Reliance Power: कभी भारतीय कॉरपोरेट जगत की बड़ी हस्तियों में शुमार रहे अनिल अंबानी अब एक बार फिर अपने कारोबारी साम्राज्य को मजबूत करने की दिशा में अग्रसर हैं। उनके समूह की प्रमुख कंपनी रिलायंस पावर लिमिटेड अब पुराने दिनों की तुलना में बेहतर वित्तीय और कारोबारी स्थिति में नजर आ रही है। हालिया गतिविधियों से साफ है कि कंपनी एक बार फिर से ऊर्जा क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी कर रही है।
1500 मेगावाट की गैस आधारित बिजली परियोजना की योजना
रिलायंस पावर ने 1500 मेगावाट की नई गैस आधारित बिजली परियोजना स्थापित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। पीटीआई के सूत्रों के अनुसार, कंपनी इस परियोजना के लिए कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और मलेशिया जैसे देशों में अंतरराष्ट्रीय निविदाओं में सक्रिय रूप से भाग ले रही है। यह पहल दर्शाती है कि अनिल अंबानी की यह कंपनी अब केवल घरेलू स्तर पर नहीं बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने को तैयार है।
भूटान में दो महत्वपूर्ण ऊर्जा परियोजनाओं पर कब्जा
ग्लोबल विस्तार की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि के तहत रिलायंस पावर ने हाल ही में भूटान में दो महत्वपूर्ण परियोजनाएं हासिल की हैं—एक 500 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना और दूसरी 770 मेगावाट की हाइड्रोपावर परियोजना। इन परियोजनाओं के जरिए कंपनी अपने परिसंपत्ति पोर्टफोलियो को मजबूत करेगी और लगभग 2000 करोड़ रुपये का मौद्रीकरण लक्ष्य भी निर्धारित किया गया है।
शेयर बाजार में भी दिख रहा है सकारात्मक असर
इन रणनीतिक पहलों का असर कंपनी के शेयर बाजार प्रदर्शन में भी देखने को मिल रहा है। जब बाजार में सामान्य गिरावट का माहौल था, तब भी रिलायंस पावर के शेयरों ने मजबूती दिखाई। 30 जून को दोपहर 02:05 बजे बीएसई पर इसके शेयर 0.58% की बढ़त के साथ 69.40 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। वहीं, दिन के कारोबार के दौरान कंपनी के शेयर 71.70 रुपये के इंट्राडे हाई और 68.55 रुपये के इंट्राडे लो तक पहुंचे। उल्लेखनीय है कि कंपनी का 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर 76.49 रुपये और न्यूनतम स्तर 25.76 रुपये रहा है।