ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा 18 से 22 फरवरी के बीच भारत की राजकीय यात्रा पर आ रहे हैं। राजनयिक सूत्रों के अनुसार, यह दौरा दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को एक नए स्तर पर ले जाने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है और ब्राजील के राजदूत केनेथ एच. दा नोब्रेगा ने संकेत दिया है कि इस यात्रा के दौरान फार्मास्यूटिकल्स, क्रिटिकल मिनरल्स, विमानन और रक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में ठोस समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब दोनों देश वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी भूमिका को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।
19 अरब डॉलर है। दोनों देशों ने इसे अगले पांच वर्षों में बढ़ाकर 20 अरब डॉलर करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए भारत-मर्कोसुर (MERCOSUR) अधिमान्य व्यापार समझौते (PTA) के विस्तार पर चर्चा की जाएगी और अधिकारियों के अनुसार, व्यापार बाधाओं को कम करने और नए बाजार क्षेत्रों को खोलने से दोनों देशों के निर्यातकों को लाभ होगा।
20 अरब डॉलर के द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति लूला ने आर्थिक साझेदारी को गहरा करने के लिए व्यापार ढांचे को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की है। वर्तमान में व्यापार संतुलन को और अधिक समावेशी बनाने के लिए दोनों पक्ष कृषि, ऊर्जा और विनिर्माण क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के बीच होने वाली बैठकों में निवेश के नए अवसरों और सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर चर्चा होने की उम्मीद है।
क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ खनिजों पर रणनीतिक सहयोग
भारत के लिए इस दौरे का एक महत्वपूर्ण पहलू क्रिटिकल मिनरल्स और रेयर अर्थ खनिजों की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। ब्राजील के पास लिथियम और अन्य दुर्लभ खनिजों का विशाल भंडार है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और उच्च-तकनीकी इलेक्ट्रॉनिक्स के निर्माण के लिए आवश्यक हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दोनों देश इन खनिजों के अन्वेषण और प्रसंस्करण में सहयोग के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर कर सकते हैं और यह सहयोग भारत की ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फार्मास्यूटिकल्स और स्वास्थ्य क्षेत्र में साझेदारी
स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग इस यात्रा का एक अन्य प्रमुख स्तंभ है। ब्राजील अपनी सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली के लिए सस्ती और उच्च गुणवत्ता वाली दवाओं की तलाश में है, जिसमें भारतीय फार्मा कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। प्रस्तावित समझौतों के तहत, भारतीय दवाओं के पंजीकरण और निर्यात की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया जाएगा। इससे भारतीय दवा निर्माताओं को लैटिन अमेरिकी बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने में मदद मिलेगी, जबकि ब्राजील को स्वास्थ्य देखभाल लागत कम करने में सहायता प्राप्त होगी।
रक्षा और एयरोस्पेस: 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा
रक्षा और विमानन क्षेत्र में बड़े औद्योगिक सहयोग की संभावना है। रिपोर्टों के अनुसार, अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस और ब्राजील की विमान निर्माता कंपनी एम्ब्रेयर के बीच भारत में क्षेत्रीय परिवहन विमानों के निर्माण के लिए बातचीत अंतिम चरण में है। यह साझेदारी 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत घरेलू विमानन विनिर्माण क्षमता को बढ़ाने में सहायक होगी। इसके अतिरिक्त, रक्षा प्रौद्योगिकियों के साझा विकास और सैन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
वीजा नियमों में ढील और पर्यटन को प्रोत्साहन
दोनों देशों के बीच लोगों से लोगों के संपर्क को बढ़ावा देने के लिए ब्राजील ने भारतीय नागरिकों के लिए 10 साल का मल्टीपल-एंट्री वीजा शुरू करने का निर्णय लिया है। यह कदम पर्यटन, व्यापार यात्राओं और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को सरल बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, वीजा प्रक्रियाओं के सरलीकरण से न केवल पर्यटन क्षेत्र को लाभ होगा, बल्कि दोनों देशों के पेशेवरों और उद्यमियों के लिए व्यापारिक यात्राएं भी सुगम हो जाएंगी।