चीन के वैज्ञानिकों ने एक नए और बेहद खतरनाक वायरस की खोज की है जो इंसानों में तेज बुखार और सिरदर्द जैसे गंभीर लक्षण पैदा कर रहा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, इस वायरस के बारे में शुरुआती जानकारी चूहों पर किए गए परीक्षणों के दौरान मिली थी, जिसके बाद आम लोगों पर भी इसका परीक्षण किया गया। शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलता है, जो एक राहत की बात है। हालांकि, इसके संक्रमण के तरीके और इसके प्रभाव ने वैज्ञानिकों को चिंता में डाल दिया है और वे इसकी बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।
वायरस की पहचान और शोध रिपोर्ट
द न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, इस नए वायरस का नाम एशियाई लॉन्गहॉर्न टिक नाइरोवायरस रखा गया है। यह वायरस मुख्य रूप से टिक के काटने से पनपता है और पशुओं से इंसानों में फैलता है। चीन में इस वायरस की खोज ने एक बार फिर 2019 की यादें ताजा कर दी हैं, जब वहां कोरोना वायरस की पहचान हुई थी और उसने पूरी दुनिया में उथल-पुथल मचा दी थी। वैज्ञानिकों का कहना है कि वे इस वायरस के असर को खत्म करने के लिए जल्द ही वैक्सीन विकसित करने की दिशा में काम करेंगे ताकि भविष्य के खतरों से बचा जा सके।
चीन में वायरस का प्रसार और परीक्षण
बीजिंग स्थित स्टेट की लेबोरेटरी ऑफ पैथोजन एंड बायोसिक्योरिटी के शोधकर्ताओं का कहना है कि हाल के दिनों में चीन में हजारों लोगों में इस वायरस के लक्षण देखे गए हैं और वायरस की सटीक पहचान और इसके प्रसार को समझने के लिए शोधकर्ताओं ने चीन में 3163 लोगों का परीक्षण किया। इस बड़े पैमाने पर किए गए परीक्षण में शामिल 10 दशमलव 4 प्रतिशत लोग निगेटिव पाए गए। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि वायरस का प्रभाव परीक्षण किए गए समूह में काफी अधिक था।
मृत्यु दर और खतरे की गंभीरता
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस वायरस की चपेट में आने वाले मरीजों के लिए मृत्यु दर 10 से 30 प्रतिशत के बीच है। इस उच्च मृत्यु दर के कारण ही इस वायरस को काफी खतरनाक माना जा रहा है और हालांकि, शोध में यह भी देखा गया है कि कुछ मामलों में इस बीमारी से पीड़ित मरीज बिना किसी विशेष उपचार के खुद ही ठीक हो जा रहे हैं। वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण चेतावनी दी है कि जब यह वायरस किसी और वायरस के साथ शरीर में प्रवेश करता है, तो यह और भी अधिक घातक हो जाता है।
बीमारी के लक्षण और फैलने का तरीका
यह टिक वायरस किसी व्यक्ति को तभी अपनी चपेट में लेता है जब वह सीधे तौर पर इसके संपर्क में आता है। यानी आप इस वायरस से तभी पीड़ित हो सकते हैं, जब आपको टिक काटता है। यह कोरोना की तरह हवा या स्पर्श से एक इंसान से दूसरे इंसान में नहीं फैलता है। इसी कारण से अभी तक इसको लेकर कोई वैश्विक अलर्ट जारी नहीं किया गया है। वायरस से पीड़ित लोगों में मुख्य रूप से एसिडिटी, मतली, तेज बुखार और सिरदर्द जैसे लक्षण देखे गए हैं। ये लक्षण पाचन और तंत्रिका तंत्र पर वायरस के प्रभाव को दर्शाते हैं।
भारत और अमेरिका के लिए खतरा
चीन के 15 प्रांतों में इस वायरस से पीड़ित मरीजों की पहचान की जा चुकी है, जो इसके व्यापक प्रसार का संकेत है। अमेरिका के संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. टायलर इवांस ने न्यूजवीक मैगजीन से बात करते हुए कहा कि परीक्षण की जो रिपोर्ट सामने आई है, वह काफी डराने वाली है। रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला तथ्य यह है कि मादा वायरस बिना संभोग के ही हजारों अंडे पैदा कर रही है, जिससे यह तेजी से फैल रहा है। डॉ और इवांस ने यह भी जानकारी दी कि इस बीमारी के लक्षणों वाले कुछ मरीज अमेरिका में भी देखे गए हैं और वहां उनकी गहन जांच की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका में इसकी पुष्टि होती है, तो यह स्थिति काफी खतरनाक हो सकती है।