विश्व / माला लेकर हमारा इंतज़ार नहीं करेगा यूएन: अनुच्छेद 370 को लेकर पाक विदेश मंत्री

TimesNow News

Aug 13, 2019, 01:17 PM

नई दिल्ली : कश्मीर मसले को दुनिया की नजरों में लाने के लिए पाकिस्तान लगातार हाथ-पांव मार रहा है लेकिन कोई भी देश उसके साथ खड़ा होता नहीं दिख रहा है। हर तरफ से नाकामी मिलते देख पाकिस्तानी हुक्मरानों में इसकी निराशा दिखने लगी है। कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की झुंझलाहट सामने आई है। कुरैशी ने कहा है कि पाकिस्तानियों को 'मूर्खों के स्वर्ग' में रहने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा है कि 'कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने वाले भारत सरकार के फैसले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) पाकिस्तान के रुख का स्वागत हाथ में माला लेकर करेगा, पाकिस्तानियों को ऐसी उम्मीद नहीं करनी चाहिए। ऐसी उम्मीद रखना मूर्खों के स्वर्ग में रहने जैसा है।'

कुरैशी ने रविवार को एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा, 'भावनाएं जाहिर करना आसान काम है और सवाल उठाना इससे भी आसान काम होता है। जबकि मसले को समझना और आगे बढ़ना कठिन काम होता है। यूएनएससी के लोग हाथ में माला लेकर आपका स्वागत करने का इंतजार नहीं कर रहे हैं। पी-5 में से कोई भी एक देश अड़चन पैदा कर सकता है...आप मूर्खों के स्वर्ग में न रहें।' 

कुरैशी का यह बयान ऐसे समय आया है जब पी-5 के देश रूस ने कश्मीर पर खुलकर भारत का समर्थन किया है। रूस ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त करने का फैसला भारत ने अपने संविधान के प्रावधानों के अनुरूप किया है। अमेरिका भी अपने बयानों के जरिए भारत के समर्थन में खड़ा होता दिखा है। अमेरिका ने कहा है कि वह स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है। हालांकि, चीन ने जम्मू-कश्मीर की ताजा स्थिति पर चिंता जाहिर की है। अब तक दुनिया के किसी भी देश ने कश्मीर पर पाकिस्तान की आपत्तियों का समर्थन नहीं किया है। ज्यादातर देशों का कहना है कि कश्मीर द्विपक्षीय मसला है और इस पर आपस में बातचीत के जरिए सुलझाना चाहिए।

पाकिस्तानी विदेश मंत्री कुरैशी हाल ही में चीन की यात्रा से लौटे हैं। कुरैशी ने कहा है कि उन्होंने चीन से कश्मीर का मसला यूएनएससी में उठाने के लिए कहा है और चीन ने भरोसा दिया है कि वह पाकिस्तान के अनुरोध को सुरक्षा परिषद में उठाएगा। पाकिस्तान कश्मीर मसले को दुनिया के हर एक मंच पर और राष्ट्राध्यक्षों के साथ उठाने की प्रक्रिया में है उसने इस दिशा में उसने अपने कूटनीतिक प्रयास तेज किए हैं लेकिन अब तक के उसके ये प्रयास नाकाम साबित हुए हैं। इसे देखते हुए पाकिस्तान अब कश्मीरियों को बरगलाना और उन्हें उकसाना चाहता है। 

कुरैशी ने हाल ही में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) की राजधानी मुजफ्फराबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने ये संदेश देने की कोशिश की उनका देश कश्मीरियों के साथ है। उन्होंने अलगववादियों नेताओं को सक्रिय होकर कश्मीर मसले पर एक सुर में बोलने और पाकिस्तान एवं पीओके की सभी राजनीतिक पार्टियों को एकजुट होने का आह्वान किया। कुरैशी ने कहा कि कश्मीर मसले पर सियासत नहीं होनी चाहिए। पाकिस्तान मुस्लिम देशों को भी अपने साथ लाने का प्रयास कर रहा है लेकिन सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों ने उसे झटका दिया है।