Silver Price Today: चांदी ने रचा इतिहास! पहली बार ₹3 लाख के पार, 1 महीने में ₹1 लाख का बड़ा उछाल, जानें आगे क्या?

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Silver Price Today - चांदी ने रचा इतिहास! पहली बार ₹3 लाख के पार, 1 महीने में ₹1 लाख का बड़ा उछाल, जानें आगे क्या?
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आज 19 जनवरी को भारतीय कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी ने एक नया इतिहास रच दिया है। पहली बार चांदी की कीमतें ₹3 लाख प्रति किलोग्राम के आंकड़े को पार कर गई हैं, जिसमें एक ही दिन में ₹14,000 से अधिक की जबरदस्त तेजी देखी गई। शुक्रवार को चांदी ₹2 और 87 लाख के करीब कारोबार कर रही थी, लेकिन आज के कारोबार में इसने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। सर्राफा बाजार में भी चांदी की कीमतें करीब ₹12,000 बढ़कर ₹2. 94 लाख प्रति किलो पर पहुंच गई हैं, जो निवेशकों। और आम जनता दोनों के लिए एक चौंकाने वाली खबर है।

चांदी की कीमतों में उछाल की ऐतिहासिक रफ्तार

चांदी की कीमतों में यह उछाल उसकी बढ़ती मांग और सीमित आपूर्ति का सीधा परिणाम है। आंकड़ों पर गौर करें तो चांदी की रफ्तार लगातार तेज होती जा रही है। लगभग एक महीने पहले, 15 दिसंबर के आसपास, चांदी पहली बार ₹2 लाख प्रति किलो पर पहुंची थी। इसका मतलब है कि चांदी को ₹2 लाख से ₹3। लाख तक पहुंचने में सिर्फ एक महीने का समय लगा है। वहीं, इसे ₹1 लाख से ₹2 लाख तक पहुंचने में 9 महीने लगे थे, जबकि ₹50,000 से ₹1 लाख तक पहुंचने में 14 साल का लंबा समय लगा था। यह आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि चांदी की कीमतों में वृद्धि की गति अब अभूतपूर्व स्तर पर पहुंच गई है, जो निवेशकों के लिए उत्सुकता का विषय बन गई है।

चांदी की कीमतों में अचानक उछाल की प्रमुख वजहें

चांदी की कीमतों में इस अप्रत्याशित वृद्धि के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक काम कर रहे हैं, जो इसकी मांग और आपूर्ति के संतुलन को प्रभावित कर रहे हैं। इन कारणों को समझना निवेशकों के लिए बेहद जरूरी है ताकि वे सही निवेश निर्णय ले सकें।

बढ़ती औद्योगिक मांग

चांदी अब केवल गहनों तक ही सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह आधुनिक उद्योगों की रीढ़ बन गई है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और 5G टेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों में चांदी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है। पूरी दुनिया में 'ग्रीन एनर्जी' पर बढ़ते फोकस के कारण सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक वाहनों का। उत्पादन तेजी से बढ़ रहा है, जिससे चांदी की खपत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। चांदी की उच्च चालकता और परावर्तकता इसे इन तकनीकों के लिए एक अनिवार्य धातु बनाती है।

आपूर्ति में भारी कमी

चांदी की मांग जिस तेजी से बढ़ रही है, उस अनुपात में खदानों से इसका उत्पादन नहीं बढ़ पा रहा है और कई देशों में सख्त पर्यावरण नियमों के कारण नई खदानों की योजनाबद्ध खुदाई कम हो गई है, जिससे आपूर्ति पर सीधा असर पड़ा है। इसके अलावा, लगभग 70% चांदी, तांबे और जस्ता जैसी अन्य धातुओं की खुदाई के दौरान एक उप-उत्पाद (बाय-प्रोडक्ट) के रूप में निकलती है और जब तक तांबे या जस्ता की खुदाई नहीं बढ़ती, तब तक चांदी की आपूर्ति में उल्लेखनीय वृद्धि संभव नहीं है। इस मांग और आपूर्ति के भारी अंतर के कारण बाजार में चांदी की कमी बनी हुई है, जिससे कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।

सुरक्षित निवेश का बढ़ता आकर्षण

दुनियाभर में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव, बढ़ती महंगाई और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण कई निवेशक शेयर बाजार जैसे अस्थिर विकल्पों के बजाय सोने-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की ओर रुख कर रहे हैं। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतें डॉलर में तय होती हैं और जब डॉलर इंडेक्स (DXY) कमजोर होता है, तो चांदी की कीमतों में उछाल आता है क्योंकि यह अन्य मुद्राओं वाले निवेशकों के लिए सस्ती हो जाती है। वर्तमान में डॉलर इंडेक्स 109 के उच्च स्तर से गिरकर 98 के करीब आ गया है, जिसने चांदी की कीमतों को और बढ़ावा दिया है। **क्या इस समय चांदी में निवेश करना सही है? चांदी की कीमतों में इस ऐतिहासिक उछाल के बाद, कई निवेशकों के मन में यह सवाल है कि क्या यह चांदी में निवेश करने का सही समय है।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज:

