मनोरंजन जगत और कानून प्रवर्तन गलियारों में हलचल मचाने वाली एक बड़ी कार्रवाई में, कस्टम विभाग ने अभिनेत्री रान्या राव के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। दुबई से भारत में सोने की कथित तस्करी से जुड़े नियमों के उल्लंघन के लिए अभिनेत्री रान्या राव पर 89 करोड़ रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई विभाग द्वारा सोने की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क की गहन जांच के बाद की गई है। कस्टम विभाग ने रान्या राव सहित इस नेटवर्क से जुड़े चार आरोपियों पर कुल मिलाकर 244 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है। कस्टम के जॉइंट डायरेक्टर संदीप की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई विभाग की उस जांच का परिणाम है जिसमें रान्या राव और तीन अन्य लोगों से जुड़े कथित तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ था।
किस आरोपी पर कितना लगा जुर्माना
कस्टम विभाग की जांच में इस तस्करी नेटवर्क की परतों को खोला गया और इसमें शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका के आधार पर दंड निर्धारित किया गया और आदेश के मुताबिक, अभिनेत्री रान्या राव पर 89 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। उनके अलावा, तरुण कोंडुरु राजू पर 49 करोड़ 51 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसी तरह, इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों साहिल जैन और भरत कुमार जैन दोनों पर 53 करोड़ 6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। विभाग का मानना है कि इन भारी जुर्मानों से आर्थिक अपराधों में शामिल लोगों के बीच एक कड़ा संदेश जाएगा और यह पूरा मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की अवैध आवाजाही से जुड़ा है जिसने राजस्व को भारी नुकसान पहुँचाया है।
केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई कार्रवाई
इस पूरे मामले की शुरुआत 3 मार्च 2025 को हुई थी, जब डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) के अधिकारियों ने एक गुप्त सूचना के आधार पर रान्या राव को केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर रोका। रान्या राव उस समय दुबई से बेंगलुरु पहुँची थीं। अधिकारियों ने जब उनकी और उनके सामान की तलाशी ली, तो वहां से लगभग 12 करोड़ 56 लाख रुपये की कीमत का 14 किलो 213 ग्राम विदेशी सोना बरामद किया गया। इस सोने को बहुत ही शातिर तरीके से छिपाकर लाया गया था ताकि कस्टम अधिकारियों की नजरों से बचा जा सके। इस बरामदगी ने ही जांचकर्ताओं को उस बड़े नेटवर्क तक पहुँचाया जो पिछले काफी समय से सक्रिय था।
ईडी की जांच और घर से बरामदगी
जब इस मामले की गंभीरता सामने आई, तो प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी धन शोधन और अवैध संपत्ति की जांच शुरू कर दी। ईडी की टीम ने जब रान्या राव के घर की तलाशी ली, तो वहां से चौंकाने वाले तथ्य सामने आए और तलाशी के दौरान रान्या के घर से 2 करोड़ 67 लाख रुपये का अनकाउंटेड कैश (बिना हिसाब का नकद) बरामद किया गया। इसके अलावा, अधिकारियों ने 2 करोड़ 6 लाख रुपये की कीमत के सोने के गहने भी जब्त किए। इन बरामदगियों ने इस बात की पुष्टि की कि तस्करी की गतिविधियों से बड़े पैमाने पर अवैध धन अर्जित किया जा रहा था। जांच में 7 मार्च 2024 और 18 फरवरी 2025 के बीच की गई तस्करी की गतिविधियों की विस्तार से पड़ताल की गई है।
113 किलो सोने की तस्करी का आरोप
जांचकर्ताओं का आरोप है कि रान्या राव और उनके साथियों ने एक सुनियोजित तरीके से मार्च 2024 से फरवरी 2025 के बीच दुबई से भारत में लगभग 113 किलो सोने की तस्करी की थी। यह तस्करी अलग-अलग खेपों में की गई थी ताकि किसी को शक न हो। कस्टम विभाग की यह ताज़ा कार्रवाई डीआरआई की पिछली कार्रवाई के बाद हुई है और इससे पहले सितंबर 2025 में रान्या राव और अन्य आरोपियों को जुर्माना भरने के नोटिस जारी किए गए थे। उस समय डीआरआई ने कथित तस्करी गतिविधियों के लिए रान्या राव पर 102 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने की मांग की थी।
गिरफ्तारी और कोफेपोसा (COFEPOSA) के तहत हिरासत
रान्या राव को सबसे पहले 3 मार्च 2025 को एयरपोर्ट पर सोना मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, बाद में उन्हें कस्टम से जुड़े मामले में कानूनी जमानत मिल गई थी, लेकिन उनकी मुश्किलें कम नहीं हुईं और केंद्र सरकार ने उन्हें प्रिवेंटिव डिटेंशन (एहतियाती हिरासत) में रखने के लिए 'कंजर्वेशन ऑफ फॉरेन एक्सचेंज एंड प्रिवेंशन ऑफ स्मगलिंग एक्टिविटीज एक्ट, 1974' (COFEPOSA) लागू कर दिया। इस कानून के तहत उन्हें हिरासत में ही रखा गया ताकि वे भविष्य में ऐसी किसी गतिविधि में शामिल न हो सकें या जांच को प्रभावित न कर सकें। वर्तमान में कस्टम विभाग द्वारा लगाया गया 89 करोड़ रुपये का जुर्माना इस मामले में एक निर्णायक कानूनी कदम माना जा रहा है।