बॉलीवुड / द ज़ोया फैक्टर मूवी रिव्यू: जोया के जन्म पर 1983 में वर्ल्ड कप जीता भारत

Live Hindustan : Sep 20, 2019, 11:11 AM

The Zoya Factor Movie Review: बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनम कपूर और दुलकर सलमान की मच अवटेड रोमांटिक कॉमेडी ड्रामा द जोया फैक्टर (The Zoya Factor) आज बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हो गई है। क्रिकेट फैक्टर को लेकर बनीं इस फिल्म में सोनम कपूर को लकी चार्म के तौर पर पेश किया गया है।  फिल्म की कहानी जोया नाम की एक लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका जन्म उस दिन हुआ था, जब इंडिया ने 1983 में क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता था। जोया को उसका परिवार क्रिकेट के लिए लकी मानता है, लेकिन जब टीम इंडिया उसे लकी मैस्कॉट के तौर पर साइन करती है, तब हालात हाथ से बाहर हो जाते हैं। इस बीच टीम के कप्तान निखिल खोड़ा यानी दिलकर सलमान और ज़ोया एक दूसरे की मुहब्बत में गिरफ्तार हो जाते हैं। और यहां से शुरु होती है इनकी लव स्टोरी और जोया फैक्टर का सिलसिला भी। 

कहानी

'द जोया फैक्टर' की कहानी की शुरूआत में मुंबई की जोया (सोनम कपूर) के जन्म से शुरु होती है। ट्रेलर की तरह फिल्म की कहानी की शुरूआत 1983 में हुए क्रिकेट वर्ल्ड कप में जब भारत की जीत होती है तब जोया का जन्म होता। ऐसे में कीको उसके पिता (संजय कपूर) और भाई (सिकंदर खेर) बेहद लकी मानते हैं। पिता इसलिए कहते हैं क्योंकि जब ज़ोया का जन्म हुआ था तब इंडिया ने क्रिकेट वर्ल्ड कप जीता था। तो जब जब ज़ोया भाई के साथ होती तब तब वो गली क्रिकेट मे खूब छक्के लगाता। इतना ही नहीं बल्कि ज़ोया लव लाइफ मे भी क्लीन बोल्ड हो चुकी है। कहानी भले ही आपको सीधी लग रही है लेकिन इतना है जितना आप समझ रहे हैं। क्योकिं फिल्म जैसे जैसे आगे बढ़ती है ठीक वैसे वैसे ही नए नए ट्विस्ट जुड़ते जाते हैं। एक समय आता है जब क्रिकेट विश्व कप शुरु होने से पहले जोया को पूरी धूमधाम के साथ बतौर 'लकी चार्म' प्रमोट किया जाता है। वह जोया से जोया देवी बन जाती है। लेकिन जोया जल्द ही इस 'देवी' इमेज से बाहर निकलने के लिए छटपटाने लगती है। अब ऐसे में जोया की ज़िंदगी क्या करवट लेती है और वह क्या फैसला करती हैं यह जानने के लिए आपको सिनेमा घर जाना पड़ेगा। 

डायरेक्शन-तकनीकि पक्ष

डायरेक्टर अभिषेक शर्मा ने भले ही इस फिल्म से  देश- दुनिया में पल रहे अंधविश्वास जैसे मुद्दे को उठाया तो जरूर है, लेकिन काफी हल्के फुल्के तरीके से, एक रोमांटिक- स्पोर्ट्स ड्रामा से ज्यादा आपको कुछ खास नहीं लगेगा। अनुजा चौहान की किताब 'द जोया फैक्टर' पर आधारित इस फिल्म की कहानी को और भी अच्छे और रौंबदार तरीके से पेश किया जा सकता है। बरहाल, ये कहा जा सकता है कि निर्देशक अभिषेक शर्मा ने कहानी के साथ ज्यादा छेड़छाड़ किये बिना इस बड़े पर्दे पर उतारने की कोशिश की और सफल भी रहे हैं। कहानी भले ही धीमी रफ्तार से चलती हैं लेकिन यह आपको बोर नहीं करेगी। फिल्म में उत्सव भगत की एडिटिंग बेहतरीन है। वहीं फिल्म के कुछ सिन आपको काफी प्रभावित करेंगे। खास कर जब क्रिकेट पिच पर जोया का  पोस्टर और तेज बारिश में जोया का देवी अवतार आपको इम्प्रेसिव लगेगा। 

एक्टिंग-डायलॉग्स- और म्यूजिक 

सोनम कपूर जोया सोलंकी किरदार के साथ न्याय किया है। जोया सोलंकी के रूप में में सोनम कपूर काफी जिंदादिल लगी हैं। फिल्म में सोनम की सबसे खास बात यह की इसमें उन्होंने एक्ट्रा या ओवरएक्टिंग नहीं की है। लिहाजा निर्देशक ने सोनम को अभिनय क्षमता दिखाने का पूरा पूरा समय दिया है। सोनम कपूर सेंटर ऑफ अट्रैक्शन बनी हुई हैं। फिल्म में उनका लुक और साथ ही उनके डायलॉग्स, ये दोनों ही इम्प्रेसिव है। 

फिल्म में दुलकर सलमान की बात करें तो, उन्होंने अपने दमदार अभिनय से खूब प्रभावित किया है। वहीं दुलकर के एक्सप्रेशन्स से आप उनकी तारीफों के पुल बांधने में पीछे नहीं हटेंगे। क्रिकेट कप्तान के रूप में जहां वो पूरे आत्मविश्वास के साथ दिखे हैं। वहीं, रोमांटिक और इंटेंस सीन्स में दुलकर आकर्षक लगे हैं। कह सकते हैं कि फिल्म में दुलकर सलमान को कास्ट करने का फैसला सटीक था। निर्देशक ने उनके हर हाव भाव को पर्दे पर लाने की कोशिश की है।

फिल्म में जोया के पिता का किरदार निभा रहे संजय कपूर और साथ ही भाई का किरदार निभा रहे सिकंदर खेर का अंदाज एंटरटेनिंग है। फिल्म में नेगटिव रोल में नजर आ रहे अंगद बेदी (Angad Bedi) अपने किरदार में पूरी तरह से ढले हुए दिख रहे हैं। फिल्म के बैकग्राउंट म्यूजिक और फिल्म के गाने आपको अच्छे लगेंगे। 

फिल्म की रोचक और खास पहलू 

अगर आप किसी विशेष विषय प्रधान फिल्म देखने के शौंकिन है यह फिल्म आपके लिए नहीं है। क्योंकि सिनेमाघर जाने से पहले यह समझ लें कि 'द जोया फैक्टर' कोई विषय प्रधान फिल्म नहीं है। फिल्म का कांसेप्ट काफी बढ़िया है लेकिन इसकी कहानी हमें कमजोर नजर आती है। अगर आप सोनम और सलमान के फैन हैं तो आपको ये फिल्म पसंद आएगी। वरना ये किसी भी अन्य बॉलीवुड फिल्म के समान ही लगती है। रोमांटिक- कॉमेडी की शौंकिन के लिए यह काफी अच्छी फिल्म है।