बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया इलाके में बुधवार की दोपहर एक बड़ा नाव हादसा सामने आया है। यहाँ गंगा नदी में जल संसाधन विभाग की एक नाव तेज बहाव की चपेट में आने के कारण पलट गई। इस नाव पर कुल 21 मजदूर सवार थे, जो इलाके में बांध टूटने के बाद राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए थे। यह घटना खरीक प्रखंड के राघोपुर इलाके में दोपहर करीब 2:30 बजे घटित हुई। नदी के जलस्तर में वृद्धि और तेज प्रवाह के कारण नाव अचानक अनियंत्रित हो गई और बीच धारा में समा गई।
हादसे का कारण और तत्काल बचाव
जानकारी के मुताबिक, जल संसाधन विभाग की यह नाव मजदूरों को लेकर राहत कार्यों के लिए जा रही थी। जैसे ही नाव नदी के बीच पहुंची, पानी की तेज धारा ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। नाव पलटते ही उस पर सवार मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। हादसे के तुरंत बाद 12 मजदूरों ने साहस का परिचय दिया और तैरकर सुरक्षित घाट तक पहुंचने में सफल रहे। स्थानीय लोगों ने भी बचाव के लिए तुरंत प्रयास शुरू किए और प्रशासन को सूचित किया।
एसडीआरएफ का रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम को बुलाया गया। एसडीआरएफ की टीम ने मोटरबोट और अन्य संसाधनों के साथ नदी में सघन तलाशी अभियान शुरू किया। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद 7 अन्य मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस तरह अब तक कुल 19 मजदूरों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है और बचाव दल को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
दो मजदूर अब भी लापता
इस हादसे में अभी भी 2 मजदूरों का सुराग नहीं मिल पाया है। लापता मजदूरों की पहचान 32 वर्षीय बादल मंडल और 55 वर्षीय सिकंदर मंडल के रूप में हुई है। बादल मंडल लोदीपुर के रहने वाले हैं, जबकि सिकंदर मंडल सिमरिया गांव के निवासी हैं। इन दोनों की तलाश के लिए एसडीआरएफ के गोताखोर लगातार गंगा की लहरों के बीच सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। नदी की तेज धारा बचाव कार्य में बड़ी बाधा बन रही है, लेकिन टीम लगातार प्रयास कर रही है।
परिजनों का बुरा हाल और आशंकाएं
प्रत्यक्षदर्शियों ने यह आशंका जताई है कि नाव पलटने के दौरान कुछ मजदूर उसके नीचे दब गए होंगे, हालांकि इसकी अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लापता मजदूरों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे नदी किनारे अपने अपनों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद में बैठे हैं। स्थानीय ग्रामीण भी बचाव दल की हर संभव मदद कर रहे हैं। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जब तक लापता मजदूरों का पता नहीं चल जाता, तब तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।