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Bigg Boss 19 Eviction: दोस्त की एक गलती से अभिषेक बजाज और नीलम गिरी हुए बाहर, डबल एविक्शन का बड़ा झटका

Bigg Boss 19 Eviction: दोस्त की एक गलती से अभिषेक बजाज और नीलम गिरी हुए बाहर, डबल एविक्शन का बड़ा झटका
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इस हफ्ते 'बिग बॉस 19' के घर में एक ऐसा तूफान आया है, जिसने न केवल घर के सदस्यों को बल्कि पूरे देश के दर्शकों को भी स्तब्ध कर दिया है. यह तूफान डबल एविक्शन के रूप में आया, जिसमें एक साथ दो मजबूत दावेदारों को घर से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. यह फैसला 'बिग बॉस' के मेकर्स का एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा था, जिसने खेल की दिशा को पूरी तरह से बदल दिया है. पिछले हफ्ते, घर के एक महत्वपूर्ण सदस्य, प्रणित मोरे को एक. मेडिकल इमरजेंसी के कारण अचानक घर से बाहर जाना पड़ा था. इस अप्रत्याशित घटना के चलते उस हफ्ते कोई भी कंटेस्टेंट एलिमिनेट नहीं हुआ था, जिससे घर में एक खालीपन सा आ गया था. इस खाली जगह को भरने और खेल में नया मोड़ लाने के लिए, मेकर्स ने इस बार डबल एविक्शन का मास्टरस्ट्रोक खेला. इस ट्विस्ट ने घर के अंदर की अनिश्चितता को चरम पर पहुंचा दिया है, और अब बचे हुए कंटेस्टेंट्स को अपनी रणनीतियों पर गंभीरता से विचार करना होगा, क्योंकि अब कोई भी सुरक्षित नहीं है.

नीलम गिरी और अभिषेक बजाज हुए 'क्लीन बोल्ड'

इस अप्रत्याशित डबल एविक्शन में जिन दो कंटेस्टेंट्स को 'क्लीन बोल्ड' होकर घर. से बाहर जाना पड़ा, उनमें भोजपुरी सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री नीलम गिरी और टेलीविजन के जाने-माने चेहरे अभिषेक बजाज शामिल हैं. नीलम गिरी अपनी शालीनता, ईमानदारी और खेल के प्रति अपने सीधे-सादे रवैये के लिए घर में एक खास पहचान रखती थीं. वहीं, अभिषेक बजाज को घर के सबसे मजबूत, रणनीतिक और प्रभावशाली खिलाड़ियों में से एक माना जा रहा था. उनके खेल को देखकर कई दर्शक उन्हें विजेता के तौर पर भी देख रहे थे और ऐसे में उनका अचानक घर से बाहर होना, न केवल उनके प्रशंसकों के लिए बल्कि घर के अंदर मौजूद उनके दोस्तों और प्रतिद्वंदियों के लिए भी एक बड़ा झटका था. अभिषेक के एविक्शन का सबसे बड़ा और दिलचस्प पहलू यह है कि उन्हें अनजाने में किसी और ने नहीं, बल्कि उनके ही जिगरी दोस्त प्रणित मोरे ने बाहर का रास्ता दिखाया है. यह घटना 'बिग बॉस' के इतिहास में दोस्ती और खेल के बीच की जटिलता का एक नया अध्याय बन गई है.

नॉमिनेशन प्रक्रिया और सलमान खान का ऐलान

इस हफ्ते घर से बेघर होने के लिए कुल पांच सदस्य नॉमिनेट थे, जिससे घर में पहले से ही तनाव का माहौल था. इन नॉमिनेटेड सदस्यों में अभिषेक बजाज, नीलम गिरी, गौरव खन्ना, अशनूर कौर और फरहाना भट्ट शामिल थे और 'वीकेंड का वार' एपिसोड में हमेशा की तरह, शो के होस्ट सलमान खान ने घरवालों से बातचीत की और एविक्शन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया. उन्होंने सबसे पहले गौरव खन्ना और फरहाना भट्ट के सुरक्षित होने का ऐलान किया, जिससे इन दोनों कंटेस्टेंट्स और उनके समर्थकों ने राहत की सांस ली. इसके बाद, एविक्शन की तलवार अभिषेक बजाज, नीलम गिरी और अशनूर कौर पर लटक रही थी और इन तीनों में से कौन घर में अपनी जगह बनाए रखेगा और कौन बाहर जाएगा, यह जानने के लिए सभी की धड़कनें तेज हो गई थीं. घर का माहौल बेहद गंभीर और प्रत्याशा से भरा हुआ था, क्योंकि एक गलत कदम या एक अप्रत्याशित मोड़ किसी के भी सफर को खत्म कर सकता था.

