राज्य / चिन्मयानंद केस में तीन सहयोगी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया

The print : Sep 20, 2019, 03:28 PM

नई दिल्ली: कानून की छात्रा के स्वामी चिन्मयानंद के द्वारा बलात्कार के आरोप लगाए जाने के बाद से ही उनकी गिरफ्तारी की मांग चल रही थी. लंबे समय से चली आ रही मांग पर शुक्रवार सुबह उस समय विराम लग गया जब एसआईटी की टीम उनके शाहजहांपुर स्थित मुमुक्षु आश्रम से उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची.  स्वामी चिन्मयानंद सुबह नौ बजे स्वामी चिन्मयानंद को गिरफ्तार कर लिया गया. और उन्हें स्थानीय न्यायालय ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जिला करागार भेज दिया गया है.

उत्तरप्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह ने इस मामले पर कहा, ‘सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद हमने एसआईटी की टीम इस मामले को लेकर गठित की थी. एसआईटी की टीम ने स्वामी चिन्मयानंद को उनके आश्रम से गिरफ्तार किया है और जेल भेज दिया है. इस मामलें में कोई देरी नहीं की गई है. हमने तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है जो चिन्मयानंद से वसूली करने की कोशिश कर रहे थे.’

कानून की छात्रा ने स्वामी पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था. पीड़िता ने कुछ दिनों पहले एक वीडियो जारी किया था जिसमें उसने चिन्मयानंद पर बलात्कार करने का आरोप लगाया था. इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी की टीम गठित करके मामले की जांच करने का निर्देश दिया था.

कड़ी सुरक्षा में आरोपी स्वामी को स्थानीय अदालत में एसआईटी ने पेश किया गया. उनके तीन सहयोगी युवक भी एसआईटी ने गिरफ्तार किए हैं. पकड़े गए तीनों युवकों पर ब्लैकमेलिंग में शामिल होने का आरोप है. तीनों आरोपियों के नाम संजय सिंह, विक्रम उर्फ ब्रजेश और सचिन उर्फ सोनू हैं. मजे की बात यह है कि इन तीनों आरोपियों स्वामी को ब्लैकमेल कर उनसे मोटी रकम वसूलने की कोशिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. इन पर आईटी एक्ट के साथ-साथ जबरन धन वसूली और साक्ष्य मिटाने का आरोप लगा है.

एसआईटी के सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार तीनों युवकों को भी चिन्मयानंद के साथ ही स्थानीय सीजेएम अदालत में पेश किया गया. एसआईटी का मानना है कि, इस पूरे प्रकरण में इन तीनों ही युवकों की खास भूमिका रही थी. तीनों आरोपी लगातार स्वामी के संपर्क में भी थे. पीड़िता और स्वामी के बीच चल रही ब्लैकमेलिंग की डील में यही तीनों सूत्रधार थे.

स्वामी चिन्मयानंद को शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे एसआईटी ने गिरफ्तार किया है. उन्हें मेडिकल के लिए अस्पताल ले जाया गया. इससे पहले स्वामी चिन्मयानंद को शाहजहांपुर मेडिकल कालेज से गुरुवार शाम को लखनऊ के केजीएमयू के लिए रेफर किया गया था. लेकिन वह सीधे केजीएमयू नहीं गए. वह सीधे अपने आश्रम चले गए थे. एसआईटी टीम मेंबर पुलिस अधीक्षक भारती सिंह ने स्वामी चिन्मयानंद की गिरफ्तारी की पुष्टि की है.