म ‘म्हारो गोविन्द‘ के गीतों की लांचिंग के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थानी भाषा का भविष्य बहुत अच्छा है, यह मान्यता प्राप्त कर लेगी, तो हिन्दी को और अधिक समृद्ध बनाएगी। 

कला, साहित्य और संस्कृति मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश के बजट में राजस्थानी फिल्मों के लिए बजट में वृद्धि की है। उनकी राजस्थानी फिल्मों को प्रोत्साहित करने और आगे बढ़ाने की मंशा है। उन्होंने कहा कि राजस्थानी भाषा और बोलियों का प्रयोग करते हुए अधिक से अधिक फिल्में बनाई जाए जिससे विश्व की यह सबसे अनूठी भाषा और समृद्ध होगी।

डॉ. कल्ला ने फिल्म ‘म्हारो गोविन्द‘ के गीत-संगीत को कर्णप्रिय बताया और जयपुर के आराध्य गोविन्द देवजी पर आधारित इस फिल्म की सफलता के लिए पूरी टीम को अपनी शुभकामनाएं दीं। 

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के विशेषाधिकारी फारूक अफरीदी ने कहा कि फिल्म ‘म्हारो गोविन्द‘ कौमी एकता और सामाजिक समरसता को मजबूत करेगी। कार्यक्रम में गोविन्ददेव जी के महंत अंजन गोस्वामी, मानस गोस्वामी, उस्ताद अहमद हुसैन, उस्ताद मोहम्मद हुसैन, कवि व गीतकार अब्दुल जब्बार, फिल्म के निर्देशक मंजूर अली कुरैशी, संगीत निर्देशक संजस रायजादा एवं गौरव जैन तथा प्रोड्यूसर एनके मित्तल सहित कला-सिने प्रेमी और गणमान्य लोग उपस्थित थे।