प्रणित मोरे को मिली विशेष शक्ति

कहानी में सबसे बड़ा और निर्णायक मोड़ तब आया जब मेडिकल इमरजेंसी से पूरी तरह ठीक होकर घर में वापस लौटे प्रणित मोरे को 'बिग बॉस' ने एक विशेष शक्ति प्रदान की. प्रणित को यह अधिकार दिया गया था कि वे इन तीनों नॉमिनेटेड सदस्यों -. अभिषेक बजाज, नीलम गिरी और अशनूर कौर - में से किसी एक को बचा सकें. इस शक्ति का इस्तेमाल करने का मतलब था कि प्रणित का फैसला सीधे तौर पर किसी एक सदस्य के भाग्य का निर्धारण करेगा. हालांकि, घर में किसी भी सदस्य को, यहां तक कि प्रणित को भी इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि यह एक डबल एविक्शन है. सभी को यही लग रहा था कि प्रणित का यह फैसला केवल एक सदस्य को सुरक्षित करेगा और बाकी दो में से कोई एक ही घर से बेघर होगा और यह विशेष शक्ति प्रणित के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी थी, क्योंकि उन्हें अपने दोस्तों में से किसी एक को चुनना था, और उनका यह चुनाव पूरे खेल का रुख बदलने वाला था, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी.

प्रणित का गलत अनुमान और उसका परिणाम

प्रणित मोरे ने अपनी इस विशेष शक्ति का इस्तेमाल करते हुए अशनूर कौर को बचाने का फैसला किया. उनके इस फैसले के पीछे एक खास और मानवीय वजह थी. प्रणित को यह दृढ़ विश्वास था कि अभिषेक बजाज, जो घर के एक मजबूत खिलाड़ी हैं और जिनकी फैन फॉलोइंग भी काफी अच्छी है, उन्हें दर्शकों से भरपूर वोट मिले होंगे. उन्हें लगा कि अभिषेक वोटों के आधार पर आसानी से बच जाएंगे और सुरक्षित रहेंगे और शायद यही वजह थी कि उन्होंने अपने खास दोस्त अभिषेक की बजाय अपनी दूसरी दोस्त अशनूर कौर को चुना, यह सोचकर कि अभिषेक को उनके प्रशंसकों का पूरा समर्थन मिलेगा. हालांकि, प्रणित का यही विश्वास और उनका यह अनुमान उनकी दोस्ती पर भारी पड़ गया. मेकर्स ने उनके फैसले के तुरंत बाद डबल एविक्शन का ट्विस्ट लेकर आए, और इस अप्रत्याशित मोड़ के चलते अभिषेक बजाज तथा नीलम गिरी को एक साथ 'बिग बॉस' के घर से बाहर कर दिया गया. यह एक ऐसा क्षण था जिसने प्रणित को भी गहरे सदमे में डाल दिया होगा, क्योंकि उनके एक फैसले ने अनजाने में उनके सबसे अच्छे दोस्त को घर से बाहर कर दिया था.

दोस्त के अनजाने फैसले ने बिगाड़ा खेल

यह पूरी घटना 'बिग बॉस' के इतिहास के सबसे बड़े और अप्रत्याशित झटकों में से एक बन गई है और अभिषेक बजाज, जिन्हें घर के सबसे मजबूत कंटेस्टेंट्स में से एक माना जा रहा था और जिनके जीतने की उम्मीदें भी काफी प्रबल थीं, उन्हें किसी और की नहीं, बल्कि अपने ही सबसे खास दोस्त के अनजाने में लिए गए फैसले की वजह से शो छोड़ना पड़ा. यह स्थिति दोस्ती और खेल के बीच की उस बारीक रेखा को दर्शाती है, जहां एक दोस्त का अच्छा इरादा भी दूसरे दोस्त के लिए भारी पड़ सकता है. अगर प्रणित ने उस समय अभिषेक को बचाया होता, तो शायद नीलम गिरी के साथ अशनूर. कौर घर से बाहर होतीं और अभिषेक बजाज का सफर 'बिग बॉस' के घर में जारी रहता. इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि 'बिग बॉस' के घर में कब क्या हो जाए, कोई नहीं जानता, और एक छोटा सा फैसला भी पूरे खेल को पलट सकता है. यह एपिसोड निश्चित रूप से दर्शकों के मन में लंबे समय तक रहेगा, क्योंकि इसने दोस्ती, वफादारी और खेल के अप्रत्याशित स्वभाव पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

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