उनके विश्लेषण के अनुसार, 2026 तक चांदी ₹3. 20 लाख प्रति किलो तक पहुंच सकती है। सोलर और EV की बढ़ती मांग को देखते हुए, वे हर गिरावट पर खरीदारी की सलाह देते हैं, क्योंकि लंबी अवधि में इसमें और तेजी आने की संभावना है।

सैमको सिक्योरिटीज:

सैमको सिक्योरिटीज के विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी ब्रेकआउट और मजबूत वैश्विक संकेतों के आधार पर चांदी की कीमतें ₹3. 94 लाख प्रति किलो के स्तर को भी छू सकती हैं। यह एक बड़ा अनुमान है जो चांदी की मजबूत गति को दर्शाता है।

नीलेश सुराना (कमोडिटी एक्सपर्ट):

उनका अनुमान है कि ग्रीन एनर्जी की बढ़ती मांग और अमेरिकी ब्याज दरों में संभावित कटौती से चांदी अंतरराष्ट्रीय बाजार में $100 प्रति औंस (जो भारतीय रुपये में करीब ₹3. 5-4 लाख के बराबर है) तक जा सकती है। यह संकेत देता है कि वैश्विक कारक भी चांदी के लिए अनुकूल हैं।

पोनमुडी आर (CEO, एनरिच मनी):

पोनमुडी आर का कहना है कि चांदी में लंबी अवधि की तेजी का दौर अभी जारी रहेगा। इसलिए, निवेशकों को कीमतों में आने वाली हर छोटी गिरावट का फायदा उठाना चाहिए और लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहिए।

रॉबर्ट कियोसाकी (ग्लोबल इन्वेस्टर):

प्रसिद्ध निवेशक रॉबर्ट कियोसाकी ने डॉलर की कमजोरी और बढ़ती महंगाई को देखते हुए भविष्यवाणी की है कि चांदी साल 2026 में $200 प्रति औंस के चौंकाने वाले स्तर तक भी जा सकती है। यह एक बेहद आक्रामक अनुमान है जो चांदी की भविष्य की क्षमता को दर्शाता है। इन सभी विशेषज्ञों की राय से यह स्पष्ट होता है कि चांदी में निवेश के लिए अभी भी सकारात्मक माहौल बना हुआ है, खासकर लंबी अवधि के लिए।

चांदी में निवेश के सुरक्षित और लोकप्रिय तरीके

यदि आप चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो इसके तीन मुख्य और लोकप्रिय तरीके हैं, जिनमें से प्रत्येक के अपने फायदे और जोखिम हैं: **1. यह चांदी में निवेश का सबसे सीधा और पारंपरिक तरीका है और आप बाजार से सीधे चांदी के सिक्के या बार (ईंट) खरीद सकते हैं। इसमें आपको एक ठोस संपत्ति मिलती है जिसे आप छू सकते हैं और देख सकते हैं। हालांकि, इसमें चोरी या शुद्धता की चिंता रहती है और इसलिए, हमेशा BIS हॉलमार्क्ड चांदी ही खरीदनी चाहिए। इसे आप जाने-माने ज्वेलर्स, कुछ बैंकों या विश्वसनीय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स से खरीद सकते हैं। भौतिक चांदी को सुरक्षित रखने के लिए लॉकर या सुरक्षित स्थान की आवश्यकता होती है।

2. सिल्वर ईटीएफ (Exchange Traded Funds) चांदी की कीमतों पर आधारित होते हैं। इसमें आपका पैसा चांदी की कीमत के हिसाब से बढ़ता-घटता है, लेकिन आप सीधे भौतिक चांदी नहीं खरीदते। ये स्टॉक एक्सचेंज पर शेयरों की तरह ट्रेड होते हैं, जिससे इन्हें खरीदना और बेचना आसान होता है और सिल्वर ईटीएफ खरीदने के लिए आपके पास एक डीमैट अकाउंट होना जरूरी है। इसमें भौतिक चांदी की तरह चोरी या शुद्धता की कोई चिंता नहीं करनी पड़ती, और यह निवेश का एक सुविधाजनक तरीका है।

3. सिल्वर फ्यूचर्स ट्रेडिंग का एक तरीका है, जहां आप एक कॉन्ट्रैक्ट करते हैं कि। आप भविष्य की किसी तय तारीख पर एक निश्चित कीमत पर चांदी खरीदेंगे या बेचेंगे। यह MCX (कमोडिटी एक्सचेंज) पर होता है और इसमें आप कम पैसे लगाकर मार्जिन के साथ ज्यादा मूल्य की चांदी खरीद या बेच सकते हैं, जिससे बड़े लाभ की संभावना होती है। हालांकि, इसमें बाजार की अस्थिरता और लीवरेज के कारण जोखिम भी बहुत ज्यादा होता है। यह तरीका उन निवेशकों के लिए अधिक उपयुक्त है जो बाजार की गहरी समझ रखते हैं और उच्च जोखिम लेने को तैयार हैं। चांदी की कीमतों में यह उछाल एक महत्वपूर्ण आर्थिक घटना है, जो वैश्विक बाजार की बदलती गतिशीलता और ग्रीन एनर्जी की बढ़ती मांग को दर्शाता है। निवेशकों को अपनी जोखिम क्षमता और निवेश लक्ष्यों के अनुसार इन विकल्पों पर विचार करना चाहिए।