उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चल रही जांच को लेकर एक बड़ा और कड़ा बयान दिया है। विशेष जांच दल (एसआईटी) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर दर्ज हुई पहली एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मामले में उचित और कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। उन्होंने बताया कि इस मामले में अब तक 8 गिरफ्तारियां की जा चुकी हैं और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पहले ही वादा किया था कि एसआईटी की रिपोर्ट आने पर सख्त कदम उठाए जाएंगे और अब वह प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
विपक्ष पर तीखा प्रहार और आस्था का सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन लोगों पर निशाना साधा जो वर्तमान में जांच और सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग आज आरोप लगा रहे हैं, उनकी मंशा कभी भी अच्छी नहीं रही है। ये वही लोग हैं जिन्होंने अतीत में भगवान राम के अस्तित्व को नकारा था और कहा था कि राम हुए ही नहीं। उन्होंने विपक्षी दलों को याद दिलाया कि अयोध्या हम सभी की आस्था का केंद्र है और इस पर आक्षेप करना अनुचित है। मुख्यमंत्री ने विपक्ष को सलाह दी कि उन्हें श्रीराम की मर्यादा का पालन करना सीखना चाहिए और रामभक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने पहले दिन से ही कहा था कि इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी होगा।
जीरो टॉलरेंस की नीति और माफिया पर प्रहार
देवरिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं को दोहराया। उन्होंने कहा कि जन आस्था के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, उसके खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत काम किया जाएगा। यह नीति केवल अपराध और अपराधियों के प्रति ही नहीं, बल्कि माफिया और माफिया प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ भी उतनी ही सख्त है और सीएम योगी ने चेतावनी दी कि जो लोग उत्सवपूर्ण माहौल में उत्पात मचाने की कोशिश करेंगे, उन्हें इसका खामियाजा 7 पीढ़ियों तक भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति का उद्देश्य प्रदेश में शांति और सुरक्षा का माहौल बनाए रखना है।
सपा और कांग्रेस के शासनकाल की याद
विपक्षी दलों, विशेषकर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दलों ने प्रदेश को माफियाग्रस्त और दंगाग्रस्त बना दिया था। उन्होंने 2016 की एक घटना का जिक्र किया जब मदनपुर थाने में असलहे लूट लिए गए थे और पूरे थाने को आग के हवाले कर दिया गया था। उन्होंने वर्तमान स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि आज मोहर्रम के अवसर पर कहीं भी कोई अप्रिय घटना नहीं हो रही है और किसी को भी सड़कों पर गुंडागर्दी करने या अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने देश को केवल लूटा ही नहीं, बल्कि उसे नोचा भी है।
रामभक्तों की अग्निपरीक्षा न लेने की चेतावनी
मुख्यमंत्री ने विपक्षी दलों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे रामभक्तों की अग्निपरीक्षा न लें और उन्होंने कहा कि जो लोग रामभक्तों पर लाठी और गोली चलाते थे और रामनवमी पर दंगे करवाते थे, वे आज आस्था की सीख दे रहे हैं। उन्होंने विपक्ष से कहा कि अगर उनके पास कोई ठोस प्रमाण है, तो उन्हें एसआईटी के सामने सबूत पेश करने चाहिए। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाने वाले और राम के अस्तित्व को नकारने वाले लोग आज केवल राजनीति कर रहे हैं, जबकि सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ दोषियों को सजा दिलाने के लिए काम कर रही है।