कोरोना वारयस / महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री उद्धव समेत सभी कर्मचारियों की सैलरी में 60% की कटौती होगी

News18 : Mar 31, 2020, 03:29 PM

मुंबई. महाराष्ट्र में कोरोना वारयस (Coronavirus) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में उद्धव सरकार एक के बाद एक बड़े कदम उठा रही है. राज्य के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) ने मंगलवार को कहा कि कोरोना महामारी की स्थिति में सरकारी प्रतिनिधियों, अफसरों और कर्मचारियों की सैलरी में कटौती की जाएगी. पवार ने बताया कि मुख्यमंत्री समेत सभी विधायक और विधान पार्षद प्रतिनिधियों के मार्च महीने के वेतन में 60 प्रतिशत की कटौती होगी.

अजित पवार के अनुसार ग्रेड ए और बी अधिकारियों के वेतन में 50 प्रतिशत और ग्रेड सी के कर्मचारियों के वेतन में 25 प्रतिशत की कटौती की जाएगी. वहीं, ग्रेड डी कर्मचारियों के वेतन में कोई कटौती नहीं की जाएगी.

बता दें कि महाराष्ट्र में मंगलवार को कोरोना से संक्रमित पांच और नए मामले सामने आए हैं. इसके साथ ही राज्य में कोरोना संक्रमित मामलों की संख्या बढ़कर 230 हो गई है. राज्य के विभिन्न हिस्से में सोमवार तक 4,538 लोगों को आइसोलेट किया गया था, जिनमें से 3,876 लोगों के संक्रमित ना होने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 220 इससे संक्रमित पाए गए थे.

कोरोना वायरस प्रभावित इलाकों की जीआईएस मैपिंग

वहीं, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने शहर में कोरोना वायरस प्रभावित इलाकों की जीआईएस मैपिंग शुरू कर दी है और शहर में कोविड-19 के संक्रमण की निगरानी तथा उसे और फैलने से रोकने के लिए ‘वॉर रूम’ स्थापित किए हैं. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आयुक्त प्रवीण परदेसी ने एक विज्ञप्ति में कहा कि जिन इलाकों में कोरोना वायरस के संक्रमण के मामले ज्यादा हैं उनके मानचित्र महानगरपालिका की वेबसाइट पर पोस्ट किए जाएंगे ताकि लोगों को इसकी जानकारी मिल सके.

7 दिनों से लगा है कर्फ्यू

महाराष्ट्र में कोरोना को देखते हुए 7 दिनों से कर्फ्यू लगा हुआ है. इसके बावजूद शहरों में किराना दुकान, सब्जी मंडी और मेडिकल स्टोर पर लोगों की भीड़ लग रही है. वहीं, दूसरे राज्यों के मजदूर भी बड़ी संख्या में पलायन कर रहे हैं. इस पर सीएम उद्धव ठाकरे ने नाराजगी जताई है.

रविवार को सोशल मीडिया के जरिए जनता को संबोधित किया. उन्होंने कहा- ‘अब भी लोग नहीं माने, तो भी कड़े कदम उठाने पड़ेंगे. जो जहां है, वहीं पर रहे. सरकार उनका पूरा ध्यान रखेगी. राज्य में खाने-पीने के सामान की कोई कमी नहीं है. इसे जमा करने की जरूरत नहीं है. सरकार सब व्यवस्था कर रही है. लोग घरों में ही रहकर कोरोना वायरस को मात दे सकते हैं.’

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