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मुंबई मेयर की कुर्सी पर बैठेगी मराठी महिला, ये 3 नाम सबसे आगे

मुंबई मेयर की कुर्सी पर बैठेगी मराठी महिला, ये 3 नाम सबसे आगे
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मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के चुनावों के नतीजों के बाद अब सबकी निगाहें मेयर की कुर्सी पर टिकी हैं। हाल ही में हुए लॉटरी सिस्टम के जरिए यह साफ हो गया है कि इस बार मुंबई का अगला महापौर कोई महिला ही होगी। मेयर पद महिला कोटे में आरक्षित होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के भीतर सरगर्मी बढ़ गई है। पार्टी के पास महिला पार्षदों की एक लंबी फौज है, लेकिन सूत्रों की। मानें तो कुछ खास नाम इस रेस में सबसे आगे चल रहे हैं।

मराठी महिला के हाथ में होगी मुंबई की कमान

बीजेपी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पार्टी इस बार किसी मराठी महिला चेहरे को ही मेयर की कुर्सी पर बिठाने के पक्ष में है। मुंबई की राजनीति में मराठी अस्मिता का मुद्दा हमेशा से अहम रहा। है, ऐसे में बीजेपी किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहती। पार्टी के पास कुल 47 महिला पार्षद हैं, जिनमें से कई अनुभवी हैं और कई युवा चेहरे भी शामिल हैं। लॉटरी सिस्टम ने यह तय कर दिया है कि अब बीएमसी सदन का नेतृत्व एक महिला नगरसेविका ही करेगी।

रेस में सबसे आगे हैं ये तीन दिग्गज नाम

बीजेपी के भीतर तीन नामों पर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है। इनमें पहला नाम तेजस्वी घोसाळकर का है। तेजस्वी को मेयर पद की रेस में सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। वह एक युवा चेहरा हैं और उनकी सक्रियता पार्टी के भीतर काफी सराही जाती है। दूसरा प्रमुख नाम अलका केरकर का है। अलका ने महिला आरक्षित सीट से जीत हासिल की है और उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार को करारी शिकस्त दी है, जिससे उनका कद पार्टी में काफी बढ़ गया है। तीसरा नाम राजश्री शिरवडकर का है, जो अपनी तेज-तर्रार वक्तृत्व शैली के लिए जानी जाती हैं। राजश्री का अनुभव और सदन में उनकी पकड़ उन्हें एक मजबूत विकल्प बनाती है।

अन्य महिला पार्षदों की दावेदारी भी मजबूत

इन तीन नामों के अलावा भी कई ऐसी महिलाएं हैं जो मेयर पद की दौड़ में शामिल हैं और रानी द्विवेदी, जो मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र नागपुर से ताल्लुक रखती हैं और एक प्रभावशाली मराठी चेहरा हैं, उनकी दावेदारी को भी कम नहीं आंका जा सकता। वहीं, श्वेता कोरगांवकर जैसी युवा और सक्रिय पार्षद भी इस सूची में शामिल हैं। इसके अलावा योगिता पाटिल, सीमा किरण शिंदे, डॉ. शिल्पा सांगोरे और दक्षता कवठंकार जैसी महिला पार्षदों के नाम भी चर्चाओं में हैं। बीजेपी हाईकमान इन सभी नामों पर विचार कर रहा है ताकि महायुति की रणनीति के अनुसार सबसे उपयुक्त उम्मीदवार का चयन किया जा सके।

बीएमसी चुनाव के नतीजों का समीकरण

इस बार के बीएमसी चुनाव काफी दिलचस्प रहे हैं। बीजेपी ने 89 सीटों पर जीत दर्ज कर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में अपनी जगह बनाई है। वहीं, शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) को 29 सीटें मिली हैं। विपक्षी खेमे में शिवसेना यूबीटी ने 65 सीटों पर कब्जा किया है, जबकि कांग्रेस को 24 सीटें मिली हैं। अन्य दलों की बात करें तो मनसे को 6, एमआईएमआईएम को 8, और शरद पवार की एनसीपी को 1 सीट मिली है। अजित पवार गुट को 3 और समाजवादी पार्टी को 2 सीटें मिली हैं। बहुमत के इस आंकड़े में बीजेपी और शिंदे गुट की महायुति काफी मजबूत स्थिति में है, जिससे मेयर पद पर उनकी दावेदारी पक्की मानी जा रही है।

अंतिम फैसला हाईकमान के हाथ में

हालांकि कई नाम रेस में चल रहे हैं, लेकिन अंतिम मुहर पार्टी। हाईकमान और महायुति के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद ही लगेगी। मुंबई मेयर का पद न केवल सम्मान का विषय है, बल्कि यह आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के लिहाज से भी राजनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है। बीजेपी नेतृत्व एक ऐसे चेहरे की तलाश में है जो प्रशासनिक। कार्यों में कुशल हो और जनता के बीच भी लोकप्रिय हो। आने वाले कुछ दिनों में यह तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी कि। देश की सबसे अमीर नगर पालिका की कमान किस महिला के हाथ में होगी।

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