राजनीतिक / सोनिया गांधी बनाई गईं कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष, सीडब्ल्यूसी की बैठक में हुआ फैसला

Jansatta

Aug 11, 2019, 11:16 AM

Congress Working Committee meeting: कांग्रेस का नया अध्यक्ष चुनने के लिए पार्टी मुख्यालय में हुई वर्किंग कमिटी की बैठक में पार्टी प्रेसीडेंट के नाम का चुनाव कर लिया गया है। मीटिंग में सोनिया गांधी को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष बनाने का फैसला लिया गया। कांग्रेस का नया अध्यक्ष चुने जाने के बाद सीडब्ल्यूसी की बैठक खत्म हो गई है। साथ ही राहुल गांधी का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है। इससे पहले आज दो बार सीडब्ल्यूसी की बैठक हुई जिसमें नेताओं ने राहुल से इस्तीफा वापस लेने का आग्रह किया, लेकिन उन्होंने साफ इनकार कर दिया।

बैठक के बाद पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा कि राहुल गांधी द्वारा पार्टी नेताओं का आग्रह ‘विनम्रता से अस्वीकार किए जाने’ के बाद सीडब्ल्यूसी ने सोनिया को अंतरिम अध्यक्ष नियुक्त किया। वह नए अध्यक्ष के चुनाव तक यह जिम्मेदारी निभाएंगी। बता दें कि, सोनिया गांधी 14 मार्च, 1998 से 16 दिसंबर, 2017 तक कांग्रेस अध्यक्ष रह चुकी हैं और उनके अध्यक्ष रहते 2004 से 2014 तक पार्टी केंद्र में सत्तासीन रही।

इस बैठक में सोनिया गांधी के साथ प्रियंका गांधी भी मौजूद रहीं। इससे पहले सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सभी ग्रुप ने फिर से राहुल गांधी को ही पार्टी अध्यक्ष बनाए जाने का अनुरोध किया गया।  इससे पहले दिन में बैठक में शामिल कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी ने कहा कि वह और राहुल गांधी पार्टी के नए अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकते। वहीं, बैठक के बाद कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि राहुल गांधी को एक बार फिर फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा गया। हालांकि, उन्होंने इनकार कर दिया।

कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक से बाहर निकलने के बाद सोनिया ने संवाददाताओं से कहा कि अध्यक्ष तय करने के लिए बातचीत की प्रक्रिया शुरू हुई है। वह और राहुल इसका हिस्सा नहीं हो सकते। बता दें कि नए अध्यक्ष का चुनाव करने के लिए वर्किंग कमेटी में शामिल नेताओं के पांच ग्रुप बनाए गए हैं।

इससे पहले, पार्टी नेताओं की परामर्श बैठकों में यह आम राय बनी कि राहुल गांधी को पार्टी का नेतृत्व करते रहना चाहिए, हालांकि गांधी ने सीडब्ल्यूसी की सुबह की बैठक में पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वह अपने इस्तीफे पर पुनर्विचार नहीं करेंगे। नये अध्यक्ष को लेकर सुबह हुई सीडब्ल्यूसी बैठक के बाद नेताओं ने पांच अलग-अलग समूहों में मंथन किया। इन समूहों के परामर्श की रिपोर्ट के आधार पर ही सीडब्ल्यूसी कोई फैसला करेगी।

सीडब्ल्यूसी के नेताओं ने पांच अलग अलग समूहों- पूर्वोत्तर क्षेत्र, पूर्वी क्षेत्र, उत्तर क्षेत्र, पश्चिमी क्षेत्र और दक्षिण क्षेत्र- में बांटकर प्रदेश अध्यक्षों, राष्ट्रीय सचिवों तथा कई अन्य पदाधिकारियों के साथ परामर्श बैठकें कीं तथा उनकी राय ली। पूर्वोत्तर क्षेत्र के समूह में अहमद पटेल, अंबिका सोनी, गुलाम नबी आजाद और कई अन्य वरिष्ठ नेता, पूर्वी क्षेत्र के समूह में केसी वेणुगोपाल, कुमारी शैलजा, तरुण गोगोई और कई अन्य वरिष्ठ नेता, उत्तरी क्षेत्र वाले समूह में प्रियंका गांधी वाड्रा, पी चिदंबरम, ज्योतिरादित्य सिंधिया और कई अन्य वरिष्ठ नेता, पश्चिमी क्षेत्र के समूह में एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे और कई अन्य वरिष्ठ नेता तथा दक्षिणी क्षेत्र के समूह में मनमोहन सिंह, अधीर रंजन चौधरी, आनंद शर्मा तथा कई अन्य वरिष्ठ नेता शामिल थे।

सूत्रों के मुताबिक इन सभी पांच परामर्श बैठकों में नेताओं के बीच सर्वसम्मति से यह राय बनी कि गांधी ही कांग्रेस का नेतृत्व कर सकते हैं और उन्हें अध्यक्ष पद पर बने रहना चाहिए। सीडब्ल्यूसी की पहले दौर की बैठक के बाद पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने संवाददाताओं से कहा, ”सीडब्ल्यूसी के सभी सदस्यों ने राहुल गांधी से अध्यक्ष बने रहने और नेतृत्व करने का सहमति से आग्रह किया। उन्होंने यह अनुरोध भी किया कि आज जब मौजूदा सरकार संवैधानिक प्रावधानों, नागरिकों के अधिकारों और संस्थाओं पर आक्रमण कर रही है तो ऐसे समय मजबूत विपक्ष के लिए और कांग्रेस को नेतृत्व देने के लिए राहुल गांधी उपयुक्त व्यक्ति हैं।”

एक सवाल के जवाब में सुरजेवाला ने यह भी कहा कि अभी गांधी का इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है और यह सीडब्ल्यूसी के विचाराधीन है। सूत्रों के मुताबिक सीडब्ल्यूसी की पहले की बैठक में शामिल ज्यादातर नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि राहुल गांधी को अध्यक्ष बने रहना चाहिए, हालांकि गांधी ने अपने फैसले पर पुनर्विचार करने से साफ इनकार किया।

बता दें कि सीडब्ल्यूसी की बैठक की शुरुआत में सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुके राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी, वरिष्ठ अहमद पटेल, एके एंटनी, गुलाम नबी आजाद, मल्लिकार्जुन खड़गे और कई अन्य नेता शामिल हुए। पार्टी के नए अध्यक्ष को लेकर मुकुल वासनिक, मल्लिकार्जुन खड़गे, अशोक गहलोत, सुशील कुमार शिंदे सहित कई वरिष्ठ नेताओं के नामों की चर्चा है। पार्टी के कई नेता प्रियंका गांधी के नाम की पैरवी कर चुके हैं।