एजुकेशन / छात्र सीखेंगे अनुशासन, बातचीत का तरीका, ताकि प्लेसमेंट के वक्त कंपनियां रिजेक्ट न कर सकें

Dainik Bhaskar : Oct 18, 2019, 10:10 AM

नई दिल्ली | भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पढ़ाई के साथ-साथ अब छात्रों के समग्र विकास पर भी ध्यान देगा, ताकि प्लेसमेंट के दौरान कोई भी मल्टीनेशनल कंपनी उन्हें अनुशासन, बात करने का तरीका, भाषा जैसे आधार पर रिजेक्ट न कर सकें। इसके लिए बीटेक थर्ड ईयर से ही छात्रों को ट्रेनिंग दी जाएगी। प्लेसमेंट ही नहीं, इंटर्नशिप के पहले भी उनकी पर्सनैलिटी ग्रूमिंग की जाएगी। छात्रों को भारतीय संस्कृति, भाषा, कपड़े पहनने से लेकर पार्टी और बिजनेस मीटिंग के नियमों से रूबरू करवाया जाएगा। ये आईआईटी की नई प्लेसमेंट पॉलिसी का एक अहम हिस्सा होगा। ये जिम्मेदारी संस्थान के ट्रेनिंग और प्लेसमेंट यूनिट को दी गई है।

फिलहाल, आईआईटी केवल सीवी तैयार करने में मदद करता है। जबकि सीनियर्स अन्य छात्रों को थोड़ी-बहुत प्लेसमेंट से जुड़ी जानकारियां देते हैं। अब नई कवायद हाेने जा रही है आईआईटी की पहली स्टूडेंट ट्रेनिंग पॉलिसी 2019-20 में। इसमें ड्रेस कोड, हाजिरी, नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना लगाने से लेकर प्रतिबंध लगाना तक शामिल है। तीसरे वर्ष के छात्रों को ट्रेनिंग और प्लेसमेंट सेल में रजिस्टर करना अनिवार्य है। कई मल्टीनेशनल कंपनियों ने आईआईटी समेत बड़े शिक्षण संस्थानों से छात्रों की कमियों पर शिकायत की थी।

ट्रेनिंग पॉलिसी में 80 फीसदी हाजिरी जरूरी

  • छात्रों की हाजिरी 80% से अधिक होनी चाहिए
  • कम से कम दो इंटर्नशिप करना जरूरी होगा
  •  छात्र सीधे कंपनी से संपर्क नहीं करेंगे।
  • इंटर्नशिप या प्रोबेशन के दौरान सभी छात्रों का व्यवहार परखा जाएगा।
  • अनुशासनहीनता पर कार्रवाई होगी।
  • छात्र एक समय में एक ही कंपनी से ऑफर लेटर ले सकेगा। एक साथ दो नहीं।
  • नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना भरना होगा।

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