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Aishwarya Rai News: ऐश्वर्या राय पर पाकिस्तानी मौलवी का विवादित बयान: 'आयशा राय' बनाने की बात पर भड़के फैंस

Aishwarya Rai News: ऐश्वर्या राय पर पाकिस्तानी मौलवी का विवादित बयान: 'आयशा राय' बनाने की बात पर भड़के फैंस
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बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार उनके किसी फिल्म या सार्वजनिक उपस्थिति के कारण नहीं, बल्कि पाकिस्तान के एक मौलवी मुफ्ती अब्दुल कावी के विवादित बयान के कारण। मुफ्ती कावी ने ऐश्वर्या राय से शादी करने, उन्हें मुस्लिम बनाने और उनका नाम बदलकर 'आयशा राय' रखने की इच्छा व्यक्त की है, जिससे सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसकों में भारी आक्रोश फैल गया है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ऐश्वर्या और उनके पति अभिषेक बच्चन के बीच तलाक की अफवाहें और बच्चन परिवार के साथ उनकी कम उपस्थिति को लेकर अटकलें पहले से ही चल रही हैं।

विवादित बयान और मौलवी का दावा

वायरल हो रहे एक वीडियो में मुफ्ती अब्दुल कावी यह दावा करते हुए दिखाई दे रहे हैं कि ऐश्वर्या राय बच्चन दो से चार महीने में उन्हें शादी का प्रस्ताव भेज सकती हैं। उन्होंने कहा कि वह ऐश्वर्या को मुस्लिम बनाएंगे और फिर उनसे शादी करके उन्हें अपनी बेगम बना लेंगे। मौलवी ने यह भी बताया कि उन्होंने ऐश्वर्या के लिए 'आयशा राय' नाम भी सोच रखा है। एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा, "सुना है मियां-बीवी के बीच अलगाव की सूरत बन रही है… अल्लाह करे कि कुछ भी न हो क्योंकि मैं हमेशा से घर आबाद करने वाला रहा हूं। लेकिन अलहदगी हो जाती है इंशाअल्लाह दो-चार महीने में हो जाता है तो उनकी (ऐश्वर्या) की तरफ से पैगाम आ जाएगा। " उन्होंने आगे कहा कि अल्लाह की तरफ से आने वाली हर नेमत पर सहमत होना अच्छी बात है। गैर-मुस्लिम लड़की से निकाह करने पर उन्होंने राखी सावंत का उदाहरण दिया, जिनका नाम उन्होंने फातिमा रखा है। उन्होंने कहा कि पहले ऐश्वर्या राय को मुस्लिम करूंगा और। फिर उनका नाम बदलकर आयशा राय लिखेंगे, मजा आ जाएगा।

ऐश्वर्या-अभिषेक के रिश्ते पर अटकलें

ऐश्वर्या राय बच्चन और अभिषेक बच्चन ने 20 अप्रैल 2007 को शादी की थी और उनकी शादी को 18 साल हो चुके हैं और उनकी एक 13 साल की बेटी आराध्या बच्चन भी है, जिसका जन्म 2011 में हुआ था। हालांकि, पिछले कुछ समय से ऐश्वर्या को बच्चन परिवार के साथ एक ही फ्रेम में कम ही देखा गया है, जिससे उनके रिश्ते में दरार की अफवाहें उड़ती रही हैं और सोशल मीडिया पर लोग अक्सर उनके रिश्ते पर अपनी राय रखते रहे हैं। इन अफवाहों के बीच मौलवी का यह बयान आग में घी डालने का। काम कर रहा है और इसने सार्वजनिक बहस को और तेज कर दिया है।

प्रशंसकों की कड़ी प्रतिक्रिया

मुफ्ती अब्दुल कावी के इस बयान के बाद ऐश्वर्या राय बच्चन के प्रशंसक बुरी तरह भड़क उठे हैं। सोशल मीडिया पर वे मौलवी की जमकर क्लास लगा रहे। हैं और उनके बयान को आपत्तिजनक और अपमानजनक बता रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे एक महिला के निजी जीवन में अनावश्यक हस्तक्षेप और एक सार्वजनिक हस्ती के प्रति अनुचित व्यवहार करार दिया है। प्रशंसकों का कहना है कि किसी के निजी जीवन और धार्मिक पहचान पर इस तरह के बयान देना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक हस्तियों के प्रति सम्मान और सीमाओं के महत्व पर बहस छेड़ रही है।

राखी सावंत से शादी का पिछला प्रस्ताव

यह पहली बार नहीं है जब मुफ्ती अब्दुल कावी ने किसी भारतीय अभिनेत्री को शादी का प्रस्ताव दिया हो। इस साल की शुरुआत में भी वह भारतीय अभिनेत्री राखी सावंत को लेकर चर्चा में रहे थे और मौलवी ने राखी से शादी की इच्छा जताई थी और दावा किया था कि राखी ने 14 शादी की तारीख चुनी है। हालांकि, बाद में राखी सावंत ने इस निकाह को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि इन्हें बर्दाश्त करना आसान नहीं है। यह घटना दर्शाती है कि मुफ्ती कावी पहले भी इस तरह के विवादित बयानों और प्रस्तावों के लिए जाने जाते रहे हैं, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते हैं।

सार्वजनिक हस्तियों के निजी जीवन पर टिप्पणी

यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक हस्तियों के निजी जीवन पर अनावश्यक टिप्पणियों और अफवाहों के चलन को उजागर करती है। ऐश्वर्या राय बच्चन जैसी शख्सियतें, जो लगातार सार्वजनिक जांच के दायरे में रहती हैं, अक्सर इस तरह के बयानों और अटकलों का शिकार होती हैं। मौलवी का बयान न केवल ऐश्वर्या के निजी जीवन पर एक हमला है, बल्कि यह धार्मिक रूपांतरण और विवाह जैसे संवेदनशील मुद्दों को भी विवादित तरीके से उठाता है। यह घटना मीडिया और सोशल मीडिया में सार्वजनिक हस्तियों के निजी मामलों पर रिपोर्टिंग और टिप्पणी करने की नैतिक सीमाओं पर भी सवाल खड़े करती है।

कानूनी और सामाजिक निहितार्थ

हालांकि यह बयान पाकिस्तान के एक मौलवी द्वारा दिया गया है, लेकिन इसके सामाजिक और नैतिक निहितार्थ वैश्विक स्तर पर महसूस किए जा रहे हैं और भारत में, जहां ऐश्वर्या राय बच्चन एक प्रतिष्ठित व्यक्ति हैं, इस तरह के बयान को अपमानजनक और आपत्तिजनक माना जा रहा है। यह घटना धार्मिक नेताओं द्वारा सार्वजनिक मंचों पर दिए जाने वाले बयानों की जिम्मेदारी पर भी प्रकाश डालती है। ऐसे बयान न केवल व्यक्तियों को प्रभावित करते हैं, बल्कि समुदायों के बीच गलतफहमी और तनाव भी पैदा कर सकते हैं और यह मामला एक बार फिर दिखाता है कि कैसे सार्वजनिक हस्तियों के निजी जीवन को लेकर की गई टिप्पणियां बड़े विवादों का रूप ले सकती हैं।

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