विज्ञापन

खामेनेई की मौत पर खुलासा, इमारत ध्वस्त करने से पहले मिसाइल को ‘सातवें आसमान’ पर क्यों भेजा

खामेनेई की मौत पर खुलासा, इमारत ध्वस्त करने से पहले मिसाइल को ‘सातवें आसमान’ पर क्यों भेजा
विज्ञापन

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के छह दिन बाद, उनके आवास पर हुए हमले को लेकर महत्वपूर्ण विवरण सामने आए हैं और आधिकारिक रिपोर्टों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया के अनुसार, इस हमले को इजराइल और अमेरिका द्वारा एक अत्यंत गोपनीय और संयुक्त सैन्य अभियान के तहत अंजाम दिया गया था। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य तेहरान स्थित उस सुरक्षित परिसर को निशाना बनाना था, जहाँ खामेनेई अपने शीर्ष सैन्य सलाहकारों के साथ बैठक कर रहे थे। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इसने न केवल सतह पर स्थित इमारत को ध्वस्त कर दिया, बल्कि उसके नीचे बने गहरे बंकरों को भी पूरी तरह से नष्ट कर दिया।

रिपोर्टों के अनुसार, यह हमला 28 फरवरी को हुआ था। उस समय खामेनेई अपने सलाहकार और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रमुख मोहम्मद पाकपूर के साथ एक रणनीतिक बैठक में व्यस्त थे। खुफिया जानकारी के आधार पर किए गए इस हमले ने ईरान के सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह से चौंका दिया। न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजराइली अधिकारियों ने हमले से पहले अपने मुख्यालय को खाली कर दिया था ताकि किसी भी प्रकार के संदेह से बचा जा सके और ऑपरेशन की गोपनीयता बनी रहे।

ब्लू स्पैरो मिसाइल की मारक क्षमता और तकनीकी विशेषताएँ

इस हमले में इजराइल द्वारा विकसित 'ब्लू स्पैरो' (Blue Sparrow) मिसाइलों का उपयोग किया गया था। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, ब्लू स्पैरो मिसाइल सोवियत काल की स्कड मिसाइल का एक उन्नत और परिष्कृत संस्करण है। यह मिसाइल लगभग 1,240 मील (करीब 1,500 किमी) की दूरी तक सटीक निशाना लगाने में सक्षम है। इस मिसाइल का कुल वजन लगभग 1,900 किलोग्राम है और इसमें ठोस ईंधन (Solid Fuel) रॉकेट तकनीक का उपयोग किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी गति और प्रक्षेपवक्र (Trajectory) है, जो इसे रडार की पकड़ से बचने में मदद करती है।

वायुमंडल के ऊपरी स्तर से हमले की रणनीति

हमले के दौरान अपनाई गई रणनीति के अनुसार, ब्लू स्पैरो मिसाइलों को पहले वायुमंडल के अत्यंत ऊपरी स्तरों पर भेजा गया, जिसे 'सातवें आसमान' के रूप में संदर्भित किया गया है। हवा में छोड़े जाने के बाद, मिसाइल के वारहेड से रॉकेट बूस्टर अलग हो जाते हैं, जिससे इसकी गति और मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाती है। इन मिसाइलों को इजराइली वायु सेना के एफ-15 (F-15) लड़ाकू विमानों से दागा गया था। उच्च ऊंचाई से सीधे नीचे की ओर गिरने के कारण, इन मिसाइलों ने खामेनेई के सरकारी आवास पर एक साथ प्रहार किया, जिससे बचाव का कोई अवसर नहीं मिला।

खुफिया एजेंसियों का संयुक्त ऑपरेशन और जासूसी जाल

अयातुल्ला अली खामेनेई को लक्षित करने के लिए अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए (CIA) और इजराइली एजेंसी मोसाद (Mossad) ने महीनों तक समन्वय किया। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान के भीतर जासूसों का एक नेटवर्क तैनात किया गया था, जिन्होंने खामेनेई की दैनिक गतिविधियों और उनके सुरक्षित ठिकानों की सटीक जानकारी एकत्र की थी और इन जासूसों ने यह सुनिश्चित किया कि हमला उसी समय हो जब खामेनेई अपने सबसे सुरक्षित बंकर में मौजूद हों। इस ऑपरेशन को 'टारगेटेड किलिंग' की श्रेणी में रखा गया है, जिसमें तकनीकी श्रेष्ठता और मानवीय खुफिया जानकारी का सटीक मेल देखा गया।

हमले में हताहत हुए परिवार के सदस्य और उत्तराधिकार

इस भीषण हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई के साथ उनके परिवार के कई सदस्य भी मारे गए। रिपोर्टों के अनुसार, हमले के समय आवास में मौजूद उनकी पत्नी, बेटी, दामाद, पोती और पोते की भी मृत्यु हो गई और हालांकि, खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई उस समय उस परिसर में मौजूद नहीं थे, जिसके कारण वे सुरक्षित बच गए। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए, ईरान के भीतर मोजतबा खामेनेई को अगले सर्वोच्च नेता के रूप में नियुक्त करने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

तेहरान में मलबे और सुरक्षा की स्थिति

हमले के बाद तेहरान के उस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत कड़ी कर दी गई है। 30 मिसाइलों के एक साथ गिरने से हुए विस्फोटों ने आसपास के क्षेत्र को भी प्रभावित किया है। मलबे को हटाने और बंकरों की जांच करने का कार्य जारी है। ईरानी अधिकारियों ने अभी तक इस हमले के तकनीकी विवरणों पर कोई आधिकारिक विस्तृत बयान जारी नहीं किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह हमला ईरान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के लिए एक बड़ा झटका है।

विज्ञापन