वर्ल्ड क्रिकेट की सबसे प्रतिष्ठित टेस्ट सीरीज, एशेज 2025 का आगाज आज से हो गया है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की इस रोमांचक सीरीज का पहला मुकाबला पर्थ के नए स्टेडियम में खेला जा रहा है। इस ऐतिहासिक भिड़ंत में इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का महत्वपूर्ण फैसला लिया है, जो मैच की शुरुआती दिशा तय करेगा।
इंग्लैंड की आक्रामक गेंदबाजी रणनीति
पर्थ के मैदान पर इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। यह फैसला पिच की शुरुआती स्थिति और मैच में एक बड़ा स्कोर खड़ा करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है और वहीं, ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान स्टीव स्मिथ ने टॉस हारने के बाद स्वीकार किया कि अगर वे टॉस जीतते तो वे भी पहले बल्लेबाजी करना पसंद करते। यह दर्शाता है कि दोनों टीमें शुरुआती सत्र में बल्लेबाजी के अनुकूल परिस्थितियों का लाभ उठाना चाहती थीं। पहले दिन बल्लेबाजी करने का फैसला अक्सर टीम को बोर्ड पर एक मजबूत टोटल सेट करने का मौका देता है, जिससे बाद में गेंदबाजी करते हुए दबाव बनाया जा सके।
इंग्लैंड की टीम ने इस महत्वपूर्ण मुकाबले में चार प्रमुख तेज गेंदबाजों को खिलाने का फैसला किया है, जो उनकी आक्रामक रणनीति को दर्शाता है और इस पेस अटैक में मार्क वुड और जोफ्रा आर्चर की जोड़ी एक बार फिर साथ नजर आ रही है। यह सिर्फ दूसरी बार है जब वुड और आर्चर इंग्लैंड के लिए टेस्ट क्रिकेट में एक साथ खेल रहे हैं। इससे पहले, वे आखिरी बार साल 2020 में साउथैम्प्टन में वेस्टइंडीज के खिलाफ एक टेस्ट मैच में साथ खेले थे, जिसमें इंग्लैंड को 4 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। इस बार, इंग्लैंड की टीम उम्मीद करेगी कि यह तेज गेंदबाजी जोड़ी उन्हें जीत दिलाए और पिछले परिणाम को दोहराया न जाए। गस एटकिंसन और ब्रायडन कार्स अन्य तेज गेंदबाज हैं जो इस आक्रमण को मजबूती प्रदान करेंगे।
ऑस्ट्रेलिया की संतुलित प्लेइंग इलेवन
ऑस्ट्रेलियाई टीम ने अपनी प्लेइंग इलेवन मैच से एक दिन पहले ही घोषित कर दी थी, जिसमें उन्होंने तीन प्रमुख तेज गेंदबाजों और एक स्पिनर के साथ मैदान पर उतरने का फैसला किया है। मिचेल स्टार्क, ब्रेंडन डॉगेट और स्कॉट बोलैंड तेज गेंदबाजी की कमान संभालेंगे, जबकि नाथन लियोन स्पिन विभाग की जिम्मेदारी निभाएंगे और यह संयोजन टीम को गति, स्विंग और स्पिन का मिश्रण प्रदान करता है, जो पर्थ की पिच पर प्रभावी साबित हो सकता है। कप्तान स्टीव स्मिथ के नेतृत्व में, टीम एक मजबूत और संतुलित प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है।
ऐतिहासिक रिकॉर्ड और हालिया प्रदर्शन
एशेज सीरीज का एक लंबा और समृद्ध इतिहास रहा है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच अब तक कुल 361 टेस्ट मैच खेले गए हैं और इनमें से ऑस्ट्रेलिया ने 152 टेस्ट जीते हैं, जबकि इंग्लैंड को 112 टेस्ट में जीत मिली है। 97 मुकाबले ड्रॉ पर समाप्त हुए हैं। यह आंकड़े ऑस्ट्रेलिया के दबदबे को दर्शाते हैं, लेकिन हालिया प्रदर्शन में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है। पिछले पांच टेस्ट मैचों में दोनों टीमों ने 2-2 टेस्ट जीते हैं, जबकि एक मुकाबला ड्रॉ रहा है। यह दर्शाता है कि वर्तमान में दोनों टीमें बराबरी पर हैं और यह सीरीज बेहद प्रतिस्पर्धी होने वाली है।
पर्थ के नए स्टेडियम में पहली भिड़ंत
यह एशेज टेस्ट पर्थ के नए बनकर तैयार हुए स्टेडियम में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेला जाने वाला पहला टेस्ट मैच है और यह एक नया अध्याय है जो इस प्रतिष्ठित प्रतिद्वंद्विता में जुड़ रहा है। नए मैदान पर खेलने से दोनों टीमों के लिए परिस्थितियां थोड़ी अलग हो सकती हैं, और यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी टीम इन नई चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना करती है। इंग्लैंड के लिए यह सीरीज विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि वे ऑस्ट्रेलिया के अपने पिछले तीन दौरों पर एक भी टेस्ट मुकाबला नहीं जीत पाए हैं। इस बार वे अपने रिकॉर्ड को सुधारने और सीरीज में मजबूत शुरुआत करने के लिए उत्सुक होंगे।
दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन
ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग इलेवन में उस्मान ख्वाजा, जेक वेदराल्ड, मार्नस लाबुशेन, स्टीव स्मिथ (कप्तान), ट्रैविस हेड, कैमरून ग्रीन, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), मिचेल स्टार्क, नाथन लियोन, ब्रेंडन डॉगेट और स्कॉट बोलैंड शामिल हैं।
वहीं, इंग्लैंड की टीम में बेन डकेट, जैक क्रॉली, ओली पोप, जो रूट, हैरी ब्रूक, बेन स्टोक्स (कप्तान), जेमी स्मिथ (विकेटकीपर), गस एटकिंसन, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर और मार्क वुड को जगह मिली है। दोनों टीमें अपने सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरी हैं, और। पहले दिन का खेल इस ऐतिहासिक सीरीज के लिए टोन सेट करेगा।