Bangladesh Violence: बांग्लादेश: भीड़ के हमले में घायल हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास की मौत, अल्पसंख्यकों में भय

Bangladesh Violence - बांग्लादेश: भीड़ के हमले में घायल हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास की मौत, अल्पसंख्यकों में भय
| Updated on: 03-Jan-2026 06:17 PM IST
बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय पर हमले लगातार जारी हैं, जिसने पूरे देश में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। हाल ही में हुई एक हृदय विदारक घटना में, 50 वर्षीय हिंदू व्यापारी खोकन चंद्र दास ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया और उन्हें एक क्रूर हमले में गंभीर चोटें आई थीं, जिसके बाद उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। इस घटना ने बांग्लादेश के हिंदू समुदाय में गहरे भय और असुरक्षा की भावना को और बढ़ा दिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों की एक लंबी श्रृंखला का हिस्सा। है, और खोकन चंद्र दास इन हमलों में जान गंवाने वाले चौथे हिंदू हैं।

चौथी हत्या से समुदाय में रोष

खोकन चंद्र दास की मौत से पहले, दीपू दास, अमृत मंडल और बिजेंद्र बिस्वास जैसे अन्य हिंदू भी इसी तरह के हमलों में अपनी जान गंवा चुके हैं। इन लगातार हो रही हत्याओं ने अल्पसंख्यक समुदाय के भीतर एक गहरा रोष और निराशा पैदा कर दी है। समुदाय के सदस्य अपनी सुरक्षा और न्याय को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है। इन घटनाओं ने सरकार और कानून प्रवर्तन एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं, जो अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार हैं।

हमले का क्रूर तरीका

खोकन चंद्र दास पर हमला उस समय हुआ जब वे अपने ऑटो में यात्रा कर रहे थे। हमलावरों ने रास्ते में उनके ऑटो को रोक लिया और उन पर धारदार हथियारों से अंधाधुंध हमला किया और इस क्रूर हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं। हमलावरों की बर्बरता यहीं नहीं रुकी; उन्होंने उनके सिर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। अपनी जान बचाने के लिए, खोकन चंद्र दास जलते हुए। शरीर के साथ पास के एक तालाब में कूद गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत उन्हें तालाब से निकाला और अस्पताल पहुंचाया, जहां उनके शरीर के अधिकांश हिस्से पर जलने के गंभीर घावों का इलाज किया जा रहा था। दुर्भाग्यवश, वे इन गंभीर चोटों से उबर नहीं पाए और उनकी मृत्यु हो गई।

पत्नी का दर्द और अनसुलझे सवाल

खोकन चंद्र दास की पत्नी सीमा दास ने अपने पति की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि उनके पति की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी, और उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि इस क्रूर हमले के पीछे क्या कारण हो सकता है। उनकी यह बात इस घटना को और भी रहस्यमय बना देती है और यह सवाल खड़ा करती है कि क्या यह हमला व्यक्तिगत दुश्मनी का परिणाम था या अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा था। परिवार न्याय की मांग कर रहा है और चाहता है कि हमलावरों को जल्द से जल्द पकड़ा जाए और उन्हें कड़ी सजा दी जाए।

पश्चिम बंगाल बीजेपी की प्रतिक्रिया

इस घटना पर पश्चिम बंगाल बीजेपी ने सोशल साइट एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने एक पोस्ट में कहा कि दीपू चंद्र दास के बाद, अब खोकन दास पर एक इस्लामी भीड़ ने हमला किया और उन्हें आग लगा दी, जिसके कारण आज सुबह उनकी मौत हो गई। पोस्ट में आगे लिखा गया कि यह घटना पश्चिम बंगाल की गंभीर स्थिति की याद दिलाती है, जहां। पिछले साल मुर्शिदाबाद में एक इस्लामी भीड़ ने हरगोबिंद दास और चंदन दास को बेरहमी से मार डाला था। बीजेपी ने बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल दोनों में बंगाली हिंदुओं पर हो रहे "भयानक हमलों" की निंदा की है और इन घटनाओं को लगातार जारी बताया है।

बांग्लादेश में आगामी चुनावों से पहले अल्पसंख्यकों को निशाना बनाए जाने की। घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है, जिससे राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। खोकन चंद्र दास की मृत्यु के साथ, मृतकों की सूची और भी लंबी हो गई है, और यह स्थिति बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। चुनाव से पहले इस तरह की घटनाएं अक्सर राजनीतिक अस्थिरता और सांप्रदायिक तनाव को बढ़ा सकती हैं। सरकार पर यह सुनिश्चित करने का दबाव है कि सभी नागरिकों, विशेषकर अल्पसंख्यक समुदायों को सुरक्षित महसूस हो और उन्हें किसी भी प्रकार के हमले से बचाया जा सके। इन घटनाओं की गहन जांच और दोषियों को दंडित करना अत्यंत आवश्यक है ताकि न्याय स्थापित हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।