स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की 56वीं वार्षिक बैठक में भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी ने एक ऐसा ऐलान किया है जिसने वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मचा दी है। एशिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति और अडानी ग्रुप के चेयरमैन ने भारत के विभिन्न राज्यों में। अगले एक दशक के भीतर 6 लाख करोड़ रुपये के भारी-भरकम निवेश की योजना पेश की है। इस घोषणा के दौरान दुनिया के 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधि और दिग्गज कारोबारी मौजूद थे, जो भारत की इस आर्थिक छलांग को देखकर हैरान रह गए। अडानी ग्रुप का यह निवेश मुख्य रूप से विमानन, स्वच्छ ऊर्जा, शहरी बुनियादी ढांचे, डिजिटल प्लेटफॉर्म और उन्नत विनिर्माण क्षेत्रों पर केंद्रित होगा। यह ब्लूप्रिंट न केवल भारत की विकास प्राथमिकताओं को दर्शाता है, बल्कि निजी पूंजी के माध्यम। से देश के बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर ले जाने की प्रतिबद्धता भी जाहिर करता है।
असम और पूर्वोत्तर भारत के लिए बड़ी सौगात
अडानी ग्रुप ने पूर्वोत्तर भारत, विशेषकर असम के लिए अपनी योजनाओं को विस्तार से साझा किया है और ग्रुप का लक्ष्य गुवाहाटी के लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को एक प्रमुख क्षेत्रीय विमानन केंद्र के रूप में विकसित करना है। इस हवाई अड्डे के नए टर्मिनल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2025। में किया था और इसका पूर्ण संचालन अगले महीने से शुरू होने की संभावना है। अडानी ग्रुप यहां केवल हवाई अड्डा ही नहीं, बल्कि एक पूरा विमानन पारिस्थितिकी तंत्र तैयार कर रहा है। इसमें हॉस्पिटैलिटी, रिटेल इंफ्रास्ट्रक्चर और लेवल-डी फुल-फ्लाइट सिमुलेटर वाली एक अत्याधुनिक एविएशन एकेडमी शामिल है और इसके अलावा, विमानों के रखरखाव और मरम्मत के लिए एमआरओ सुविधाएं भी स्थापित की जाएंगी, जिससे पूर्वोत्तर के युवाओं को तकनीकी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा।
स्वच्छ ऊर्जा और विनिर्माण पर जोर
असम के कार्बी आंगलोंग और दीमा हसाओ जिलों में अडानी ग्रुप ने बड़े पैमाने पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की घोषणा की है। इन परियोजनाओं से 2,700 मेगावाट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता ग्रिड से जोड़ी जाएगी। इसके साथ ही, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में निर्माण आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए सीमेंट निर्माण और ग्राइंडिंग यूनिट्स में भी निवेश किया जाएगा। यह कदम न केवल पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देगा, बल्कि क्षेत्र में औद्योगिक विकास की नई राहें भी खोलेगा।
अगले 10 साल का मास्टर प्लान
महाराष्ट्र के लिए अडानी ग्रुप की योजनाएं बेहद महत्वाकांक्षी हैं। इसमें मुंबई की धारावी पुनर्विकास परियोजना सबसे प्रमुख है, जो दुनिया की सबसे बड़ी शहरी नवीनीकरण परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है। इसके अलावा, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास एक विशाल लॉजिस्टिक्स और वाणिज्यिक हब विकसित किया जा रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस निवेश का स्वागत करते हुए कहा है कि राज्य में युवाओं के लिए रोजगार सृजित करने के लिए निवेश अनिवार्य है। अडानी ग्रुप महाराष्ट्र में 3,000 मेगावाट की क्षमता वाला एक ग्रीन डेटा सेंटर पार्क और 8,700 मेगावाट की पंप्ड स्टोरेज जलविद्युत परियोजनाएं भी स्थापित करेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ग्रुप ने सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले फैब्रिकेशन सुविधाओं। के साथ-साथ परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में भी निजी भागीदारी की इच्छा जताई है।
अडानी एंटरप्राइजेज के निदेशक प्रणव अडानी ने स्पष्ट किया कि यह निवेश राशि अगले सात से दस वर्षों की अवधि में खर्च की जाएगी। इस दीर्घकालिक योजना का मुख्य उद्देश्य भारत को विनिर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और ऊर्जा संक्रमण की प्रक्रिया को तेज करना है। ग्रुप का मानना है कि इन परियोजनाओं से न केवल बुनियादी ढांचे का विकास होगा, बल्कि कौशल निर्माण और तकनीकी समावेशन के माध्यम से समाज के हर वर्ग को लाभ पहुंचेगा। दावोस में हुई इस घोषणा ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय कंपनियां अब वैश्विक स्तर पर बड़े बदलाव लाने के लिए तैयार हैं।