Indian Passport Ranking: भारतीय पासपोर्ट की ताकत बढ़ी: 85 से 80वें स्थान पर पहुंचा, 55 देशों में वीजा-फ्री एंट्री

Indian Passport Ranking - भारतीय पासपोर्ट की ताकत बढ़ी: 85 से 80वें स्थान पर पहुंचा, 55 देशों में वीजा-फ्री एंट्री
| Updated on: 14-Jan-2026 07:06 PM IST
हेनली एंड पार्टनर्स द्वारा जारी 2026 की नवीनतम पासपोर्ट रैंकिंग में भारतीय पासपोर्ट ने उल्लेखनीय सुधार दिखाया है और पिछले एक साल में भारत ने अपनी स्थिति में 5 स्थानों का सुधार करते हुए 85वें स्थान से 80वें स्थान पर छलांग लगाई है। यह प्रगति भारतीय नागरिकों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा के अवसरों में वृद्धि का संकेत देती है, हालांकि वीजा-फ्री एक्सेस वाले देशों की संख्या में मामूली कमी आई है।

भारतीय पासपोर्ट की बढ़ती ताकत

भारतीय पासपोर्ट की ताकत में यह वृद्धि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती साख और राजनयिक संबंधों को दर्शाती है। 2026 की रैंकिंग के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट धारक अब दुनिया भर के 55 देशों। में बिना पूर्व वीजा के या वीजा-ऑन-अराइवल की सुविधा के साथ यात्रा कर सकते हैं। यह सुविधा अंतरराष्ट्रीय व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए नए रास्ते खोलती है और पिछले साल, 2025 में, भारतीय पासपोर्ट 85वें स्थान पर था और 57 देशों में वीजा-फ्री पहुंच प्रदान करता था। 2024 में भी भारत की रैंक 80 थी, जिसका अर्थ है कि 2025 में गिरावट के बाद 2026 में फिर से सुधार देखने को मिला है। हालांकि, वीजा-फ्री यात्रा वाले देशों की संख्या में 2 देशों की कमी आई है, जो एक महत्वपूर्ण पहलू है जिस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

वैश्विक स्तर पर शीर्ष प्रदर्शनकर्ता

वैश्विक पासपोर्ट रैंकिंग में सिंगापुर ने लगातार दूसरे साल अपना शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। सिंगापुर का पासपोर्ट दुनिया का सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट है, जो अपने धारकों। को 227 में से 192 देशों में वीजा-फ्री एंट्री की अनुमति देता है। यह सिंगापुर की मजबूत अंतरराष्ट्रीय संबंधों और कूटनीति का प्रमाण है। जापान और दक्षिण कोरिया संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं, जिनके नागरिक 188 देशों में बिना वीजा के यात्रा कर सकते हैं और इन एशियाई देशों की लगातार उच्च रैंकिंग उनकी वैश्विक पहुंच और नागरिकों के लिए यात्रा की सुगमता को दर्शाती है।

अन्य प्रमुख देशों की स्थिति

तीसरे स्थान पर कई यूरोपीय देश संयुक्त रूप से काबिज हैं, जिनमें डेनमार्क, लक्जमबर्ग, स्पेन, स्वीडन और स्विटजरलैंड शामिल हैं। इन देशों के पासपोर्ट धारक 186 देशों में वीजा-फ्री एंट्री का आनंद लेते हैं और यह यूरोपीय संघ के भीतर और उसके बाहर मजबूत संबंधों का परिणाम है, जो इन देशों के नागरिकों को व्यापक यात्रा विकल्प प्रदान करता है। इन देशों की उच्च रैंकिंग उनके नागरिकों के लिए वैश्विक गतिशीलता और अवसरों को बढ़ाती है।

सबसे कमजोर पासपोर्ट: अफगानिस्तान और पाकिस्तान

रैंकिंग के निचले सिरे पर, अफगानिस्तानी पासपोर्ट दुनिया का सबसे कमजोर पासपोर्ट बना हुआ है, जो सूची में सबसे नीचे 101वें स्थान पर है। यह स्थिति अफगानिस्तान के नागरिकों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा को बेहद चुनौतीपूर्ण बनाती है और वहीं, पाकिस्तान ने भी अपनी रैंकिंग में सुधार किया है, 2025 में 103वें स्थान से 2026 में 98वें स्थान पर 5 स्थानों की छलांग लगाई है। हालांकि, इस सुधार के बावजूद, पाकिस्तानी पासपोर्ट अभी भी विश्व का पांचवां सबसे कमजोर पासपोर्ट है। पाकिस्तानी नागरिक अब 31 देशों में वीजा-फ्री यात्रा कर सकते हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या 33 थी। यह दर्शाता है कि रैंकिंग में सुधार के बावजूद, वीजा-फ्री एक्सेस वाले देशों की संख्या में कमी आई है।

पासपोर्ट रैंकिंग कैसे निर्धारित की जाती है?

हेनली एंड पार्टनर्स द्वारा यह रैंकिंग साल में दो बार जारी की जाती है, पहली बार जनवरी में और दूसरी बार जुलाई में। हेनली पासपोर्ट वीजा इंडेक्स की वेबसाइट के अनुसार, पूरे साल रियल टाइम डेटा अपडेट किया। जाता है, जिसमें वीजा नीतियों में होने वाले बदलावों को भी ध्यान में रखा जाता है। रैंकिंग इस आधार पर तय की जाती है कि किसी देश का पासपोर्ट। धारक कितने अन्य देशों में बिना पूर्व वीजा हासिल किए यात्रा कर सकता है। इसमें वीजा-फ्री ट्रैवल और वीजा-ऑन-अराइवल दोनों विकल्प शामिल होते हैं। वीजा-फ्री ट्रैवल का मतलब है कि कुछ खास देशों के लोग बिना। वीजा के भी जा सकते हैं, हालांकि इसकी कुछ शर्तें तय रहती हैं।

पासपोर्ट क्या है और इसका महत्व

पासपोर्ट किसी सरकार द्वारा जारी किया गया एक आधिकारिक दस्तावेज होता है जो अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए उसके धारक की पहचान और राष्ट्रीयता को सत्यापित करता है। यह एक ऐसा महत्वपूर्ण दस्तावेज है जिसका उपयोग अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने के लिए किया जाता है। पासपोर्ट के जरिए आप एक देश से दूसरे देश की यात्रा आसानी से और बिना किसी रोक-टोक के कर सकते हैं। यह किसी व्यक्ति की पहचान के लिए एक वैध प्रमाण होता है और इसकी मदद से व्यक्ति की पहचान की जा सकती है और एक मजबूत पासपोर्ट न केवल यात्रा की सुविधा प्रदान करता है, बल्कि यह किसी देश की वैश्विक प्रतिष्ठा और उसके नागरिकों के लिए उपलब्ध अवसरों का भी सूचक होता है।

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