तमिलनाडु की राजनीति में एक बड़े सत्ता परिवर्तन के साथ सस्पेंस खत्म हो गया है। तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के प्रमुख और अभिनेता विजय शनिवार सुबह 11 बजे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने शुक्रवार शाम चेन्नई के लोक भवन में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद उन्हें सरकार बनाने के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है। शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को नेहरू स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। विजय ने राज्यपाल को 118 विधायकों के समर्थन का पत्र सौंपा है, जिससे 234 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत का आवश्यक आंकड़ा पूरा हो गया है। यह घटनाक्रम द्रविड़ पार्टियों DMK और AIADMK के दशकों पुराने वर्चस्व को किनारे करते हुए राज्य की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव का संकेत दे रहा है।
बहुमत का गणित और गठबंधन का स्वरूप
विधानसभा चुनाव में विजय की पार्टी टीवीके ने 107 सीटें जीती थीं। सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत जुटाने में उन्हें कांग्रेस, विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) का साथ मिला है। आंकड़ों के अनुसार, टीवीके के 107 विधायकों के साथ कांग्रेस के पांच विधायक, CPI के दो, CPI(M) के दो और VCK के दो विधायकों ने समर्थन का ऐलान किया है। इस समर्थन के साथ विजय के पास कुल 118 विधायकों का बल हो गया है, जिससे राज्य में उनकी पहली सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया। CPI(M) ने स्पष्ट किया है कि उनका समर्थन बिना शर्त है और यह फैसला राज्य में स्थिरता सुनिश्चित करने और जनता के जनादेश का सम्मान करने के लिए लिया गया है।
राजभवन की बैठकें और राज्यपाल का निमंत्रण
बहुमत का प्रमाण प्रस्तुत करने के लिए राज्यपाल द्वारा दिए गए समय के दौरान विजय की यह तीन दिनों में तीसरी मुलाकात थी। इससे पहले बुधवार और गुरुवार को राज्यपाल आर्लेकर ने संख्या बल की कमी का हवाला देते हुए विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने से इनकार कर दिया था। इस देरी के कारण विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार और राजभवन की आलोचना की थी और उन पर प्रक्रिया में जानबूझकर देरी करने का आरोप लगाया था। हालांकि, शुक्रवार शाम को समर्थन पत्रों के सत्यापन के बाद राज्यपाल ने विजय को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए बुलाया। यह पूरी प्रक्रिया गहरी बैकचैनल बातचीत के बाद सफल हुई, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और VCK प्रमुख थोल थिरुमावलवन के बीच हुई चर्चा ने विजय के पक्ष में समर्थन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई।
चुनावी प्रदर्शन और राजनीतिक समीकरण
विजय के नेतृत्व में टीवीके ने अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन किया और पार्टी 108 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी, हालांकि वह अपने दम पर बहुमत के आंकड़े से थोड़ा पीछे रह गई थी। स्वयं विजय ने पेरम्बूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से जीत दर्ज की है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, उन्हें अब इनमें से एक सीट खाली करनी होगी। 4 मई को घोषित खंडित जनादेश के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई थी। टीवीके को समर्थन देने के कांग्रेस के फैसले पर DMK के भीतर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। DMK के वरिष्ठ नेताओं का दावा है कि इस फेरबदल के बाद तमिलनाडु में 'इंडिया' ब्लॉक का अस्तित्व समाप्त हो गया है।
इस बीच, टीवीके ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के साथ भी संपर्क साधा है, जो वर्तमान में DMK की सहयोगी है और जिसके पास विधानसभा में दो विधायक हैं। हालांकि, IUML ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह विजय के नेतृत्व वाली सरकार को समर्थन देगी या मंत्रिमंडल में शामिल होगी। फिलहाल, तमिलनाडु की जनता और राजनीतिक गलियारों की नजरें शनिवार को होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं, जो राज्य में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत करेगा।