Jammu-Kashmir News: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर एक बड़ा हादसा हुआ है। अर्धकुवारी के पास इंद्रप्रस्थ भोजनालय के निकट हुए भूस्खलन ने क्षेत्र में दहशत फैला दी है। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि बचाव कार्य जोर-शोर से चल रहे हैं। इस हादसे में कई यात्रियों के घायल होने की आशंका है, और यात्रा को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
भूस्खलन का स्थान और स्थिति
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने अपने बयान में कहा, "अर्धकुवारी स्थित इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास भूस्खलन की घटना हुई है। कुछ लोगों के घायल होने की आशंका है। आवश्यक जनशक्ति और मशीनरी के साथ बचाव कार्य जारी है। जय माता दी।" प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटनास्थल पर उस समय 12 से 15 यात्री मौजूद थे, जिनमें से 6 को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।
डोडा में बादल फटने से स्थिति गंभीर
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण स्थिति और भी जटिल हो गई है। डोडा जिले में बादल फटने की घटना ने कई क्षेत्रों में तबाही मचाई है। पहाड़ों के खिसकने से 3 से 4 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। जम्मू संभाग में सभी प्रमुख नदियां और नाले खतरे के निशान के करीब या उससे ऊपर बह रहे हैं। इस कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया गया है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने और प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।
यातायात और संचार सेवाएं ठप
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जम्मू में यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। उत्तर रेलवे ने यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 10 से अधिक यात्री ट्रेन सेवाओं को निरस्त कर दिया है। महाप्रबंधक उत्तर रेलवे और मंडल रेल प्रबंधक जम्मू अपनी तकनीकी टीम के साथ पठानकोट में स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर में नेटवर्क डाउन होने की भी खबर है, जिसके कारण लोग इंटरनेट और कॉलिंग सुविधाओं का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
प्रशासन की कार्रवाई और जनता से अपील
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खतरे वाले क्षेत्रों में यात्रा करने से बचें और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करें। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और अन्य राहत टीमें स्थिति को नियंत्रित करने और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए लगातार काम कर रही हैं।