अयोध्या के रौनाही टोल प्लाजा पर शुक्रवार को जीएसटी विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए करीब 200 किलो चांदी बरामद की है। इतनी बड़ी मात्रा में चांदी मिलने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। बरामद की गई चांदी का वजन लगभग दो क्विंटल बताया जा रहा है और इसकी बाजार कीमत करोड़ों रुपये में होने का अनुमान है। जीएसटी की टीम ने चांदी ले जा रहे वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। अधिकारी वर्तमान में चांदी से संबंधित दस्तावेजों और इसके परिवहन की वैधता की बारीकी से जांच कर रहे हैं। शुरुआती पूछताछ के दौरान चांदी के स्रोत और इसे कहां ले जाया जा रहा था, इस बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयकर विभाग और अन्य संबंधित जांच एजेंसियों को भी सूचित कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की गहन पड़ताल की जा रही है ताकि किसी भी प्रकार की कर चोरी या अवैध व्यापार का पता लगाया जा सके।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में रियल एस्टेट कनेक्शन
इसी बीच अयोध्या के बहुचर्चित राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में भी कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि चम्पत राय का करीबी माना जाने वाला राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव रियल एस्टेट के कारोबार में सक्रिय था और आरोप है कि वह राम मंदिर से चोरी किए गए धन का इस्तेमाल रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेश करने के लिए करता था। टिन्नू यादव ने अपनी पत्नी पूनम के नाम पर सौंदर्य कंस्ट्रक्शन नाम से एक निर्माण कंपनी बनाई थी। यह कंपनी वर्ष 2023 से ही लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में पंजीकृत है। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि मंदिर के चढ़ावे का कितना पैसा इस कंपनी और अन्य संपत्तियों में लगाया गया है।
टिन्नू यादव और मनीष यादव की 39 घंटे की पुलिस रिमांड
राम मंदिर चढ़ावा घोटाला मामले में कानूनी कार्रवाई तेज करते हुए पुलिस ने राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव और मनीष यादव की 39 घंटे की पुलिस कस्टडी हासिल की है। हालांकि पुलिस ने अदालत से 7 दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने 39 घंटे की अनुमति दी है। यह रिमांड शनिवार सुबह 7 बजे से शुरू होने की संभावना है। प्रक्रिया के तहत टिन्नू यादव को सबसे पहले पुलिस लाइन ले जाया जाएगा, जहां उसका मेडिकल चेकअप होगा। इसके बाद उसे एसओजी कार्यालय ले जाकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस की टीम टिन्नू यादव के पूरे नेटवर्क को खंगालने की कोशिश करेगी और उसकी रियल एस्टेट व कंस्ट्रक्शन कंपनी से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेजों को बरामद करने का प्रयास करेगी। टिन्नू यादव का भतीजा मनीष यादव भी इस मामले में संदेह के घेरे में है और पुलिस उसके घर की भी तलाशी ले सकती है।
रमाशंकर मिश्र के घर से मिले महत्वपूर्ण दस्तावेज
जांच के दौरान पुलिस को एक अन्य आरोपी रमाशंकर मिश्र के किराए के घर से एक बैग में रखे कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मिले हैं। पुलिस अधिकारियों ने जानकारी दी कि मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर भी जब्त कर लिया गया है ताकि संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाया जा सके। इसके अलावा पुलिस ने एक अन्य आरोपी सुभाष श्रीवास्तव से जुड़े ठिकानों पर भी छापेमारी की। रमाशंकर मिश्र को पुलिस हिरासत के दौरान उसके किराए के घर ले जाया गया था, जहां उसकी निशानदेही पर जमीन और संपत्तियों से जुड़े कागजात बरामद हुए। जांच एजेंसियां अब इन दस्तावेजों का विश्लेषण कर रही हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इन संपत्तियों को खरीदने में चोरी के पैसे का इस्तेमाल हुआ है या नहीं।
एसआईटी की जांच और अब तक की गिरफ्तारियां
राम मंदिर में कथित चंदा चोरी का यह मामला जून के पहले सप्ताह में उजागर हुआ था। इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी, जिसके आधार पर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इन आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्र, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं और पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नकदी बरामद की थी, जिसमें सबसे अधिक 20 लाख 39 हजार रुपये अविनाश शुक्ला के पास से मिले थे। इसके अलावा जांच टीम ने सोना, चांदी, विदेशी मुद्रा और "रामराज्य कोष" लिखा हुआ एक दान पात्र भी बरामद किया है। अदालत ने मंगलवार को रमाशंकर मिश्र और सुभाष श्रीवास्तव को 14 घंटे की पुलिस हिरासत में भेजने की अनुमति दी थी, जिनसे पूछताछ के आधार पर दो गाड़ियां और निवेश के अन्य सबूत भी मिले हैं।