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डिजिटल वर्कप्लेस: 60 प्रतिशत प्रोफेशनल्स का मानना है कि AI के बिना HR का काम मुश्किल

डिजिटल वर्कप्लेस: 60 प्रतिशत प्रोफेशनल्स का मानना है कि AI के बिना HR का काम मुश्किल
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कार्यस्थल यानी वर्कप्लेस अब तेजी से डिजिटल स्वरूप अपना रहा है और इस बदलाव में ह्यूमन रिसोर्स (HR) विभाग के भीतर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। एक नए और विस्तृत सर्वे के परिणामों से यह स्पष्ट हुआ है कि 60 प्रतिशत HR प्रोफेशनल्स का यह मानना है कि AI अब उनके विभाग के लगभग हर महत्वपूर्ण कार्य का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है। भर्ती प्रक्रिया से लेकर नए कर्मचारियों की ऑनबोर्डिंग, कर्मचारी सेवाओं और वर्कफोर्स प्लानिंग तक, AI का उपयोग हर स्तर पर बढ़ रहा है। इस तकनीकी एकीकरण से न केवल कामकाज की गति में तेजी आई है, बल्कि कंपनियों को अपनी परिचालन लागत कम करने और कुल उत्पादकता में वृद्धि करने में भी बड़ी मदद मिल रही है।

जीनियस एचआरटेक डिजीपोल की विस्तृत रिपोर्ट

जीनियस एचआरटेक डिजीपोल द्वारा जारी की गई रिपोर्ट, जिसका शीर्षक AI As The New HR Priority Efficiency, Cost and Workforce Impact है, इस बात पर जोर देती है कि AI अब HR विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हो गया है। यह महत्वपूर्ण सर्वे 7 मई से 31 मई के बीच आयोजित किया गया था, जिसमें विभिन्न उद्योगों से जुड़े कुल 1,811 HR प्रोफेशनल्स ने अपनी राय साझा की। रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार, 60 प्रतिशत से अधिक प्रोफेशनल्स का मानना है कि AI का उपयोग अब HR के सभी प्रमुख कार्यों में बहुत तेजी से फैल रहा है। इसके अतिरिक्त, 15 प्रतिशत प्रतिभागियों ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि रिक्रूटमेंट, ऑनबोर्डिंग, दैनिक HR संचालन और स्टाफिंग जैसे क्षेत्रों में AI की अहमियत पहले की तुलना में काफी अधिक बढ़ गई है।

कार्यक्षमता और उत्पादकता बढ़ाने का प्रमुख माध्यम

सर्वेक्षण के अनुसार, HR क्षेत्र में AI को अपनाने के पीछे मुख्य कारण प्रदर्शन में सुधार करना है।

यह तकनीकी हस्तक्षेप संगठनों को अपने संसाधनों का बेहतर उपयोग करने और कर्मचारियों की जरूरतों को अधिक गहराई से समझने में मदद कर रहा है, जिससे एक संतुलित कार्य वातावरण तैयार हो रहा है।

भर्ती और ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव

रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि AI भर्ती और ऑनबोर्डिंग की प्रक्रियाओं को काफी आसान और त्वरित बना रहा है।

ऑटोमेशन के माध्यम से उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग, दस्तावेजों की जांच और कर्मचारी सहायता जैसी जटिल प्रक्रियाएं अब बहुत कम समय में पूरी की जा रही हैं। इससे HR टीमों को प्रशासनिक बोझ से मुक्ति मिल रही है और वे रणनीतिक कार्यों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पा रहे हैं।

वर्कफोर्स स्ट्रक्चर पर व्यापक प्रभाव

AI केवल प्रक्रियाओं को गति ही नहीं दे रहा, बल्कि यह कंपनियों के वर्कफोर्स स्ट्रक्चर यानी कार्यबल की संरचना को भी प्रभावित कर रहा है। पी. यादव के अनुसार, AI का वास्तविक उद्देश्य कर्मचारियों को हटाना नहीं बल्कि उन्हें अधिक सक्षम और कुशल बनाना है और उनका कहना है कि जो कंपनियां इंटेलिजेंट ऑटोमेशन को मानवीय विशेषज्ञता, पारदर्शिता और नैतिक मानकों के साथ जोड़ेंगी, वही भविष्य में एक मजबूत और बेहतर कार्यस्थल का निर्माण कर पाएंगी।

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