बांग्लादेश में बड़ा संदेश, मंदिर से प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने सभी धर्मों के लिए मांगा बराबर हक

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बांग्लादेश में बड़ा संदेश, मंदिर से प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने सभी धर्मों के लिए मांगा बराबर हक
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बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने हाल ही में देश के सभी धर्मों के नागरिकों को बराबर हक देने और देश के विकास के लिए मिलकर काम करने की एक बेहद महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने यह बात स्पष्ट रूप से कही है कि बांग्लादेश की आजादी से लेकर लोकतंत्र की रक्षा तक, हर धर्म और हर सामाजिक पृष्ठभूमि के लोगों ने कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया है और ऐसे में देश को आगे बढ़ाने और मजबूत करने के लिए भी सभी को एक साथ मिलकर आगे आना होगा ताकि देश में शांति और भाईचारा हमेशा कायम रह सके।

बांग्लादेशी प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने यह तमाम बातें रंगपुर में स्थित राधा गोबिंद धर्मसभा मंदिर के पूजा मंडप में आयोजित शारदीय बधाई कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान कहीं। अपने संबोधन में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बांग्लादेश की धरती पर अलग-अलग धर्मों के लोग हजारों साल से पूरी शांति और सौहार्द के साथ रहते आए हैं। देश की सरकार की यही मंशा और प्राथमिकता है कि यह सदियों पुरानी सांस्कृतिक और सामाजिक परंपरा आने वाले हजारों साल तक भी लगातार इसी तरह जारी रहे और किसी भी नागरिक के साथ उसके धर्म के आधार पर कोई भेदभाव न किया जाए।

आजादी से लेकर लोकतंत्र की लड़ाई तक हर वर्ग का योगदान

अपने विस्तृत भाषण में प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने ऐतिहासिक 1971 के मुक्ति संग्राम और देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए हुए तमाम महत्वपूर्ण आंदोलनों का विशेष रूप से जिक्र किया। उन्होंने देशवासियों को याद दिलाया कि जब 1971 में आजादी की लड़ाई लड़ी जा रही थी, तब किसी ने भी किसी का धर्म या जाति नहीं देखी थी। उस दौरान अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं, विचारों और सामाजिक-पेशेवर पृष्ठभूमि के तमाम लोगों ने एकजुट होकर देश को पाकिस्तान के चंगुल से आजाद कराने के लिए भीषण संघर्ष किया था और अपना खून बहाया था।

इसके साथ ही उन्होंने साल 2024 में हुए छात्र नेतृत्व वाले ऐतिहासिक विद्रोह का भी खुलकर जिक्र किया। प्रधानमंत्री के मुताबिक, इस हालिया आंदोलन में भी देश के अलग-अलग धर्मों, विभिन्न राजनीतिक विचारों और विविध सामाजिक पृष्ठभूमि के लोग अपने बुनियादी अधिकारों के लिए बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरे थे। उन्होंने बहुत ही स्पष्ट शब्दों में यह अपील की कि हमारे गौरवशाली मुक्ति संग्राम और 2024 के इस छात्र आंदोलन को किसी भी सूरत में विवादित बनाने या बदनाम करने की कोई कोशिश नहीं की जानी चाहिए।

तारिक रहमान ने दो टूक शब्दों में यह भी कहा कि अगर किसी भी व्यक्ति या समूह को कोई भी मुद्दा उठाना है या अपनी बात सरकार के सामने रखनी है, तो उसके लिए संसद का मंच सबसे सही जगह है, जहां उसे उठाया जाना चाहिए। उन्होंने देश के लोकतंत्र में पूरी निष्ठा रखने वाले सभी नागरिकों से आपस में पूर्ण एकता बनाए रखने की जोरदार अपील की ताकि देश किसी भी बाहरी या अंदरूनी साजिश का शिकार न हो सके।

रंगपुर के विकास के लिए 1,800 करोड़ टका का बड़ा फंड

देश के विकास के मोर्चे पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने पूरी दृढ़ता के साथ यह भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार केवल उन्हीं लोगों के लिए नहीं बल्कि उन सभी नागरिकों के लिए भी पूरी ईमानदारी से काम करना चाहती है जिन्होंने पिछले चुनावों में उनकी पार्टी को वोट नहीं दिया था। सरकार का मूल उद्देश्य देश के सभी इलाकों में संसाधनों का बिल्कुल बराबर बंटवारा करना और एक संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करना है ताकि किसी भी क्षेत्र के साथ कोई अनदेखी या अन्याय न हो सके।

इसी कड़ी में उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि लगभग दो हफ्ते पहले ही ईसीएनईसी (ECNEC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें रंगपुर शहर के चहुंमुखी विकास के लिए 1,800 करोड़ टका के भारी-भरकम फंड को औपचारिक रूप से मंजूरी प्रदान कर दी गई थी। इसके अतिरिक्त, स्थानीय सरकार मंत्रालय की मदद और सहयोग से जिले के अलग-अलग उपजिलों, विभिन्न यूनियनों तथा दूरदराज के गांवों में नए पुलों, पुलियाओं, स्कूलों, कॉलेजों और अन्य सभी प्रकार की जरूरी नागरिक सुविधाओं का बड़े पैमाने पर विकास किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इन सभी कल्याणकारी योजनाओं को समय पर पूरा करने और देश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के लिए सभी नागरिकों को अपने आपसी मतभेद भुलाकर मिलकर काम करना होगा।

मंदिर में भव्य स्वागत और 10 लाख टका की आर्थिक मदद

अपने इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री तारिक रहमान सबसे पहले सैदपुर एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से सीधे मंदिर परिसर के लिए रवाना हुए। मंदिर परिसर में पहुंचते ही उनका पारंपरिक और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान छोटे-छोटे बच्चों ने सुंदर डांस परफॉर्मेंस के जरिए प्रधानमंत्री का भव्य अभिनंदन किया और कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मंदिर में आए आम भक्तों और श्रद्धालुओं से बहुत ही आत्मीयता से बातचीत भी की।

कार्यक्रम के दौरान मंदिर के अध्यक्ष भबतोष सरकार और महासचिव खोकोन सरकार ने प्रधानमंत्री को एक सुंदर प्रतीक चिह्न भेंट कर उनका विशेष सम्मान किया। इसके जवाब में प्रधानमंत्री तारिक रहमान ने भी दरियादिली दिखाते हुए मंदिर के विकास और संचालन के लिए 10 लाख टका का आधिकारिक चेक सौंपा। अपने समापन भाषण में प्रधानमंत्री ने फिर से दोहराया कि बांग्लादेश वास्तव में इस देश के सभी धर्मों के करोड़ों लोगों का साझा घर है और सरकार बिना किसी भेदभाव के देश के हर एक नागरिक के कल्याण के लिए काम करना चाहती है। उन्होंने अंत में सभी लोगों से अपने आपसी गिले-शिकवे और मतभेद दूर कर पूरी तरह एकजुट रहने और देश के सर्वांगीण विकास में अपना बहुमूल्य योगदान देने की अपील की।

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