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ड्रग्स मामले में अभिनेत्री अंजू कृष्णा गिरफ्तार, चेन्नई पुलिस की बड़ी कार्रवाई

ड्रग्स मामले में अभिनेत्री अंजू कृष्णा गिरफ्तार, चेन्नई पुलिस की बड़ी कार्रवाई
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चेन्नई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स इंटेलिजेंस यूनिट (ANIU) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए तमिल और मलयालम फिल्म जगत की जानी-मानी अभिनेत्री अंजू कृष्णा को प्रतिबंधित नशीले पदार्थों के साथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी चेन्नई के वलसरवक्कम इलाके में की गई एक छापेमारी के दौरान हुई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, अभिनेत्री के साथ सात अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया है, जिनमें फिल्म उद्योग से जुड़े कुछ अन्य सदस्य भी शामिल हैं और इस घटना ने दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में हड़कंप मचा दिया है और नशीले पदार्थों के प्रसार को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

छापेमारी की विस्तृत जानकारी और बरामदगी

पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, एंटी-नारकोटिक्स इंटेलिजेंस यूनिट की साउथ टीम को वलसरवक्कम स्थित एक आवास में संदिग्ध गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी। गुरुवार को की गई इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में प्रतिबंधित पदार्थ बरामद किए। जब्त किए गए सामान में 6 ग्राम मेथामफेटामाइन, 7 ग्राम ओजी गांजा, 15 ग्राम भांग और एक एलएसडी (LSD) स्टैम्प शामिल है। इसके अलावा, पुलिस ने मौके से 9 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं, जिनका उपयोग नशीले पदार्थों के नेटवर्क के संचालन में किए जाने का संदेह है। जांच अधिकारियों के अनुसार, बरामद किए गए पदार्थों की बाजार में कीमत काफी अधिक है और इनका उपयोग निजी पार्टियों के लिए किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान

इस मामले में पुलिस ने कुल आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में 31 वर्षीय अभिनेत्री अंजू कृष्णा के अलावा सहायक निर्देशक विंसी निवेधा, कार्तिक राजा, यशवंत, श्रीराम, अल्विबिनशा और वेंकटेश कुमार शामिल हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये सभी लोग छापेमारी के समय एक ही स्थान पर मौजूद थे। सहायक निर्देशक विंसी निवेधा की संलिप्तता ने इस मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है, क्योंकि इससे फिल्म उद्योग के भीतर ड्रग्स के संभावित नेटवर्क की ओर इशारा मिलता है। पुलिस अब इन सभी आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड्स और डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किन सप्लायर्स के संपर्क में थे।

अंजू कृष्णा का फिल्मी करियर और प्रोफाइल

अंजू कृष्णा तमिल और मलयालम सिनेमा का एक उभरता हुआ चेहरा रही हैं। उन्होंने 'आकाशम कडन्न', 'आरो' और 'ओम वेल्लिमालई' जैसी फिल्मों में अपनी अभिनय प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। उनकी हालिया फिल्म 'ओम वेल्लिमालई' (2023) में उनके काम को सराहा गया था। अभिनय के साथ-साथ अंजू सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय रहती हैं। 6K फॉलोअर्स हैं, जहां वह अक्सर अपने फोटोशूट और पेशेवर जीवन की झलकियां साझा करती रहती हैं। एक सफल करियर के बीच इस तरह के गंभीर आपराधिक मामले में नाम आने से उनके प्रशंसकों और फिल्म जगत के सहयोगियों में हैरानी है।

कानूनी विश्लेषण और उद्योग पर प्रभाव

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम के तहत प्रतिबंधित पदार्थों की बरामदगी एक गंभीर अपराध है। यदि दोष सिद्ध होता है, तो आरोपियों को लंबी जेल की सजा और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। विश्लेषकों के अनुसार, फिल्म उद्योग में ड्रग्स के बढ़ते मामलों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ वर्षों में कई हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारियों ने यह संकेत दिया है कि नशीले पदार्थों का जाल मनोरंजन जगत की जड़ों तक फैल चुका है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह कोई बड़ा संगठित गिरोह है जो विशेष रूप से फिल्म हस्तियों को लक्षित कर रहा है।

वर्तमान में, अंजू कृष्णा और अन्य सात आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं और इस मामले ने एक बार फिर फिल्म उद्योग के भीतर नैतिक मानकों और कलाकारों की जीवनशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों ने कहा है कि वे नशीले पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है।

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